अपनाते रहे जिस भांति सदा, उसी भांति सदा अपनाइयेगा।
त्रुटियाँ यदि हो गयीं हों हमसे, जन जान के ध्यान न लाइयेगा ॥
मिलने को संयोग मिला विधि से, उसे प्यार ही प्यार में निभाइयेगा।
हम चाहें मिलें न मिलें तुमको, पर आप हमें न भुलाइयेगा ॥
मैं जो कुछ भी हूं आपका हूं, अपने को आप न भुलाइयेगा।
लघु बालक जान अज्ञानता की, त्रुटियों में ध्यान न लाइयेगा ॥
जब आप मिलें किरपा करके, मन-मंदिर में रम जाइयेगा।
यह भाव की भेंट चढ़ा रहा हूं, अपनाइयेगा, अपनाइयेगा ॥







