Arms License: क्या आप भी पाना चाहते हैं तलवार-चाकू का लाइसेंस? यहां जाने फीस और बाकी पूरी डिटेल

Arms License: अगर आपके घर में 6 इंच से बड़ा चाकू, तलवार, बल्लम या भाला है तो उसके लिए आपको लाइसेंस (Sword / Knife License) की जरूरत होती है. ऐसा न करने पर आपके खिलाफ केस दर्ज करके आपको जेल में डाला जा सकता है.

आपने पिस्टल-रिवाल्वर और बंदूक के लाइसेंस के बारे में तो खूब सुना होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में 6 इंच से बड़ा चाकू, तलवार, बल्लम या भाला रखने के लिए भी लाइसेंस (Sword-Knife License) की जरूरत होती है. यह लाइसेंस बिल्कुल पिस्टल-रिवाल्वर की तरह बनता है और इसका हर 5 साल में रिन्युअल भी कराना पड़ता है. 

आर्म्स एक्ट के तहत चाकू, तलवार या भाले के लिए लाइसेंस (Sword-Knife License) लेना अनिवार्य है. अगर आप बिना लाइसेंस के ये चीजें अपने घर में रखते हैं तो आपको 6 महीने की सजा और जुर्माने लग सकता है. आज हम आपको बताते हैं कि तलवार या चाकू का लाइसेंस कैसे बनवाया (How To Get Sword-Knife License) जा सकता है और इसमें कुल कितना खर्च आता है. 

कैसे करें आवेदन

तलवार और चाकू का लाइसेंस (Sword-Knife License) के लिए डीएम ऑफिस में अप्लाई करना पड़ता है. जिन शहरों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम है, वहां पर पुलिस आयुक्त के दफ्तर में अप्लाई करना पड़ता है. उस आवेदन में यह भी स्पष्ट करना होता है कि हथियार की जरूरत क्यों हैं. उस आवेदन के साथ अपना फिटनेस सर्टिफिकेट और 500 रुपये फीस भी जमा करानी होती है. 

तलवार-चाकू के लाइसेंस के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट 

– मेडिकल सर्टिफिकेट
– एड्रेस प्रूफ
– आयु प्रमाण पत्र
– चरित्र प्रमाण पत्र
– इनकम की जानकारी
– संपत्ति की जानकारी
– लोन या उधार ले रखा है तो उस बारे में जानकारी
– नौकरी या बिजनेस की जानकारी

इसके बाद आवेदन को जांच के लिए संबंधित पुलिस थाने और एसडीएम ऑफिस में भेज दिया जाता है. इसके साथ ही खुफिया विभाग से भी रिपोर्ट मांगी जाती है. जांच में यह देखा जाता है कि आवेदक का कैरेक्टर कैसा है. लाइसेंस मिलने पर वह हथियार का मिसयूज तो नहीं करेगा. उस पर पहले से मुकदमे तो दर्ज नहीं है और वह दिवालिया या मानसिक रूप से विक्षिप्त तो नहीं है. 

5 साल के लिए जारी होता है लाइसेंस

तीनों जगहों से रिपोर्ट आने के बाद डीएम या पुलिस कमिश्नर लाइसेंस (Arms License) जारी करने पर फैसला करते हैं. अगर रिपोर्ट में आवेदक को लाइसेंस देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई जाती तो उसे अमूमन लाइसेंस देने का फैसला कर लिया जाता है. यह लाइसेंस 5 साल के लिए जारी किया जाता है. उसके बाद हर साल लाइसेंस कंटीन्यू करने के लिए 100 रुपये की फीस जमा करानी पड़ती है. 

केवल आत्मरक्षा में कर सकते हैं इस्तेमाल

नोएडा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के सीनियर एडवोकेट चौधरी प्रेम सिंह कहते हैं कि हथियार का यह लाइसेंस (Arms License) केवल आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है. यानी आप इसका इस्तेमाल केवल अपनी जान बचाने के लिए कर सकते हैं. उस लाइसेंसी हथियार के जरिए आप किसी को डरा या हमला नहीं कर सकते. इसके साथ ही तलवार-चाकू का आप सार्वजनिक प्रदर्शन भी नहीं कर सकते. अगर आप ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो आपका लाइसेंस रद्द कर अरेस्ट भी किया जा सकता है. 

