इस जीवन की पुस्तक में जो कुछ भी लिखा है-
अगर उसे पढ़ना है तो बड़े ध्यान से पढ़ना चाहिए।
क्योंकि
इसमें जो लिखा है-
वह दुःख के लिए नहीं, बल्कि सुख पाने के लिए लिखा है।
उस परम आनंद,
परम शांति के लिए लिखा है,
जो पहले से तुम्हारे अन्दर मौजूद है!
पर तुम उससे अनभिज्ञ हो।
अगर
इस पुस्तक को पढ़ना है तो –
“हृदय की भाषा” को सीखो।
जिस दिन तुमको
हृदय की भाषा समझ में आने लगेगी,
उस दिन
तुमको यह बात समझ आने लगेगी कि –
सचमुच में यह जीवन अत्यंत अनमोल है।
यदि तुम अपने हृदय की भाषा को नहीं समझ पा रहे हो
तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूँ।
-प्रेम रावत
🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.