February 14, 2026 in Bhajan
Lord, how can I find you?
प्रभु जी, किस बिधि तुमको पाऊं ॥
चलते-चलते पग हैं हारे, द्वार न तेरा पाऊं ॥
गागर छोटी प्यास बड़ी है, कैसे प्यास बुझाऊं ॥
गुरु की पूजा, गुरु की महिमा, सांझ सकारे गाऊं ॥
February 14, 2026 in Bhajan
प्रभु जी, किस बिधि तुमको पाऊं ॥
चलते-चलते पग हैं हारे, द्वार न तेरा पाऊं ॥
गागर छोटी प्यास बड़ी है, कैसे प्यास बुझाऊं ॥
गुरु की पूजा, गुरु की महिमा, सांझ सकारे गाऊं ॥
February 14, 2026 in Bhajan
ई सुंदर देहिया माटी के बा, ये में सोना के गहना का होई ॥
ई माटी के देहिया माटी होई।
मां-बाप बहन भाई रोई ॥
सब रोइहें त तू ना रोइब, त ई प्रीति बढ़ा के का होई ॥
तू बोलत बा सब अपना बा।
क्षण भर में ई सब सपना बा॥
जब साथ में कुछुवो ना जाई, त ई महल बना के का होई ॥
ई पुतला बना के जे भेजले बा।
दिन-रात खबरिया ऊ रखले बा ॥
तू उनके त भुला गइल, पीछे पछता के का होई ॥
तू प्रभु के भजनिया ना कईल।
तू त कवनो लोक के ना भईल ॥
जब मनवा में मईल बड़ले बार, तब गंगा नहा के का होई ॥
जब संत सरनिया ना गईल।
माया में तू त भुला गईल ॥
इहां आ के किछुवो ना कईल, त ई मुंहवा देखा के का होई ॥
February 14, 2026 in Bhajan
काहें लगवलीं गुरु जी देरिया, ए हमारी बेरिया ?
बार-बार हेरीं हम सरेहिया, काटीं मोरि बेड़िया ॥
द्रौपती के बेरी गुरु जी, काहे ना लगवलीं देरी।
शेबरी के खईलीं जूठी बेरिया, ए हमारी बेरिया ?
गजवा के ग्राह घेरि, तोहरा के जबे टेरी।
चलीं अइलीं छोड़ि के पनहिया, ए हमारी बेरिया ?
प्रह्लाद जब हेरि, चलि अइलीं खंभ फोरी।
राखि लीहलीं भक्त के सनेहिया, ए हमारी बेरिया ?
बिदुर के बेरी प्रभु जी, साग खाये गइलीं दौरी।
बिनहीं बोलवले तजि अटरिया, ए हमारी बेरिया ?
कहे शील हाथ जोड़ि, संत से निहोरा मोरी।
काहें मोरा बेरि निरमोहिया, निरमोहिया, ए हमारी बेरिया ?
February 14, 2026 in Bhajan
गुरु जी ज्ञान के सुरुज के, अंजोर बानीं हो।
राउर जोड़ केहू नइखे, बेजोड़ बानीं हो॥
राउर प्यार चटकार बा, गुलाबी नियन।
वोह में डूब जाला भंवरा, शराबी नियन ॥
गुरु जी ज्ञान से भरल, पोर-पोर बानीं हो।
राउर जोड़ केहू नइखे ….
रउरा शरण में, सब सुख जानिले हम।
राउरे असरा प, जिनिगी बिताइले हम ॥
गुरु जी जिनगी के, हमरा अंजोर बानी हो।
राउर जोड़ केहू नइखे
मिले दर्शन त दिलवा, के प्यास बुझेला।
लाखों चंदा से चमचम, लिलार सोहेला ॥
प्रेम, प्रेमी के, नेहिया के डोर बानी हो।
राउर जोड़ केहू नइखे
February 14, 2026 in Bhajan
झुकलीं चरनियां तोहार, गुरु जी हमके रहिया देखाईं ॥
लोग आगे-पीछे के, बतिया सुनावे।
मरम न जाने, खाली मन भरमावे ॥
थकलीं हम करि गुहार, हमार सब भरमिया भगाईं ॥
झुकलीं चरनियां तोहार ..
जाये के बा एक दिन, ई त हम जानी।
जियते मरम जिनगी, के नाहीं जानी ॥
अईलीं दुअरिया तोहार, मरम के बतिया बताईं ॥
झुकलीं चरनियां तोहार ….