अधिकृत दुकान से खरीद सकते हैं हथियार

तलवार या चाकू का लाइसेंस (Sword-Knife License) मिलने के बाद आप हथियार खरीद सकते हैं. आपको यह हथियार पुलिस-प्रशासन की ओर से स्वीकृत दुकान से ही खरीदना होता है. इन दुकानों पर 700 रुपये से 5 हजार रुपये तक में बढ़िया तलवार मिल जाती है. जबकि चाकू 300 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक में बढ़िया वाले आ जाते हैं. तलवार या चाकू खरीदने के बाद आपको फिर से अपने जिले के लाइसेंसिंग विभाग में जाकर वहां पर उसकी डिटेल दर्ज करवानी होती है. इसके बाद आप उस असलहे को अपने घर ले जा सकते हैं और परिवार की रक्षा में इस्तेमाल कर सकते हैं. 

Karnataka cm 2023

Senior Congress leader Siddaramaiah is set to be the next Karnataka chief minister, according to sources. DK Shivakumar, another contender for the top post, will be offered the deputy chief ministerial post, according to sources. He is expected to get important portfolios in the state Cabinet, sources added. Siddaramaiah’s swearing-in is likely to take place on Thursday. A meeting of all the 135 Congress MLAs is expected to be held on Thursday. Both Siddaramaiah and Shivakumar separately met party president Mallikarjun Kharge and Congress leader Rahul Gandhi in Delhi. Party leader Randeep Singh Surjewala said a new Karnataka chief minister will be sworn-in in 24 hours and a new state Cabinet will be in place in 48-72 hours. The Congress secured a resounding victory in the May 10 Karnataka Assembly election, winning 135 of the 224 seats, ousting the BJP from power. The BJP was a distant second with 66 seats and the JD(S), which had hoped to play the kingmaker, was down with just 19 seats. Since then, the party is facing the challenging task of appointing the next chief minister of the state.

Former CMD’s house raided in disproportionate assets case, CBI raids 19 places including capital, 20 crore cash seized

आय से अधिक संपत्ति केस में पूर्व CMD के घर छापा, राजधानी समेत 19 ठिकानों पर CBI की दबिश, 20 करोड़ कैश जब्त

CBI team seized 20 crore cash in raids at 19 places including Delhi: आय से अधिक संपत्ति को लेकर CBI ने कई जगहों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई दिल्ली, गाजियाबाद समेत 19 जगहों पर की गई है. इस छापेमारी में सीबीआई ने करीब 20 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं.

जल शक्ति मंत्रालय के तहत वैपकोस वाटर एंड कंसल्टेंसी के पूर्व सीएमडी राजेंद्र गुप्ता (Rajendra Gupta) के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी की गई. गुप्ता के खिलाफ हाल ही में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति होने का मामला दर्ज किया गया था.

अधिकारियों के मुताबिक, गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद CBI ने उनके परिसरों की तलाशी शुरू की.

यहां से संपत्ति के साथ ही अन्य कीमती सामान बरामद हुआ है, जिसकी कीमत से जुड़े दस्तावेज समेत 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है. वाप्‍कोस सरकार के स्‍वामित्‍व वाला एक केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है. इसे पहले ‘वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड’ के नाम से जाना जाता था.

when pm modi became prime minister of india

Modi is the 14th and current prime minister of India, serving since 26 May 2014.

Narendra Damodardas Modi (Gujarati: [ˈnəɾendɾə dɑmodəɾˈdɑs ˈmodiː]; born 17 September 1950) is an Indian politician serving as the 14th and current prime minister of India since May 2014. Modi was the chief minister of Gujarat from 2001 to 2014 and is the Member of Parliament from Varanasi.

16 april 2020 hatya kand

16 अप्रैल 2020 को, एक सतर्क समूह ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के गडचिनचले गांव में दो हिंदू साधुओं और उनके ड्राइवर को मार डाला । इस घटना को देशव्यापी कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान इलाके में चोरों के सक्रिय होने की व्हाट्सएप अफवाहों से हवा मिली । ग्रामीणों के सतर्क समूह ने तीनों यात्रियों को चोर समझकर मार डाला था। हस्तक्षेप करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया; चार पुलिसकर्मी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायल हो गए।

