शरण में आए हैं हम तुम्हारी, दया करो, हे दयालु भगवन।
सम्भालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो, हे दयालु भगवन ॥
न हम में बल है, न हम में शक्ति, न हम में साहस, न हम में भक्ति।
तुम्हारे दर के हैं हम भिखारी, दया करो, हे दयालु भगवन ॥
सुना है हम अंश हैं तुम्हारे, तुम्हीं हो सच्चे प्रभु हमारे।
तो सुधि हमारी है क्यूं बिसारी, दया करो, हे दयालु भगवन ॥
प्रदान कर दो महान भक्ति, भरो हमारे में ज्ञान भक्ति।
तभी कहाओगे तापहारी, दया करो, हे दयालु भगवन ॥







