गुरुवर तुम्हारे प्यार ने, जीना सिखा दिया।
मुझको तुम्हारे प्यार ने, इन्सां बना दिया ॥
रहते हैं जलवे आपकी, नज़रों में हर घड़ी।
मस्ती का जाम आपने, ऐसा पिला दिया ॥
भूला हुआ था रास्ता, भटका हुआ था मैं।
किस्मत ने मुझसे रहबरे, कामिल मिला दिया ॥
जिस दिन से मुझको आपने, अपना बना लिया।
दोनों जहां को दास ने, तब से भुला दिया ॥
जिसने किसी को आज तक, सिजदा नहीं किया।
वह सिर भी मैंने आपके, दर पर झुका दिया ॥