4 मई तक, 115 ग्रामीणों को महाराष्ट्र पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है और एक जांच जारी है। घटना के बाद धार्मिक तनाव भड़काने के लिए अफवाहें फैलाई गईं । 22 अप्रैल को, महाराष्ट्र के गृह मंत्री, अनिल देशमुख ने गिरफ्तार किए गए लोगों की एक पूरी सूची पोस्ट की, जिसमें कहा गया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कोई भी मुस्लिम नहीं था । सरकार ने कहा कि हमलावर और पीड़ित दोनों एक ही धर्म के थे।

पृष्ठभूमि
अतीत में, व्हाट्सएप पर अफवाहों से प्रेरित हमले और लिंचिंग भारत में हुई हैं, जहां फर्जी खबरों के तेजी से प्रसार के हिंसक परिणाम सामने आए हैं। अक्सर फेक न्यूज में बच्चे के अपहरण या फिरते हुए डाकुओं की अफवाह शामिल होती है।

रात में क्षेत्र में अंग निकालने वाले गिरोहों और अपहरणकर्ताओं की संभावित गतिविधि के बारे में गांव में अफवाहें फैलने के बाद, ग्रामीणों ने एक सतर्क समूह का गठन किया । गढ़चिंचले सरपंच (ग्राम प्रधान) के अनुसार, मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप से गांव में एक अफवाह चल रही थी , जिसमें दावा किया गया था कि लॉक-डाउन के दौरान क्षेत्र में बाल चोरों का एक गिरोह सक्रिय था। घटना के समय भारत में कोरोना वायरस महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन था। रात में वाहन के आने से ग्रामीणों को संदेह हुआ कि यात्री बच्चा चोर गिरोह के सदस्य हैं।

घटना
दो जूना अखाड़ा साधु चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरी (70 वर्ष) और सुशीलगिरी महाराज (35 वर्ष) अपने 30 वर्षीय ड्राइवर नीलेश तेलगड़े के साथ अपने गुरु श्री महंत रामगिरि के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे । सूरत । लगभग 10 बजे, जब वे मुंबई से 140 किमी उत्तर में गढ़चिंचल से गुजर रहे थे, वन विभाग के एक संतरी ने उनकी कार को स्थानीय चौकी पर रोक दिया। जब वे संतरी से बात कर रहे थे तब चौकीदारों के समूह ने उन पर लाठियों और कुल्हाड़ियों से हमला कर दिया। इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि पीड़ितों को गलती से बच्चा चोर और अंग काटने वाला समझा गया।

17 अप्रैल को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की थी, लेकिन जब उन्होंने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उन्हें पीटा गया। इस घटना में चार पुलिसकर्मी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायल हुए।

19 अप्रैल को, कई तमाशबीनों के वीडियो वायरल हुए। एक वीडियो में, एक पुलिस अधिकारी कल्पवृक्षगिरी को एक इमारत से बाहर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। भीड़ कल्पवृक्षगिरी पर हमला करना शुरू कर देती है, जो अपने जीवन के लिए भीख मांगते हुए दिखाई देता है, जबकि पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। तब हमलावर उसे ले जाकर मार डालते हैं। एक अन्य वीडियो में, भीड़ को एक पुलिस गश्ती वाहन की खिड़कियां तोड़ते हुए देखा जा सकता है । एक अन्य वीडियो में वाहन को टूटे शीशे के साथ पलटते हुए देखा जा सकता है।

प्रतिक्रियाओं
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, इस घटना ने 19 अप्रैल को देशव्यापी आक्रोश को आकर्षित किया, और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना हुई।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस , उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विपक्षी नेताओं ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। 20 अप्रैल को जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर महंत हरि गिरि ने लिंचिंग के लिए जिम्मेदार अपराधियों और पुलिस के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।

उद्धव ठाकरे ने गृह मंत्री अमित शाह से धार्मिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया । महाराष्ट्र राज्य कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत ने लिंचिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “सांप्रदायिक राजनीति” करने का आरोप लगाया। “ग्राम प्रधान के पद सहित पिछले दस वर्षों से ग्राम दिवाशी गढ़चिंचले को भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता है। वर्तमान प्रधान भी भाजपा से हैं। लिंचिंग की घटना में गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग भाजपा से हैं।” भाजपा ने आरोपों से इनकार किया।

भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र पुलिस प्रमुख को एक अनुरोध भेजा जिसमें आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और पीड़ितों के रिश्तेदारों को दी गई किसी भी राहत के विवरण के साथ चार सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया।

source:https://en.wikipedia.org/wiki/2020_Palghar_mob_lynching

खुश हो जाइए ! दिल्ली में जारी रहेगी फ्री बिजली योजना, LG ने पास कर दी फाइल, जानिए कहां अटका था मामला

