Category: Stories

  • एक बंदा गुरू साहिब जी के पास आया करता था जब भी वो बंदा गुरुद्वारे मे प्रवेश करता तो ये शुक्राने वाला भजन चलता था और वो बंदा अपनी नौकरी

    एक बंदा गुरू साहिब जी के पास आया करता था जब भी वो बंदा गुरुद्वारे मे प्रवेश करता तो ये शुक्राने वाला भजन चलता था और वो बंदा अपनी नौकरी, अपनी पारिवारिक परेशानी, पैसे की तंगी और दूसरी परेशानियाँ का सामना कर रहा था और दरबार मे बैठते ही वो बंदा होठो ही होठो मे…

  • यह संसार एक धर्मशाला के समान है। जैसे धर्मशाला में लोग आते हैं, 2/4 दिन रहते हैं, और फिर अपनी अगली या वापसी यात्रा पर चल देते हैं।

    “यह संसार एक धर्मशाला के समान है। जैसे धर्मशाला में लोग आते हैं, 2/4 दिन रहते हैं, और फिर अपनी अगली या वापसी यात्रा पर चल देते हैं।”“इसी प्रकार से लोग संसार में आते हैं, 50/60/80 वर्ष तक यहां पर रहते हैं और अपनी अगली या वापसी यात्रा पर चल देते हैं अर्थात संसार रुपी…

  • एक शिष्य ने गुरु से पूछा गुरुदेव हमेशा खुश रहने का नुस्खा अगर हो तो दीजिए।

    एक शिष्य ने गुरु से पूछा गुरुदेव हमेशा खुश रहने का नुस्खा अगर हो तो दीजिए। गुरु बोले, बिल्कुल है आज तुमको वह राज बताता हूँ। गुरु उस शिष्य को अपने साथ सैर पर ले गये ओर उस से अच्छी अच्छी बातें करते रहे! शिष्य बड़ा आनंदित था। एक स्थान पर ठहर कर गुरु ने…

  • सबसे ऊँची प्रार्थना

    सबसे ऊँची प्रार्थना एक व्यक्ति जो मृत्यु के करीब था! मृत्यु से पहले वह अपने बेटे को चाँदी के सिक्कों से भरा थैला देता है और बताता है कि “जब भी इस थैले से चाँदी के सिक्के खत्म हो जाएँ तो मैं तुम्हें एक प्रार्थना बताता हूँ! उसे दोहराने से चाँदी के सिक्के फिर से…

  • सतत अभ्यास करो!!

    सतत अभ्यास करो!! एक साहब ने तोता पाल रखा था और उस से बहुत प्रेम करते थे! एक दिन एक बिल्ली उस तोते पर झपटी और तोता उठा कर ले गई! वो साहब रोने लगे तो लोगो ने कहा: भाई आप क्यों रोते हो? हम आपको दूसरा तोता ला देते हैं! वो साहब बोले: मैं…

  • गुरु ही ईश्वर है!

    गुरु ही ईश्वर है! स्वामी विवेकानंद एक बार एक रेलवे स्टेशन पर बैठे थे उनका अयाचक (ऐसा व्रत जिसमें किसी से मांग कर भोजन नहीं किया जाता) व्रत था। वह व्रत में किसी से कुछ मांग भी नहीं सकते थे। एक व्यक्ति उन्हें चिढ़ाने के लहजे से उनके सामने खाना खा रहा था। स्वामी जी…

  • हृदय में आनंद हो तो वसंत कभी भी आ सकता है।

    हृदय में आनंद हो तो वसंत कभी भी आ सकता है। *जीवन परिवर्तनशील है! इसलिए वह हमेशा चक्र की भांति घूमता रहता है। इस घूमते हुए चक्र से ही ऋतुएं बनती हैं। जैसे इन्सान के अलग-अलग मनोभाव होते हैं – कभी दृढ़, कभी प्रफुल्लित तो कभी शांत, कभी गर्म तो कभी अशान्त!वैसे ही प्रकृति के…

  • अपने मालिक पर भरोसा

    अपने मालिक पर भरोसा एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा। दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया।…

  • भ्रम और वास्तविकता

    *भ्रम और वास्तविकता* बार एक धनवान व्यक्ति ने अपने घर की सारी दीवारों पर कांच की टुकड़ियां लगवा रखीं थीं ! उससे घर में हजारों दर्पण नजर आ रहे थे!एक ही आदमी के हजारों आदमी नजर आते थे! एक बार इस सम्राट के महल में एक कुत्ता घुस गया। कांच के टुकड़ों में अपनी परछाई…

  • रात्री की कहानी, विरासत

    *रात्री की कहानी* *विरासत* महेश के घर आते ही बेटे ने बताया कि वर्मा अंकल आर्टिगा गाड़ी ले आये हैं। *पत्नी ने चाय का कप पकड़ाया और बोली पूरे 13 लाख की गाड़ी खरीदी और वो भी कैश में*। महेश हाँ हूँ करता रहा। आखिर पत्नी का धैर्य जवाब दे गया, हम लोग भी अपनी…