Category: Stories
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जागने की संभावना
जागने की संभावना.एक विश्रामालय में दो व्यक्ति आराम-कुर्सियों पर बैठे हुए थे। एक युवा था और एक वृद्ध था।.जो वृद्ध था वह आंखें बंद किये बैठा था, पर बीच-बीच में मुस्करा उठता था।.और कभी-कभी हाथ से और चेहरे से ऐसे इशारे करता था, जैसे कुछ दूर हटा रहा हो।.युवक से बिना पूछे न रहा गया।…
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निष्काम कर्म
निष्काम कर्मएक गरीब विधवा के पुत्र ने एक बार अपने राजा को देखा। राजा को देख कर उसने अपनी माँ से पूछा- “माँ! क्या कभी मैं राजा से बात कर पाऊँगा?” माँ हंसी और चुप रह गई। पर वह लड़का तो मन ही मन निश्चय कर चुका था।उन्हीं दिनों गाँव में एक संत आए हुए…
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वैरागी कौन ??
वैरागी कौन ?? एक साधु को एक नाविक रोज इस पार से उस पार ले जाता था, बदले मैं कुछ नहीं लेता था, वैसे भी साधु के पास पैसा कहां होता था। नाविक सरल था, पढा लिखा तो नहीं, पर समझ की कमी नहीं थी। साधु रास्ते में ज्ञान की बात कहते, कभी भगवान की…
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बहुत ही अच्छी कहानी है कृपया जरूर पढ़ें
एक जौहरी के निधन के बाद उसकापरिवार संकट में पड़ गया।,खाने के भी लाले पड़ गए।,एक दिन उसकी पत्नी ने अपने बेटेको नीलम का एक हारदेकर कहा- ‘बेटा, इसे अपने चाचा कीदुकान पर ले जाओ।,कहना इसे बेचकर कुछ रुपये दे दें।,बेटा वह हार लेकर चाचा जी के पास गया।,चाचा ने हार को अच्छी तरह से…
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घमंड नही करने का ज्ञान
घमंड नही करने का ज्ञान बात उस समय की है, जब स्वामी विवेकानंद अपने लोकप्रिय शिकागो धर्म सम्मेलन के भाषण के बाद भारत वापस आ गये थे। अब उनकी चर्चा विश्व के हर देश में हो रही थी। सब लोग उन्हें जानने लगे थे। स्वामी जी भारत वापस आकर अपने स्वभाव अनुरूप भ्रमण कर रहे…
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आत्मसुधार
आत्मसुधार🌸🌸🌸🌸🌸🌸एक बार एक व्यक्ति दुर्गम पहाड़ पर चढ़ा, वहाँ पर उसे एक महिला दिखीं, वह व्यक्ति बहुत अचंभित हुआ, उसने जिज्ञासा व्यक्त की कि वे इस निर्जन स्थान पर क्या कर रही हैं। उन महिला का उत्तर था मुझे अत्यधिक काम हैं! इस पर वह व्यक्ति बोला आपको किस प्रकार का काम है, क्योंकि मुझे…
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अपनी कीमत जानिए
अपनी कीमत जानिए … एक बूढ़े बाप ने अपने बेटे को बुलाकर एक पुरानी घड़ी थमाई और कहा कि बेटा यह घड़ी तुम्हारे परदादा की है.. इस घड़ी की उमर दो सौ साल होगी! ये घड़ी अब तुम्हें सौंपना चाहता हूं लेकिन इस से पहले तुम्हें मेरा एक काम करना होगा… इसे लेकर घड़ी वाले…
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प्रेम के बोल
प्रेम के बोल सरकारी कार्यालय में लंबी लाइन लगी हुई थी । खिड़की पर जो क्लर्क बैठा हुआ था, वह तल्ख़ मिजाज़ का था और सभी से तेज स्वर में बात कर रहा था । उस समय एक महिला को डांटते हुए वह कह रहा था, “आपको पता नहीं चलता, यह फॉर्म भर कर लायीं…
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मानो ही नहीं जानो भी
मानो ही नहीं जानो भी सुदामा ने एक बार श्रीकृष्ण से पूछा, “कान्हा, मैं आपकी माया के दर्शन करना चाहता हूँ, कैसी होती है?”श्रीकृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्रीकृष्ण ने कहा, “अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा।” एक दिन कृष्ण ने कहा– सुदामा ! आओ, गोमती में स्नान करने चलें। दोनों…
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मैले कपड़े
मैले कपड़े एक दिन की बात है। एक मास्टर जी अपने एक अनुयायी के साथ प्रातः काल सैर कर रहे थे कि अचानक ही एक व्यक्ति उनके पास आया और उन्हें भला-बुरा कहने लगा। उसने पहले मास्टर के लिए बहुत से अपशब्द कहे, पर बावजूद इसके मास्टर मुस्कुराते हुए चलते रहे। मास्टर को ऐसा करता…
