saras mela 2025 Delhi venue booking

The Saras Aajeevika Mela 2025 in Delhi is taking place from September 5 to September 22 at the Major Dhyan Chand National Stadium. Information on stall booking is managed by the Ministry of Rural Development, and applications are not open to the general public. 

How stalls are booked

The Saras Aajeevika Mela is not a typical public event with open stall booking. It is a government initiative to empower rural women through Self-Help Groups (SHGs). Stalls are specifically allotted to these SHGs from across different states and union territories. 

Key facts about the booking process:

  • Government-managed: The fair is organized by the Ministry of Rural Development and implemented by the Deendayal Antyodaya Yojana-National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM).
  • Eligibility: Only rural women who are members of Self-Help Groups (SHGs) are eligible to participate and get a stall. Their applications are recommended by the respective State Rural Livelihood Missions (SRLMs).
  • No public booking: There is no public portal or website for individuals or non-SHG members to book a stall. 

For the public

While stall booking is not an option for the general public, the event is open for everyone to attend and shop.

  • Venue: Major Dhyan Chand National Stadium, near India Gate.
  • Dates: September 5 to September 22, 2025.
  • Timings: 11:00 AM to 9:30 PM daily.
  • Entry: Free for all visitors. 

budhwa mangal kab hai 2025

2025 में बुढ़वा मंगल या बुढ़वा मंगल (Bada Mangal) 13 मई, 20 मई, 27 मई, 3 जून और 10 जून को पड़ेगा. ये सब ज्येष्ठ महीने में आने वाले मंगलवार हैं, जो भगवान हनुमान को समर्पित हैं. 

Detailed dates:

  • पहला बुढ़वा मंगल: 13 मई 2025.
  • दूसरा बुढ़वा मंगल: 20 मई 2025.
  • तीसरा बुढ़वा मंगल: 27 मई 2025.
  • चौथा बुढ़वा मंगल: 3 जून 2025.
  • पांचवां बुढ़वा मंगल: 10 जून 2025. 

बुढ़वा मंगल का महत्व:

  • यह पर्व ज्येष्ठ महीने में आने वाले हर मंगलवार को मनाया जाता है और इसे बुढ़वा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं. 
  • इस दिन हनुमान जी की पूजा करने का विशेष महत्व है, और ऐसा माना जाता है कि इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. 
  • यह दिन भक्तजन मंदिरों में जाकर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, भंडारे और प्रसाद का आयोजन करते हैं और अपने आराध्य से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. 

Saraswati Puja Kab Hai

When is Saraswati Puja in the year 2024, know the exact date and auspicious time here

Saraswati Puja Kab Hai 2024: बसंत पंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह प्रतिवर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भारत में बसंत ऋतु की शुरुआत होती है, इस बार यह 14 फरवरी 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है और पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। सरस्वती पूजा के दिन माता सरस्वती की पूजा- अर्चना करने से ज्ञान और बुद्धि का विकास होता है। ये दिन छात्र- छात्राओं के लिए काफी ज्यादा खास होता है। माता सरस्वती को ज्ञान की देवी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि माता सरस्वती की पूजा करने से विद्यार्थियों को अपार सफलता प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कब है सरस्वती पूजा और क्या है इसका शुभ मुहूर्त।

Saraswati Puja Kab Hai 2024 ( सरस्वती पूजा 2024 कब है)

हर साल सरस्वती पूजा माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इसे बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल सरस्वती पूजा 14 फरवरी को 2024 को बुधवार के दिन मनाई जाएगी।

सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त ( Sarswati Puja Shubh Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल माघ मास की पंचमी तिथि की शुरुआत 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट पर होगा और इसका समापन 14 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा। ऐसे में 14 फरवरी को सरस्वती पूजा किया जाएगा। इस दिन सुबह 9 बजे से पूजा का शुभ मुहूर्त है।

makar sankranti shubh muhurat 2024

मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त 2024

हर साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाता है। लेकिन इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस वर्ष ग्रहों की दिशा में बदलाव के मद्देनजर मकर संक्रांति की डेट में बदलाव हुआ है ।

मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 7 मिनट से सुबह 8 बजकर 12 मिनट तक है। इसके अलावा पुण्यकाल में मकर संक्रांति की पूजा-अर्चना करना बेहद फलदायी होता है। इस दिन पुण्यकाल का समय सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 6 बजकर 21 मिनट तक है। महा पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से रात 9 बजकर 6 मिनट तक है।

मकर संक्रांति सूर्य देव पूजा विधि

  • मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठे और दिन की शुरुआत भगवान विष्णु और सूर्य देव के ध्यान से करें।
  • इस दिन पवित्र नदी में स्नान करें। अगर नदी में स्नान करना संभव नहीं हैं, तो नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
  • नहाने के बाद तांबे के लोटे में अक्षत और फूल डालकर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। इस दौरान निम्न मंत्र का जाप करें।
  • ऊँ सूर्याय नम: ऊँ खगाय नम:, ऊँ भास्कराय नम:, ऊँ रवये नम:, ऊँ भानवे नम:, ऊँ आदित्याय नम:
  • इसके बाद सूर्य स्तुति का पाठ करें।
  • बता दें कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करना बेहद शुभ होता है। इसलिए इस दिन सूर्य की उपासना अवश्य करें।