Category: Stories

  • सम्बन्ध- स्वार्थ के!

    सम्बन्ध- स्वार्थ के!एक बूढ़ा मर रहा था। मरा नहीं था, बस मर ही रहा था। उसके चार बेटे उसके पास ही खड़े थे।उनके नाम थे- सोम, मंगल, बुध, वीर। वह चाहता तो सात बेटे था, पर मंहगाई के चलते चार पर ही संतोष कर लिया था। ये चारों बेटे आपस में अपने पिता की अंतिम…

  • नज़र का ऑपरेशन संभव है लेकिन नजरिए का नहीं!

    एक गांव के एक किनारे के समीप कुछ मजदूर पत्थर के खंभे बना रहे थे। इत्तेफाक से उसी समय उधर से एक साधु गुजरे। पत्थरों से बनते खंभे देखकर उन्होंने उन्होंने एक मजदूर से प्रश्न किया – “यहां क्या बन रहा है?” झुंझलाकर उस मजदूर ने कहा – “देखते नहीं, पत्थर काट रहा हूं?” साधु…

  • रेत का घर

    रेत का घर एक गाँव में नदी के किनारे कुछ बच्चे खेलते हुए रेत के घर बना रहे थे। किसी का पैर किसी के घर को लग जाता और वो बिखर जाता! इस बात पर झगड़ा हो जाता। थोड़ी बहुत बचकानी उम्र वाली मारपीट भी हो जाती। फिर वह बदले की भावना से सामने वाले…

  • कर्म और ज्ञान

    कर्म और ज्ञान एक बार एक जंगल में आग लग गई! उसमें दो व्यक्ति फँस गए थे!उनमें से एक अँधा तथा दूसरा लंगड़ा था! दोनों बहुत डर गए थे। अंधे ने आव देखा न ताव बस दौड़ना शुरू कर दिया!अंधे को यह भी ख्याल नहीं रहा कि वो आग की तरफ दौड़ रहा था! लंगड़ा…

  • पिता की प्रार्थना

    पिता की प्रार्थना एक बार पिता और पुत्र जलमार्ग से यात्रा करते समय रास्ता भटक कर एक टापू पर पहुंच गये। उनकी नौका उन्हें ऐसी जगह ले आई थी जहाँ दो टापू आस-पास थे और फिर वहाँ पहुंच कर उनकी नौका टूट गई।         परिस्थितियों से चिंतित होकर पिता ने पुत्र से कहा- “लगता है, हम दोनों…

  • चूहा और हम।

    चूहा और हम। एक वन में एक ऋषि रहते थे। उनके डेरे पर बहुत दिनों से एक चूहा भी रहता आ रहा था। यह चूहा ऋषि से बहुत प्यार करता था। जब वे तपस्या में मग्न होते तो वह बड़े आनंद से उनके पास बैठा भजन सुनता रहता। यहाँ तक कि वह स्वयं भी ईश्वर…

  • बिना मानवता के मानव भी, पशुतुल्य रह जाता है!

    एक ब्राह्मण यात्रा करते-करते किसी नगर से गुजरा बड़े-बड़े महल एवं अट्टालिकाओं को देखकर ब्राह्मण भिक्षा माँगने गया किन्तु किसी ने भी उसे दो मुट्ठी अऩ्न नहीं दिया आखिर दोपहर हो गयी ब्राह्मण दुःखी होकर अपने भाग्य को कोसता हुआ जा रहा थाः “कैसा मेरा दुर्भाग्य है इतने बड़े नगर में मुझे खाने के लिए…

  • सकारात्मक रवैया !!

    सकारात्मक रवैया !! एक आदमी एक सेठ की दुकान पर नौकरी करता था। वह बेहद ईमानदारी और लगन से अपना काम करता था। उसके काम से सेठ बहुत प्रसन्न था और सेठ द्वारा मिलने वाली तनख्वाह से उस आदमी का गुज़ारा आराम से हो जाता था। ऐसे ही दिन गुज़र रहे थे। एक दिन वह…

  • गिलहरी

    गिलहरी एक गिलहरी रोज अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करती थी! गिलहरी जरुरत से ज्यादा काम कर के भी खूब खुश थी। क्यों कि उसके मालिक, जंगल के राजा शेर ने उसे दस बोरी अखरोट देने का वादा कर रखा था ! गिलहरी काम करते…

  • समय की कीमत

    !! समय की कीमत !! कल्पना कीजिए कि आपके पास एक बैंक अकाउंट है और हर रोज सुबह उस बैंक अकाउंट में 86,400 रूपये जमा हो जाते है, जिसे आप उपयोग में ले सकते है| आप रूपयों को बैंक अकाउंट से निकाल कर अपनी तिजोरी में जमा करके नहीं रख सकते| इस बैंक अकाउंट में…