वास्तु और स्वास्थ्य के अनुसार पूरब की ओर सिर करके सोना ज्ञान, बेहतर स्वास्थ्य और एकाग्रता के लिए सर्वोत्तम है, जबकि पश्चिम दिशा को तटस्थ (औसत) या मिश्रित प्रभावों वाला माना जाता है। पूर्व सकारात्मक ऊर्जा देता है, जबकि पश्चिम में सोने से कभी-कभी बेचैनी या मध्यम आराम मिल सकता है। दक्षिण-पूर्व सबसे बेहतर दिशाएं मानी जाती हैं।
पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने के फायदे
- ज्ञान और स्वास्थ्य: पूर्व दिशा में सिर करके सोने से ज्ञान, रचनात्मकता और मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
- ऊर्जावान सुबह: सूरज पूर्व से उगता है, इसलिए इस दिशा में सिर होने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति तरोताजा महसूस करता है।
- एकाग्रता: छात्रों और पेशेवरों के लिए यह दिशा बेहतर नींद और एकाग्रता के लिए बहुत शुभ मानी जाती है।
- दोष संतुलन: यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित रखने में मदद करती है।
पश्चिम दिशा में सिर रखकर सोने के फायदे और नुकसान
- मिश्रित प्रभाव: पश्चिम दिशा को सामान्य या तटस्थ माना जाता है। न तो बहुत शुभ और न ही बहुत हानिकारक।
- धन-दौलत: कुछ मान्यताओं के अनुसार, जो लोग अधिक सफलता, प्रसिद्धि या धन चाहते हैं, उनके लिए पश्चिम दिशा अच्छी हो सकती है।
- नुकसान/बेचैनी: इसे कभी-कभी अशांति या चिंता से जोड़ा जाता है। कुछ लोगों को इस दिशा में सोने पर नींद में खलल या बेचैनी का अनुभव हो सकता है।
- चुंबकीय ऊर्जा: कुछ अध्ययनों के अनुसार, यह पृथ्वी की चुंबकीय शक्ति के विपरीत हो सकती है, जिससे गहरी नींद में बाधा आ सकती है।
निष्कर्ष
वास्तु और विज्ञान (चुंबकीय सिद्धांत) के अनुसार दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर रखकर सोना सबसे अच्छा माना जाता है। पश्चिम दिशा में सोना हानिकारक नहीं है, लेकिन दक्षिण-पूर्व की तुलना में कम फायदेमंद हो सकता है।






