Category: Stories

  • सरलता से प्रभु मिलते हैं

    सरलता से प्रभु मिलते हैं बहुत साल पहले की बात है। एक आलसी लेकिन भोलाभाला युवक था आनंद।.दिन भर कोई काम नहीं करता बस खाता ही रहता और सोए रहता। घर वालों ने कहा चलो जाओ निकलो घर से, कोई काम धाम करते नहीं हो बस पड़े रहते हो।.वह घर से निकल कर यूं ही…

  • अपेक्षाएं छोड़ खुद से बात करें

    *-अपेक्षाएं छोड़ खुद से बात करें-* एक मटका व गुलदस्ता यदि साथ खरीदें और घर लाते ही 100 रुपये का मटका फूट जाए तो *हमें इस बात का दुःख होता है, क्योंकि मटका इतनी जल्दी फूट जायेगा ऐसी हमें कल्पना भी नहीं थी।*परंतुगुलदस्ते के फूल जो 200 रूपये के हैं, वे शाम तक मुरझा जाते…

  • घोर घने वन में

    घोर घने वन में================== एक बार विदुर जी संसार भ्रमण करके धृतराष्ट्र के पास पहुँचे तो धृतराष्ट्र ने कहा, “विदुर जी ! सारा संसार घूमकर आये हो आप, कहिये कहाँ-कहाँ पर क्या देखा आपने?”〰️🏵️🍥🏵️〰️विदुर जी बोले, “राजन् ! कितने आश्चर्य की बात देखी है मैंने। सारा संसार लोभ शृंखलाओं में फँस गया है। काम, क्रोध,…

  • हम सभी जानते हैं कि एक मुसाफिर की तरह इस दुनिया में हम सबका आगमन हुआ है! सांसारिक यात्रा में हमें पता होता है

    हम सभी जानते हैं कि एक मुसाफिर की तरह इस दुनिया में हम सबका आगमन हुआ है! सांसारिक यात्रा में हमें पता होता है कि *”हमारी यात्रा कब, कहाँ से शुरू होगी और कितने समय पर समाप्त होगी लेकिन जीवन यात्रा में जाने का समय बहुत ही अनिश्चित है! कब, कहाँ और किस उम्र में…

  • बुद्ध के जीवन में घटना है उनके अंतिम दिन की।

    बुद्ध के जीवन में घटना है उनके अंतिम दिन की।सुबह हुई है, पक्षियों ने गीत गाए हैं, फूल खिले हैं और उन्होंने अपने सारे शिष्यों को इकट्ठा किया है और उनसे कहा है कि मैं तुम्हें एक सुखद समाचार देता हूं। ध्यान करना! उन्होंने कहा, मैं तुम्हें एक सुखद समाचार देता हूं।वे सब निश्चित बहुत…

  • श्री अयोध्या जी में एक उच्च कोटि के संत रहते थे! इन्हें रामायण का श्रवण करने अत्यधिक लालशा रहती थी!।

    *श्री अयोध्या जी में एक उच्च कोटि के संत रहते थे! इन्हें रामायण का श्रवण करने अत्यधिक लालशा रहती थी!। जहां भी कथा चलती वहाँ बड़े प्रेम से कथा सुनते, कभी किसी प्रेमी अथवा संत से कथा कहने की विनती करते करते रहते थे।* एक दिन राम कथा सुनाने वाला कोई मिला नहीं। वही पास…

  • त्याग का रहस्य

    🌳 त्याग का रहस्य 🌳 एक बार महर्षि नारद ज्ञान का प्रचार करते हुए किसी सघन बन में जा पहुँचे। वहाँ उन्होंने एक बहुत बड़ा घनी छाया वाला सेमर का वृक्ष देखा और उसकी छाया में विश्राम करने के लिए ठहर गये। नारदजी को उसकी शीतल छाया में आराम करके बड़ा आनन्द हुआ, वे उसके…

  • *जीवन में “ब्रेक” का महत्व*

    *जीवन में “ब्रेक” का महत्व* एक बार भौतिक विज्ञान की कक्षा में शिक्षक ने विद्यार्थियों से पूछा, *”कार में ब्रेक क्यों लगाते हैं?”* एक छात्र ने उठकर उत्तर दिया, *”सर, कार को रोकने के लिए।”*एक अन्य छात्र ने उत्तर दिया, *”कार की गति को कम करने और नियंत्रित करने के लिए।”*एक अन्य ने कहा, *”टक्कर…

  • गधे और बाघ की तकरार का परिणाम

    गधे और बाघ की तकरार का परिणाम एक बार गधे और बाघ के बीच बड़ी लड़ाइ हो गयी! गधे ने बाघ से कहा, घास नीली है!बाघ ने कहा, घास हरी है! “विवाद बढ़ता गया और *दोनों के बीच गर्मागर्मी तेज हो गई!” दोनों ही अपने-अपने कथन में दृढ़ थे! इस विवाद को समाप्त करने के…

  • मृत्यु अवश्यम्भावी है!

    मृत्यु अवश्यम्भावी है! हम सबने क्या कभी किसी पक्षी को मरते देखा?ऐसे सरल, ऐसे सहज, चुपचाप विदा हो जाता है! पंख भी नहीं फड़फड़ाता। शोरगुल भी नहीं मचाता। पक्षी तो इतने चुपचाप विदा हो जाते हैं,  इतनी सरलता से विदा हो जाते हैं! ज़रा नोच-खचोंट नहीं। ज़रा शोरगुल नहीं। मौत में भी एक अपूर्व शांति…