March 5, 2023 in Spritual
स्वार्थ ने भक्ति को भी व्यापार बना दिया….
वर्तमान में प्रत्येक मनुष्य बिना लेन-देन के कोई काम करता ही नहीं है।आत्मज्ञान लेने में भी मनुष्य की यह सोच बन गई है कि ज्ञान लेने के बाद मुझे क्या फायदा मिलेगा? मुझे कितना धन दौलत मिलेगी? मन के अन्दर उथल-पुथल, हिसाब-किताब और लेन-देन की इस मानसिकता ने आत्मज्ञान को भी व्यापार बना दिया है। […]