Delhi Free Bijli Yojna Full Details: दिल्लीवालों को पहले की तरह मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिलता रहेगा। एलजी वीके सक्सेना ने फाइल पास कर दी है। इससे पहले आम आदमी पार्टी सरकार की मंत्री आतिशी ने एलजी पर बिजली सब्सिडी योजना की फाइल जानबूझकर दबाने का आरोप लगाया था।

नई दिल्ली: दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ आगे भी मिलेगा या नहीं इसपर स्थिति स्पष्ट हो गई है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के फाइल पास करने के बाद दिल्ली में लोगों को पहले की तरह फ्री बिजली स्कीम का लाभ मिलता रहेगा। इससे पहले दिल्ली की नई ऊर्जा मंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एलजी वीके सक्सेना पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उपराज्यपाल ने 46 लाख परिवारों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी रोकने की कोशिश थी। अब फाइल पास होते ही लोगों को पहले की तरह इसका लाभ मिलता रहेगा।

राजनिवास ने लगाए दिल्ली सरकार पर आरोप
इसे पहले राजनिवास की ओर से बताया गया कि दिल्ली सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गुरुवार रात ही फाइल पर साइन कर दिए थे। साइन करने के बाद फाइल को सीएम अरविंद केजरीवाल को भेज दी गई थी। राजनिवास ने आगे कहा कि फाइल भेजने के बाद भी आम आदमी पार्टी की मंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों को गुमराह किया। उपराज्यपाल के कार्यालय ने कहा कि ऊर्जा मंत्री को एलजी के खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।

दिल्ली सरकार ने क्यों कहा- एलजी ने नहीं पास की फाइल
दिल्ली बिजली सब्सिडी योजना को लेकर आज नई मंत्री आतिशी ने एलजी पर फाइल रोकने का आरोप लगाया था। आतिशी ने कहा कि LG ने दिल्ली की मुफ़्त बिजली रोकी। इसके बाद 46 लाख परिवारों, किसानों, वकीलों और 1984 दंगा पीड़ितों को फ्री बिजली मिलनी बंद हो जाएगी। दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी की फाइल एलजी लेकर बैठ गए हैं। टाटा, बीएसइस ने चिट्ठी लिखी—उनके पास सब्सिडी की सूचना नहीं आई तो वो बिलिंग शुरू करेंगे। आतिशी ने कहा कि मैंने कल LG साहब के ऑफिस में संदेश छोड़ा। केवल 5 मिनट का समय चाहिए46 लाख परिवारों को मिल रही बिजली सब्सिडी का मुद्दा है। कोई रिस्पांस नहीं। मीडिया के माध्यम से एलजी साहब से अनुरोध, फाइल क्लियर करें, नहीं तो मंडे से आने वाले बिजली बिल्स में सब्सिडी नहीं होगी।

source:navbharattimes

Raveena Tandon And MM Keeravaani Receive Their Padma Shri Awards

Actor Raveena Tandon and music composer MM Keeravaani, on Wednesday, were awarded Padma Shri, the fourth highest civilian award, at a gilded ceremony at the Rashtrapati Bhavan, New Delhi. President Droupadi Murmu presented the Padma honours in the attendance of Prime Minister Narendra Modi and Home Minister Amit Shah. Raveena Tandon shared a video on her Instagram handle that shows her receiving the award and captioned it as, “Thankyou all for the love and honour. Thankyou for your blessings papa, mami and mom #padmashri.” 

In the video, Raveena Tandon can be seen in a golden saree with a black border. Soon after she shared the post, her industry friends flooded the comment section. Neelam Kothari wrote, “Congratulations,” while Manish Malhotra dropped heart emoticons. 

Raveena Tandon also shared several photos from the award ceremony on her Instagram handle. The award ceremony was attended by her husband Anil Thadani, daughter Rasha and son Ranbir. The album also includes pictures of Raveena receiving the prestigious award from President Droupadi Murmu. Also, one with RRR director SS Rajamouli. Sharing the post, the actress wrote, “A day of love and celebrations #padmashri #23.” 

