Category: Stories
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राजा मोरध्वज
*💐💐राजा मोरध्वज 💐💐* महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद अर्जुन को वहम हो गया कि वो श्री कृष्ण के सर्व श्रेष्ठ भक्त है,अर्जुन सोचते हैं कि कन्हैया ने मेरा रथ चलाया, मेरे साथ रहे.. इसलिए मैं भगवान का सर्व श्रेष्ठ भक्त हूँ।अर्जुन को क्या पता था कि वो केवल भगवान के धर्म की स्थापना का…
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गुरु की सीख
*गुरु की सीख* पुराने समय में एक आश्रम में गुरु और शिष्य मूर्तियां बनाने का काम करते थे। मूर्तियां बेचकर जो धन मिलता था, उससे ही दोनों का जीवन चल रहा था। गुरु की वजह से शिष्य बहुत अच्छी मूर्तियां बनाने लगा था और उसकी मूर्तियां ज्यादा कीमत में बिकने लगी थी। कुछ ही दिनों…
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गुरूपर्णिमा पर गुरु जी को भेंट
गुरूपर्णिमा पर गुरु जी को भेंट🌹————–/————-/—————–दीदार करके आप का, मन मुग्ध हो गया,भूला हूँ इस जहान को,अपने में खो गया। दुनियाँ जो प्यारी लगती थी, अब लगने लगा है डर।सुख में सभी हैं साथी, दुख में न हम सफर।कांटे पड़े थे राहों में, तुमने हटा दिया।भूला हूँ इस जहान को अपने में खो गया। सारे…
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आज गुरु पूर्णिमा है!
आज गुरु पूर्णिमा है! आज के दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति समर्पित भाव से पूजा करता है! अपनी कृतज्ञता वयक्त करता है! हमारे शास्त्रों में गुरु को भगवान से भी बड़ा स्थान दिया गया है।संत कबीर जी ने भी गुरु की तुलना भगवान से करते हुए कहा है- गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागू…
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कर्म का फल
*कर्म का फल* एक गांव था ! वह ऐसी जगह बसा था – जहाँ आने जाने के लिए एक मात्र साधन नाव थी, क्योंकि बीच में नदी पड़ती थी और कोई रास्ता भी नहीं था। एक बार उस गाँव में महामारी फैल गई और बहुत सी मौते हो गयी, लगभग सभी लोग वहाँ से जा…
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कर्ताभाव का अहंकार छोड़ – महापुरुषों के इशारे को समझें!
🌺*कर्ताभाव का अहंकार छोड़ – महापुरुषों के इशारे को समझें!* 🌺 एक बार की बात है कि श्री कृष्ण और अर्जुन कहीं जा रहे थे! रास्ते में अर्जुन ने श्री कृष्ण से पूछा कि *प्रभु, एक जिज्ञासा है मेरे मन में, अगर आज्ञा हो तो पूछूँ?* श्री कृष्ण ने कहा: *अर्जुन, तुम मुझसे बिना किसी…
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सदगुरु और शिष्य
सदगुरु और शिष्य किसी संत के पास एक बहरा आदमी सत्संग सुनने आता था! उसके कान तो थे पर वे नाड़ियों से जुड़े नहीं थे। एकदम बहरा! एक शब्द भी सुन नहीं सकता था । किसी ने संतश्री से कहा कि *”बाबा जी ! वे जो वृद्ध बैठे हैं, वे कथा सुनते-सुनते हँसते तो हैं…
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गुरु की महिमा
*💐💐गुरु की महिमा💐💐* एक पंडित रोज रानी के पास कथा करता था। कथा के अंत में सबको कहता कि ‘राम कहे तो बंधन टूटे’। तभी पिंजरे में बंद तोता बोलता, ‘यूं मत कहो रे पंडित झूठे’। पंडित को क्रोध आता कि ये सब क्या सोचेंगे, रानी क्या सोचेगी। पंडित अपने गुरु के पास गया, गुरु…
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असली सहारा
*असली सहारा* एक विद्वान किसी गाँव से गुजर रहा था। उसे याद आया कि *उसके बचपन का मित्र इस गांव में रहता है।*उसने सोचा कि *चलो उससे मिला जाये ।* वह मित्र के घर पहुंचा लेकिन उसने देखा कि *मित्र गरीबी व दरिद्रता में रह रहा है साथ में दो नौजवान भाई भी हैं।* बात…
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आनन्द की चाबी
*आनन्द की चाबी** *जैसे एक ही चाबी ताले को खोलती भी है और बंद भी करती है!* *उसी प्रकार एक ही मन बंधन का भी हेतु है और यही मुक्ति का हेतु भी हो सकता है।* जैसे एक दिशा में घुमाने से ताला बंद हुआ है, विपरीत दिशा में घुमाने से खुलता है!*वैसे ही संसार…
