I have found support at the feet of the Satguru, and now my destiny has awakened.

मिला सतगुरु चरण सहारा, अब जागा भाग्य हमारा ॥

दया भई पूरे सतगुरु की, अपनी शरण लगाया।
जनम जनम के पल ही भर में टूटे बंधन माया ॥

काल का कुछ भी जोर चले ना, अब हम भये गुरु के।
खुद ही सतगुरु देव मिटायें, झगड़े मैं और तू के ॥

सब ही जग धोखे की बाज़ी, सब ही मन की कल्पना।
सतगुरु बिन इस जीव का संगी, सगा न कोई अपना ॥

सतगुरु की करुणा कटाक्ष से, सोई सुरतिया जागी।
छूटी माया लगन दास जी, गुरु चरणन में लागी ॥