भारत का औसत तापमान 0.89 डिग्री बढ़ा
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में 2015 से 2024 के बीच औसत तापमान 0.89 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है, – जबकि मौसम की चरम घटनाएं कई हिस्सों में अब अधिक सामान्य होती जा रही हैं। देश के मौसम और जलवायु बदलाव पर किए गए एक अध्ययन मेंये चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं।
पीएलओएस क्लाइमेट जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, यदि उत्सर्जन मध्यम स्तर पर भी बना रहातो 2050 तक भारत में तापमान में 1.2 से 1.3 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। इसके लिए 1995-2014 की अवधि को आधार माना गया है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि आने वाले वर्षों में संयुक्त जलवायु खतरे जैसे हीटवेव के दौरान भारत के लिए बेहद चिंताजनक होगा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे और आंध्र प्रदेश के क्रीया विश्वविद्यालय के संयुक्त शोध में यह निष्कर्ष सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने इसके लिए मौसम विभाग के आंकड़ों और वैश्विक जलवायु मॉडलों का विश्लेषण किया। कहा, संयुक्त जलवायु घटनाएं जैसे बाढ़ और तूफान, हीटवेव और सूखा, भारी वर्षा और बाढ़ के एक साथ होने की आशंका बढ़ेगी, जो किसी एक घटना से कहीं अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।
पीएलओएस क्लाइमेट जर्नल में शोध हुआ प्रकाशित
2050 तक तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है
New Delhi, India. The average temperature in India has increased by 0.89 degrees Celsius between 2015 and 2024, while extreme weather events are becoming more common in many parts. A study on the country’s weather and climate change has revealed these worrying facts.
According to research published in the journal PLOS Climate, if emissions remain at moderate levels, India’s temperature could increase by an additional 1.2 to 1.3 degrees Celsius by 2050. The period 1995-2014 is used as a baseline. The researchers warned that combined climate hazards such as heatwaves will pose a significant threat to India in the coming years. The findings are a result of a joint study by the Indian Institute of Tropical Meteorology, Pune, and Krea University in Andhra Pradesh. The scientists analyzed Meteorological Department data and global climate models. Combined climate events such as floods and storms, heatwaves and droughts, heavy rainfall and floods are more likely to occur simultaneously, causing far more damage than any single event.
The research was published in the journal PLOS Climate.
Temperatures could rise by 1.3 degrees Celsius by 2050.







