गुरु जी ज्ञान के सुरुज के, अंजोर बानीं हो।
राउर जोड़ केहू नइखे, बेजोड़ बानीं हो॥
राउर प्यार चटकार बा, गुलाबी नियन।
वोह में डूब जाला भंवरा, शराबी नियन ॥
गुरु जी ज्ञान से भरल, पोर-पोर बानीं हो।
राउर जोड़ केहू नइखे ….
रउरा शरण में, सब सुख जानिले हम।
राउरे असरा प, जिनिगी बिताइले हम ॥
गुरु जी जिनगी के, हमरा अंजोर बानी हो।
राउर जोड़ केहू नइखे
मिले दर्शन त दिलवा, के प्यास बुझेला।
लाखों चंदा से चमचम, लिलार सोहेला ॥
प्रेम, प्रेमी के, नेहिया के डोर बानी हो।
राउर जोड़ केहू नइखे







