हम तो आई गइलीं, तोहरी दुअरिया ना।
हम पे रखिह गुरु जी, अपनी नजरिया ना ॥
जईसे भंवरा लुभाय, तईसे मन ललचाय।
घूमे रात-दिन माया की, बजरिया ना॥
सतगुरु संत जी पियारे, जय-जय हंस के दुलारे।
जग में बाजे तोहरी, ज्ञान की बंसुरिया ना ॥
इहे विनती बा हमार, दरशन दे द एक बार।
तोहरा बिना सून, लागेला नगरिया ना॥
बाटे एगो तोहरे आस, एगो अवरी बात बात खास।
तोहरा दासन के दास, हम भिखरिया ना॥







