गुरुदेव बचाओ मुझे, मैं शरण पड़ा तेरी।
करुणा के सागर हो, प्रभु विनती सुनो मेरी ॥
यह दुनिया सताती है, तेरे दर से हटाती है।
दीनों के सहायक हो, अब क्या है नाथ देरी ॥
तुम समरथ दाता हो, मेरे भाग्य विधाता हो।
भक्तों के प्यारे हो, अब बांह पकड़ मेरी ॥
तुम कितने सुंदर हो, तेरे जैसा और नहीं।
जीवन के उजाले हो, प्यारी है झलक तेरी ॥
तेरी शक्ति का अंत नहीं, तेरी महिमा का पार नहीं।
तुम मुक्ति के दाता हो, प्रभु लीजिये सुधि मेरी ॥