भारतीय लेखक प्रेम रावत ने बनाया ‘स्वयं की आवाज’ पुस्तक के विमोचन से गिनीज विश्व रिकॉर्ड

लखनऊ, 5 अप्रैल : दुनिया भर में शांति का संदेश देने वाले शांति दूत प्रेम रावत जी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 2 अप्रैल को एक विशाल जनसभा से रूबरू हुए। इस दौरान प्रेम रावत (Prem Rawat) ने अपनी नई पुस्तक ‘‘स्वयं की आवाज’’ का लोकार्पण कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। पुस्तक विमोचन समारोह को गिनीज विश्व रिकॉर्ड (Guinness World Records) में दर्ज किया गया। इस दौरान भारी तादाद में देश-विदेश से लोग उन्हें सुनने के लिए रमाबाई अम्बेडकर मैदान रैली स्थल पहुंचे थे।

दरअसल, विश्व विख्यात प्रकाशक “‘HarperCollins” द्वारा पुस्तक का प्रकाशन किया गया था। समारोह को गिनीज विश्व रिकॉर्ड का दर्जा मिलने की वजह समारोह में 1,14,704 लोगों की उपस्थिति थी, जो संभवतः पहली बार दर्ज हुई। इससे पहले इसी तरह के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में 6786 लोगों की उपस्थिति का रिकॉर्ड बना था, जो इस कार्यक्रम के बाद बुरी तरह से टूट गया। कार्यक्रम में बतौर मॉडरेटर मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री पहुंची थी।

इस दौरान शांतिदूत प्रेम रावत ने अपनी पुस्तक ‘‘स्वयं की आवाज’’ के कुछ पन्नों को पढ़कर भी सुनाया, जिसे मौजूद श्रोताओं व पुस्तक प्रेमियों ने ध्यानपूर्वक सुना और इसका आनंद लिया। बता दें कि ‘‘स्वयं की आवाज’’, अंग्रेजी पुस्तक‘‘ हियर योरसेल्फ’’ (Hear Yourself) का हिन्दी रूपांतर है, जो न्यूयार्क टाइम्स की बेस्ट सेलर लिस्ट (New York Times best seller list) में शामिल है।

पुस्तक के विमोचन के बाद प्रेम रावत ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जीवन में व्याप्त शोर व अशांति को दूर करने के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि किस तरह से मनुष्य अपने अंदर मौजूद शांति का अनुभव कर अपने व दूसरों के जीवन में शांति ला सकता है। उन्होंने शांति को मानवता के विकास में अहम बताया। प्रेम रावत के अनुसार मनुष्य के अंदर शांति का भंडार है, जिसका वह रोज अनुभव कर सकता है।

उन्होंने बताया कि पिछले 6 दशकों से वो लगातार शांति का संदेश दुनिया भर में पहुंचा रहे हैं। उनकी कोशिश हर उस व्यक्ति तक पहुंचने की है, जो अपने जीवन में शांति प्राप्त करना चाहता है। उन्होंने मौजूद श्रोताओं को जीवन में मात्र विश्वास से हटकर अनुभव से जुड़ने का  संदेश दिया।

प्रेम रावत ने जीवन की खूबसूरती का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य एक बूंद है, जिसमें समुद्र समाया हुआ है। एक दिन ये बूंद भी समुद्र में समा जाएगी। जब तक हम एक बूंद हैं, उस अनंत शांति का अनुभव कर सकते हैं। उन्होंने समझाया कि मनुष्य जन्म बार-बार नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि मनुष्य जब तक अपने अंदर झांक कर अपना आकलन स्वयं नहीं करेगा, तब तक वह दूसरों की मदद में भागीदारी नहीं दे सकता।

अभिनेत्री भाग्य श्री की विशेष बातचीत….
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि व मॉडरेटर पहुंची अभिनेत्री भाग्य श्री ने पुस्तक के लेखक व शांति दूत प्रेम रावत से उनकी पुस्तक को लेकर बातचीत की। अभिनेत्री द्वारा पूछे गए सवाल पर प्रेम रावत ने कहा कि जैसे एक बुझा हुआ दीपक दूसरे दीपक को रोशनी नहीं दे सकता है। उसी प्रकार हम जब तक हम स्वयं को नहीं जानेंगेे, तब तक दूसरे की मदद नहीं कर सकेंगे।

