January 22, 2026 in Bhajan
Dedicate your body, mind, and wealth to devotion to your Guru
गुरु भक्ति में तन-मन-धन, कर दो निसार।ऐसा मौका मिलेगा, नहीं बार-बार ।। चौरासी भोग कर मुश्किल से, मानुष देह पाई है।धर्मधारी बनो जग में, करो सुकृत कमाई है ॥आनी-जानी है माया, ना इसमें है सार ॥ बिना गुरुदेव की किरपा, न आतम ज्ञान होता है।पड़ा भवसिंधु में दिन-रैन, खाता जीव गोता है ॥करो सेवा गुरुदेवा, […]






