Category: Stories

  • निमित्तमात्र

    निमित्तमात्र उस दिन सबेरे 6 बजे मैं अपने शहर से दूसरे शहर जाने के लिए निकला, मैं रेलवे स्टेशन पहुचा , पर देरी से पहुचने कारण मेरी ट्रेन निकल चुकी थी, मेरे पास 9.30 की ट्रेन के आलावा कोई चारा नही था मैंने सोचा कही नाश्ता कर लिया जाए, बहुत जोर की भूख लगी थी…

  • प्राथमिकता मुख्य उत्तरदायित्व को दें!

    प्राथमिकता मुख्य उत्तरदायित्व को दें! जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी वो एकांत जगह की तलाश में घूम रही थी कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये वहां पहुँचते ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी। उसी…

  • सर्व निंदक महाराज

    सर्व निंदक महाराज एक थे सर्वनिंदक महाराज। काम-धाम कुछ आता नहीं था पर निंदा गजब की किया करते थे। हमेशा औरों के काम में टाँग फँसाते थे। अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके सुस्ताने भी बैठता तो कहते, ‘मूर्ख एक नम्बर का कामचोर है। अगर कोई काम करते हुए मिलता तो कहते, ‘मूर्ख जिंदगी भर काम…

  • माया का बन्धन

    माया का बन्धन एक बहुत ही प्रसिद्ध महात्मा थे। उनके पास रोज ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आते थे। एक बार एक बहुत ही अमीर व्यापारी उनसे मिलने पहुंचा। व्यापारी ने सुन रखा था कि महात्मा बड़ी ही सरलता से रहते है। जब वह व्यापारी महात्मा के दरबार में पहुंचा तो उसने देखा…

  • सुख कैसे मिले?

    सुख कैसे मिले? एक व्यक्ति के पास बहुत धन था। इतना कि अब और धन पाने से कुछ सार नहीं था। जितना था, उसका भी उपयोग नहीं हो पा रहा था। मृत्यु समीप आने लगी थी। न बेटे थे, न बेटियां थीं, कोई पीछे न था और जीवन धन बटोरने में बीत गया था। वह…

  • कर्म का फल

    कर्म का फल एक राजा के दरबार मे कर्म के ऊपर बहस छिड़ी हुई थी! कोई कहता कर्म का फल ऊपर वाले पर छोड़ दीजिए!तो कोई कहता मरने के बाद जीव का क्या होता है- आजतक किसी को कुछ पता नहीं!तो कोई कहता कर्म का फल सबको इसी जन्म में मिलता है! राजा ने निर्णय…

  • change the password of MySQL user

    change the password of MySQL user Open the bash shell and connect to the server as root user: Run ALTER mysql command: Finally type SQL command to reload the grant tables in the mysql database:

  • संगत का प्रभाव

    संगत का प्रभाव एक भंँवरे की मित्रता एक गोबरी (गोबर में रहने वाले) कीड़े से थी। एक दिन कीड़े ने भंँवरे से कहा- भाई, तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो, इसलिए मेरे यहांँ भोजन पर आओ। भंँवरा भोजन खाने पहुंँचा! बाद में भंँवरा सोच में पड़ गया कि मैंने बुरे का संग किया इसलिए मुझे…

  • क्रोध और अहंकार की गांठें

    क्रोध और अहंकार की गांठें भगवान महावीर अक्सर अपने गणधर गौतम के साथ अन्य शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। एक दिन प्रातः काल बहुत से श्रावक श्राविकाओं के साथ शिष्यगण उनका प्रवचन सुनने के लिए बैठे थे। भगवान महावीर समय पर सभा में पहुंचे! लेकिन आज शिष्य उन्हें देखकर चकित थे क्योंकि आज…

  • सत्संग बड़ा है या तप

    सत्संग बड़ा है या तप एक बार विश्वामित्र जी और वशिष्ठ जी में इस बात‌ परृ बहस हो गई कि सत्संग बड़ा है या तप?विश्वामित्र जी ने कठोर तपस्या करके ऋद्धि-सिध्दियों को प्राप्त किया था! इसीलिए वे तप को बड़ा बता रहे थे।जबकि वशिष्ठ जी सतसंग को बड़ा बताते थे। वे इस बात का फैसला…