कौन हैं प्रेम रावत…
पुस्तक के लेखक व वक्ता प्रेम रावत लगभग 6 दशक से शांति व मानवता का संदेश दुनिया भर में देते आ रहे हैं। प्रेम रावत एक बेहतरीन वक्ता, शिक्षक, बेस्ट सेलिंग  लेखक व मानवतावादी शख्सियत हैं, जो लोगों को अपने ह्दय की आवाज सुनने व जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उनकी लिखी गई पुस्तकें देश भर व विदेशों में सबसे अधिक पढ़ी जाती हैं। प्ररेक कहानियों व दिलचस्प किस्सों से वो लोगों तक अपना संदेश पहुंचाते हैं, जिसे लोगों की खूब सराहना मिलती है।

पुस्तक में क्या है खास…
उन्होंने बताया कि ‘स्वयं की आवाज’ पुस्तक में अपनी यात्राओं के दौरान धार्मिक हस्तियों, नेताओं से लेकर कड़ी सुरक्षा वाली जेलों में बंद कैदियों से बातचीत का वर्णन किया है। इसके साथ ही  पुस्तक में जीवन में भय, क्रोध, चिंता से बचने के उपाय बताए गए हैं। साथ ही आंतरिक शांति, सुकून व संतोष से जीवन में किस तरह बदलाव लाया जा सकता है, का भी बखूबी वर्णन है।

कुल मिलाकर भागदौड़ की जिंदगी में हरेक मनुष्य शांति की तलाश कर रहा है। प्रेम रावत जी इसी शांति से लोगों को रूबरू करवा रहे हैं, जो स्वयं सबके अंदर विद्यमान है। प्रेम रावत जी के संदेश को और जानने व समझने के लिए इस लिंक की मदद ले सकते हैं।

www.hearyourselfbook.in www.premrawat.com & www.rajvidyakender.org

लखनऊ: प्रेम रावत की पुस्तक “स्वयं की आवाज” के विमोचन में बना रिकॉर्ड, उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। रमाबाई अम्बेडकर मैदान रैली स्थल में प्रेम रावत  ने एक कार्यक्रम में विशाल जन समूह को सम्बोधित किया। अवसर था उनकी नयी पुस्तक ‘‘स्वयं की आवाज़” के लोकार्पण का जिसे विश्व प्रसिद्ध प्रकाशक हार्पर कॉलिंस ने हिन्दी मे प्रकाशित किया है। इस अवसर भारी तादात में लोग प्रेम रावत को  सुनने के लिए आये हूए थे। 

इस पुस्तक विमोचन समारोह को गिनीज विश्व रिकॉर्ड से नवाज़ा गया है जिसमें प्रेम रावत ने लाख लोगों के बीच अपनी पुस्तक का विमोचन किया और जिसके परिणाम स्वरूप इस तरह के कार्यक्रम में  6786 लोगों का पुराना रिकॉर्ड टूट गया। सर्वप्रथम प्रेम रावत ने अपनी पुस्तक के कुछ पन्नों को पढ़कर सुनाया जिसे  पुस्तक-प्रेमियों ने शांति पूर्वक  सुना और उसका आनंद लिया । ‘‘स्वयं की आवाज़” प्रेम रावत की अंग्रेजी पुस्तक ‘‘हियर योरसेल्फ” का हिन्दी संस्करण  है। इस कार्यक्रम में मॉडरेटर अभिनेत्री भग्यश्री रहीं। 

पुस्तक के लोकार्पण के पश्चात् प्रेम रावत ने अपने सम्बोधन में जीवन में व्याप्त शोर को शांत करने के बारे में मार्गदर्शन दिया ताकि हम अपने अंदर की असली आवाज़ सुन सकें। उन्होंने आगे कहा कि शांति मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धि है। प्रत्येक मनुष्य के अंदर शांति का भंडार है पर क्या आपने अपने जीवन में उसका अनुभव किया है या नहीं? पिछले छः दशकों से मेरी कोशिश यही रही है कि मैं लोगों  को यह प्रेरणा दे सकूं कि वो अपने जीवन में  शांति का अनुभव कर सकते हैं। 

उन्होंने  श्रोताओं को जीवन में मात्र विश्वास से हटकर अनुभव से जुड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हम सभी एक बूँद हैं, जिसमें समुद्र समया हुआ है और एक दिन यह  बूँद समुद्र में समा जायगी। जब तक हम एक बूँद हैं, हम उस अनंत का अनुभव कर सकते हैं। प्रेम रावत ने समझाया कि यह जीवन बार बार नहीं मिलेगा। यदि हमारे जीवन में प्रकाश हो जाए तो हम सब भी उन उपहारों को पाएंगे जो हमें इस जीवन के रूप में मिले हैं।