कालाष्टमी 2026 कब है?
सनातन धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में वैशाख माह की कालाष्टमी 10 मई 2026, रविवार को पड़ रही है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित होता है।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भय, नकारात्मक ऊर्जा, शत्रु बाधा और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
भगवान काल भैरव कौन हैं?
भगवान काल भैरव को शिव जी का उग्र और रक्षक स्वरूप माना जाता है। उन्हें समय (काल) का स्वामी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, वे अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और बुरी शक्तियों का नाश करते हैं।
काशी के कोतवाल के रूप में भी काल भैरव की विशेष पूजा होती है। ऐसा माना जाता है कि बिना काल भैरव के दर्शन के काशी यात्रा अधूरी मानी जाती है।
कालाष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त
- तिथि: 10 मई 2026, रविवार
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: (पंचांग अनुसार स्थानीय समय देखें)
- निशिता काल पूजा: देर रात पूजा का विशेष महत्व
- राहुकाल से बचकर पूजा करें
सही पूजा मुहूर्त के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग या मंदिर से जानकारी अवश्य लें।
कालाष्टमी पूजा विधि
1. सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें
साफ वस्त्र पहनकर भगवान शिव और काल भैरव का ध्यान करें।
2. मंदिर में दीपक जलाएं
सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
3. काल भैरव को अर्पित करें
- काला तिल
- नारियल
- फूल
- धूप
- सरसों का तेल
- मिठाई
4. मंत्र जाप करें
ॐ कालभैरवाय नमः
या
ॐ भैरवाय नमः
इन मंत्रों का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।
5. कुत्तों को भोजन कराएं
काल भैरव की सवारी कुत्ता माना जाता है। इस दिन कुत्तों को रोटी, बिस्किट या भोजन खिलाने से पुण्य प्राप्त होता है।
कालाष्टमी व्रत का महत्व
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- शनि और राहु दोष में राहत मिलती है
- भय और मानसिक तनाव कम होता है
- व्यापार और करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं
- घर में सुख-शांति बनी रहती है
कालाष्टमी पर क्या करें और क्या न करें
करें
✔ भगवान शिव और काल भैरव की पूजा करें
✔ गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें
✔ रात में भैरव मंत्र का जाप करें
न करें
✘ किसी का अपमान न करें
✘ मांस-मदिरा का सेवन न करें
✘ क्रोध और नकारात्मक सोच से बचें
निष्कर्ष
कालाष्टमी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आत्मिक शक्ति और सुरक्षा का पर्व माना जाता है। 10 मई 2026 को आने वाली कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव की पूजा कर भक्त जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और शांति प्राप्त कर सकते हैं।
यदि आप भी अपने जीवन से डर, बाधाएं और नकारात्मकता दूर करना चाहते हैं, तो इस कालाष्टमी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान काल भैरव की आराधना अवश्य करें।
FAQs
Q1. कालाष्टमी 2026 कब है?
कालाष्टमी 10 मई 2026, रविवार को मनाई जाएगी।
Q2. कालाष्टमी किस भगवान को समर्पित है?
यह भगवान काल भैरव को समर्पित पर्व है।
Q3. कालाष्टमी पर क्या दान करना चाहिए?
काला तिल, सरसों का तेल, भोजन और वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
Q4. क्या कालाष्टमी पर व्रत रखा जाता है?
हाँ, कई भक्त इस दिन व्रत रखकर भगवान काल भैरव की पूजा करते हैं।





