O sailor of the boat of my life, do not let go of the rudder.

ओ मेरे जीवन की नइया के नाविक, छोड़ो नहीं पतवार।
गुरुवर छोड़ो नहीं पतवार ।।

रह-रह के नइया भंवर बीच डोले, आता है अंधड़ तूफान ।
अंधा मुसाफिर, नहीं देख पाता, आँसू भरा आसमान ॥

इतना सही है कि नादान हैं हम, लेकिन हैं बच्चे तुम्हारे ।
मुझको भरोसा यही है कि गुरुवर, कर देंगे नइया किनारे ॥

जीवन की नइया में साथी ना कोई, दे दो हमें तुम सहारा।
ओ मेरे नाविक मुझे पार कर दो, छूटे ना हमसे किनारा ॥

वर दो हमें कि यहां से हमारा, हो जाये बेड़ा पार,

गुरुवर छोड़ो नहीं पतवार ॥