Have you seen how it spews forth Anjoriya in the ghat?

देखीं कइसन उगल बा, घट में अँजोरिया।
मगन जियरा, सुनि के अनहद बँसुरिया ॥

मोह अउरी माया से, टुटेला पिरितिया।
धीरे-धीरे छुटे सब, दुनिया के रितिया ॥
गुरु जी के लागेला, सत के बजरिया।

मगन जियरा

सतगुरु के दरशन से, जियरा जुड़ाईल।
आज हमारा जिनगी में, नीक दिन आईल ॥
हियरा में बसि गईले, मोहिनी मुरतिया ।।

मगन जियरा …

भगति के महिमा, हम कइसे बखानी।
जे करे अनुभव, मरम उहे जानी ॥
मिलि गईले सहजे में सत के डगरिया ॥

मगन जियरा

सतरंगी होली में, तन-मन रंगाला।
प्राणन में ज्ञान के, अंजोर बसि जाला ॥
गजबे रंगाइल बाटे, प्रेम रंग चुनरिया ॥

मगन जियरा

देखीं कइसन अंदर में, भरल बा खजाना।
हो के अमीर दिल, नाचे मस्ताना ॥
सतगुरु जी शील, दया, नेह के बखरिया ॥ मगन जियरा




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