Category: Stories

  • भाव” “अभाव” और “प्रभाव

    “भाव” “अभाव” और “प्रभाव” 💗 महाभारत का युद्ध रोकने के अंतिम प्रयास हेतु स्वयं श्री कृष्ण शांति प्रस्ताव लेकर हस्तीनापुर पहुंचे! कुटिल शकुनी ने कृष्ण को भोजन पर आमंत्रित करने की योजना बनाई! स्वयं दुर्योधन ने उनको निमंत्रण दिया!कृष्ण तो फिर कृष्ण हैं! उन्होंने निमंत्रण अस्वीकार कर दिया और जा पहुँचे विदुर के घर! विदुरानी…

  • आत्म-दर्शी” व “आत्म-अन्वेषक

    *”आत्म-दर्शी” व “आत्म-अन्वेषक”*🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊 आज मनुष्य अपने शरीर निर्वाह के लिए, परिवार पालन के लिए ऊंची से ऊंची लौकिक शिक्षा प्राप्त करता है। परंतु अलौकिक शिक्षा से आत्मा को पुष्ट और पवित्र करने का विचार नहीं करता क्योंकि वह अपने आत्मिक अस्तित्व के बारे में जानता ही नहीं। *जो शिक्षा मनुष्य को चरित्रवान बनाए! उसे उसके…

  • जीवन की सच्ची सार्थकता

    💫 *जीवन की सच्ची सार्थकता*🌷 ✍️ किसी ने अपने भगवान से पूछा कि, *”शांति चाहिए, इसके लिए मैं क्या करूं?* जवाब मिला, *”कुछ मत करो, बल्कि जो कर रहे हो उसे बंद कर दो! शांति का अहसास होने लगेगा! क्वयोंकि ह तुम्हारे ही अन्दर है! उसको कही आना जाना नहीं है!*बतौर उदाहरण आप झूले पर…

  • सेठ जी की परीक्षा

    *💐💐सेठ जी की परीक्षा💐💐* बनारस में एक बड़े धनवान सेठ रहते थे। वह विष्णु भगवान् के परम भक्त थे और हमेशा सच बोला करते थे! एक बार जब भगवान् सेठ जी की प्रशंशा कर रहे थे तभी माँ लक्ष्मी ने कहा , *”स्वामी, आप इस सेठ की इतनी प्रसंशा किया करते हैं, क्यों न आज…

  • जीवनदाता और मृत्यु

    जीवनदाता और मृत्यु जंगल में एक पेड़ पर दो बाज प्रेमपूर्वक रहते थे। दोनों शिकार की तलाश में निकलते और जो भी हाथ लगता शाम को उसे मिल बांटकर खाते। लंबे काल-खंड से यही क्रम चल रहा था। एक दिन दोनों शिकार कर के लौटे तो *एक की चोंच में चूहा और दुसरे की चोंच…

  • जीवन का आनंद

    *💐💐जीवन का आनंद💐💐* बहुत समय पहले की बात है जब सिकंदर अपने शक्ति के बल पर दुनिया भर में राज करने लगा था! वह अपनी शक्ति पर इतना गुमान करने लगा था कि *अब वह अमर होना चाहता था!*उसने पता लगाया कि *कहीं ऐसा जल है जिसे पीने से व्यक्ति अमर हो सकता है!* देश-दुनिया…

  • सृष्टि का कठोरतम दण्ड!

    सृष्टि का कठोरतम दण्ड! एक दिन संध्या के समय सरयू के तट पर तीनों भाइयों संग टहलते श्रीराम से महात्मा भरत ने कहा, “एक बात पूछूं भईया? माता कैकई ने आपको वनवास दिलाने के लिए मंथरा के साथ मिल कर जो षड्यंत्र किया था, क्या वह राजद्रोह नहीं था? उनके षड्यंत्र के कारण एक ओर…

  • काह भरोसा देह का, बिनस जात छान माही।

    *काह भरोसा देह का, बिनस जात छान माही।**सांस सांस सुमरिन करो, और यतन कुछ नाही।।* एक डॉक्टर बहुत ही होशियार थे । उनके बारे में यह कहा जाता था कि *वह मौत के मुंह में से भी बीमार को वापस ले आते थे।* डॉक्टर के पास जो भी मरीज आता वह उससे एक फॉर्म भरवाते…

  • सम्यक द्रष्टि- तेरे साथ कुछ नही जायेगा

    सम्यक द्रष्टि- तेरे साथ कुछ नही जायेगा एक बहुत प्रभावशाली, बुद्धि और वैभव से संपन्न राजा था! आस-पास के राजा भी समय-समय पर उससे परामर्श लिया करते थे! एक दिन राजा अपनी शैया पर लेेटे-लेटे सोचने लगा, मैं कितना भाग्यशाली हूं! कितना विशाल है मेरा परिवार! कितना समृद्ध है मेरा अंत:पुर! कितनी मजबूत है मेरी…

  • फकीर का भरोसा

    फकीर का भरोसा.एक फकीर के घर रात चोर घुसे। घर में कुछ भी न था। सिर्फ एक कंबल था, जो फकीर ओढ़े लेटा हुआ था। सर्द रात, पूर्णिमा की रात। फकीर रोने लगा क्योंकि घर में चोर आएं और चुराने को कुछ नहीं है, इस पीड़ा से रोने लगा। उसकी सिसकियां सुन कर चोरों ने…