जियरा पियासल, ना चैन कहीं पावे।
खाली बतिया ना, पियास मिटावे ॥
अईलीं सरनिया तोहार, गुरु जी पियसिया मिटाईं ॥
झुकलीं चरनियां तोहार …
सुनीला कि अंदर, आनंद भरब बा।
कइसे जाईं दरवाजा, बंद परल बंद बा ॥
अईली दुअरिया तोहार, दुअरिया अब खुलवाईं ॥
झुकलीं चरनियां तोहार …
February 14, 2026 in Bhajan
आई गईलीं गुरु जी हमार हो,
धन बानी गुरु जी हमार हो ॥
कमल के फूल अइसन, कोमल चरनियां।
नखवा में ज्योतिया अपार हो ॥
धन बानी …
चमचम चमकेला राउर सुरतिया।
जगमग ज्योतिया अपार हो ॥
धन बानी …
मधुर मुस्कान राउर तिरछी नजरिया।
जियरा के कइलै बेहाल हो ॥
धन बानी …
मीठी-मीठी बतिया से गूंजे असमनवां।
सुन प्रेमी होवेलें निहाल हो ॥
धन बानी
रिद्धि और सिद्धि राउर चूमेलीं चरनियां।
गुरु जी के महिमा अपार हो ॥
धन बानी
कलियुग में अइलीं रउवा दिहलीं उपदेसवा ।
प्रेमी लोग के कइलीं बेड़ा पार हो॥
धन बानी …
February 14, 2026 in Bhajan
हम तो आई गइलीं, तोहरी दुअरिया ना।
हम पे रखिह गुरु जी, अपनी नजरिया ना ॥
जईसे भंवरा लुभाय, तईसे मन ललचाय।
घूमे रात-दिन माया की, बजरिया ना॥
सतगुरु संत जी पियारे, जय-जय हंस के दुलारे।
जग में बाजे तोहरी, ज्ञान की बंसुरिया ना ॥
इहे विनती बा हमार, दरशन दे द एक बार।
तोहरा बिना सून, लागेला नगरिया ना॥
बाटे एगो तोहरे आस, एगो अवरी बात बात खास।
तोहरा दासन के दास, हम भिखरिया ना॥
February 14, 2026 in Bhajan
पूरा भइल अभिलाष हो, गुरु जी तोहरी दुवरिया।
अर्पित तन-मन-प्रान हो, गुरु जी तोहरी दुवरिया ॥
तोहरी दुवरिया गुरु जी, अनहद बाजे,
बिन सुर सरगम साज हो, गुरु जी तोहरी दुवरिया ॥
तोहरी दुवरिया बिना चांद सूरुज के,
अपने से होखे उजियार हो, गुरु जी तोहरी दुवरिया ॥
तोहरी दुवरिया बहे, ज्ञान की गंगा,
बरसेला अमरित धार हो, गुरु जी तोहरी दुवरिया ॥
तोहरी दुवरिया भइले, प्रेमी शरणागत,
राखि लिहीं प्रेम के लाज हो, गुरु जी तोहरी दुवरिया ॥
February 14, 2026 in Bhajan
देखीं कइसन उगल बा, घट में अँजोरिया।
मगन जियरा, सुनि के अनहद बँसुरिया ॥
मोह अउरी माया से, टुटेला पिरितिया।
धीरे-धीरे छुटे सब, दुनिया के रितिया ॥
गुरु जी के लागेला, सत के बजरिया।
मगन जियरा
सतगुरु के दरशन से, जियरा जुड़ाईल।
आज हमारा जिनगी में, नीक दिन आईल ॥
हियरा में बसि गईले, मोहिनी मुरतिया ।।
मगन जियरा …
भगति के महिमा, हम कइसे बखानी।
जे करे अनुभव, मरम उहे जानी ॥
मिलि गईले सहजे में सत के डगरिया ॥
मगन जियरा
सतरंगी होली में, तन-मन रंगाला।
प्राणन में ज्ञान के, अंजोर बसि जाला ॥
गजबे रंगाइल बाटे, प्रेम रंग चुनरिया ॥
मगन जियरा
देखीं कइसन अंदर में, भरल बा खजाना।
हो के अमीर दिल, नाचे मस्ताना ॥
सतगुरु जी शील, दया, नेह के बखरिया ॥ मगन जियरा
February 14, 2026 in Bhajan
गुरु जी राउर चरनियां, बड़ा नीक लागेला।
जब से देखली सुरतिया, त प्रीत जागेला ॥
जब से सुनलीं सत्संग राउर, मन मयूर मुसुकाइल ।
दर्शन से सब पाप कटल, अब सगरी मइल धोवाइल ॥
दीहलीं ज्ञान के अंजोर, दिल में गीत जागेला ॥
देखि सरूप सलोना राउर, मन मोरा बउराला।
दमकत देखि लिलार, चांद अरू सूरज भी शरमाला ॥
गुरु जी राउरि, शरनियां में चित्त लागेला ॥
जब बोलीं तब अमरित बरसे, हँसी त बिजुली चमके ।
गुरु जी राउर कृपा भइल, त घट सूरज अस दमके ॥
पाई के ज्ञान के अंजोर, माया नींद भागेला ॥
आसमान में गुंजेला, जब भक्तन के जयकारा।
राउर किरपा से बरसे, सत्संग के निर्मल धारा ॥
प्रेमी नाचे ता-ता-थैया, बड़ा नीक लागेला ॥