Category: Stories

  • मधुर व्यवहार

    मधुर व्यवहार एक राजा था। उसने एक सपना देखा। सपने में उससे एक परोपकारी साधु कह रहा था कि बेटा! कल रात को तुम्हें एक विषैला सांप काटेगा और उसके काटने से तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी। वह सर्प अमुक पेड़ की जड़ में रहता है। वह तुमसे पूर्व जन्म की शत्रुता का बदला लेना चाहता…

  • दो खरगोश

    दो खरगोश एक बार की बात है, दो खरगोश थे. एक का नाम वाईजी था और दूसरे का नाम फूली। वाईजी अपने नाम के अनुसार वाइज यानी बुद्धिमान था और फूली अपने नाम के अनुरूप फूलिश यानी बेवकूफ था।दोनों में गहरी दोस्ती थी. एक दिन उन्हें गाजर खाने का बड़ा मन किया और वे फ़ौरन…

  • परोपकार

    परोपकार एक युवक था! उस को जीवन से बड़ी ख्वाहिशें थीं! उसे लगता था कि उसे बचपन में वह सब नहीं मिल सका; जिसका वह हकदार था! बचपन निकल गया! किशोरावस्था में आया! वहां भी उसे बहुत कुछ अधूरा ही लगा! उसे महसूस होता कि उसकी बहुत सारी इच्छाएं पूरी नहीं हो सकीं! उसके साथ…

  • सच्ची प्रार्थना

    सच्ची प्रार्थनाएक पंडित जी समुद्री जहाज से यात्रा कर रहे थे। रास्ते में एक रात तुफान आने से जहाज को एक द्वीप के पास लंगर डालना पडा,सुबह पता चला कि रात आये तुफान में जहाज में कुछ खराबी आ गयी है, जहाज को एक दो दिन वहीं रोक कर उसकी मरम्मत करनी पडेगी! पंडित जी…

  • शरणागति

    शरणागतिएक संत एक छोटे से आश्रम का संचालन करते थे।एक दिन पास के रास्ते से एक राहगीर को रोककर अंदर ले आए और शिष्यों के सामने उससे प्रश्न किया कि यदि तुम्हें सोने की अशर्फियों की थैली रास्ते में पड़ी मिल जाए तो तुम क्या करोगे? वह आदमी बोला – “तत्क्षण उसके मालिक का पता…

  • काल की चेतावनी !!

    एक चतुर व्यक्ति को काल से बहुत डर लगता था और वह सोचता था कि मेरी किसी भी क्षण मृत्यु हो सकती है। वह करे तो क्या करे?एक दिन उसे चतुराई सूझी और उसने काल को ही अपना मित्र बना लिया। उसने अपने मित्र काल से कहा- मित्र! तुम किसी को भी नहीं छोड़ते हो-…

  • जीवन में संतुलन

    जीवन में संतुलन एक कालेज का छात्र था जिसका नाम था – रवि। वह हमेशा बहुत चुपचाप सा रहता था। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था! इसलिए उसका कोई दोस्त भी नहीं था। वह हमेशा कुछ परेशान सा रहता था। पर लोग उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। एक दिन वह क्लास में…

  • नदी का घमंड

    नदी का घमंड एक बार नदी ने समुद्र से बड़े ही गर्वीले शब्दों में कहा बताओ पानी के प्रचंड वेग से मैं तुम्हारे लिए  क्या बहा कर लाऊं ? तुम चाहो तो मैं पहाड़, मकान, पेड़, पशु, मानव आदि सभी को उखाड़ कर ला सकती हूं । समुद्र समझ गया कि नदी को अहंकार आ…

  • अहँकार और विनम्रता

    अहँकार और विनम्रता एक बार नदी ने समुद्र से बड़े ही अहंकारी शब्दों में कहा, बताओ पानी की प्रचंँड वेग से मैं तुम्हारे लिए क्या बहा कर लाऊंँ? तुम चाहो तो मैं पहाड़, मकान, पेड़, पशु, मानव आदि सभी को उखाड़ कर ला सकती हूंँ। समुद्र समझ गया कि नदी को अहंकार आ गया है।…

  • क्रोध और नियंत्रण

    क्रोध और नियंत्रण एक समय की बात है। एक राजा घने जंगल में भटक गया। कई घंटों के बाद वह प्यास से व्याकुल होने लगा। तभी उसकी नजर एक वृक्ष पर पड़ी जहां एक डाली से टप-टप करती पानी की छोटी-छोटी बूंदें गिर रही थीं… राजा ने पत्तों का दोना बनाकर पानी इकट्ठा किया, राजा…