August 11, 2022 in Stories
सत्संग का फल
सत्संग का फल एक था मजदूर। मजदूर तो था, साथ-ही-साथ किसी संत महात्मा का प्यारा भी था। सत्संग का प्रेमी था।उसने शपथ खाई थी! मैं उसी का बोझ उठाऊँगा, उसी की मजदूरी करूँगा, जो सत्संग सुने अथवा मुझे सुनाये..प्रारम्भ में ही यह शर्त रख देता था। जो सहमत होता, उसका काम करता।.एक बार कोई सेठ […]






