Category: Stories

  • एक महान संत थे जो बहुत ही प्रचंड तपस्वी थे। उन्हें कई शास्त्रों का ज्ञान था। कई श्लोक मुँह जबानी याद थे।

    एक महान संत थे जो बहुत ही प्रचंड तपस्वी थे। उन्हें कई शास्त्रों का ज्ञान था। कई श्लोक मुँह जबानी याद थे। उनकी बुद्धिमानी के चर्चे मीलो तक थे। संत दिन रात प्रत्येक पल भगवान् की भक्ति में लगे रहते थे। कठिन से कठिन तपस्या करते थे लेकिन *उन्हें सेवा में रूचि नहीं थी।* उन्हें…

  • मन का पात्र शुद्ध कीजिए

    ❤️मन का पात्र शुद्ध कीजिए ❤️ एक साधु अपने एक शिष्य के साथ यात्रा को गया! मरुस्थल में मार्ग खो गया। बड़ी प्यास लगी थी। गला सूख रहा था। किसी तरह खोज कर एक छोटा सा झरना मिल गया। बड़े प्रसन्न हुए। न केवल झरना मिला, बल्कि झरने के पास ही पड़ा एक पात्र भी…

  • भक्तों की दरिद्रता

    भक्तों की दरिद्रता जगत-जननी पार्वतीजी ने एक भूखे भक्त को श्मशान में चिता के अंगारों पर रोटी सेंकते देखा तो वे दौड़ी-दौड़ी ओघड़दानी शंकरजी के पास गयीं और कहने लगीं, “भगवन् ! मुझे ऐसा लगता है कि आपका कठोर हृदय अपने अनन्य भक्तों की दुर्दशा देखकर भी नहीं पिघलता। कम-से-कम उनके लिए भोजन की उचित…

  • मृत्यु के लिये प्रवेश!

    मृत्यु के लिये प्रवेश!————————- वाराणसी के एक गेस्ट हाउस का एकाउंट है, जहाँ लोग मृत्यु के लिए प्रवेश लेते हैं। इसे “काशी लाभ मुक्ति भवन” कहा जाता है। एक हिंदु मान्यता के अनुसार यदि कोई काशी में अपनी अंतिम सांस लेता है, तो उसे काशी लाभ (काशी का फल) जो वास्तव में मोक्ष या मुक्ति…

  • एक बार किसी ने कबीर जी से पूछा कि – आप “किसको भज रहे हो जी?”

    एक बार किसी ने कबीर जी से पूछा कि – आप “किसको भज रहे हो जी?” कबीर जी ने कहा – “राम जी को”फिर उसने पूछा गया “कौन से राम जी को?” क्योंकि मैंने सुना है राम तो कई हैं। एक राम दसरथ कर बेटाएक राम घट घट में लेटा,एक राम है जगत पसाराऔर एक…

  • काल के दूत आने पर

    काल के दूत आने पर एक साहब ने तोता पाल रखा था और उस से बहोत प्रेम करते थे!एक दिन एक बिल्ली उस तोते पर झपटी और तोता उठा कर ले गई वो साहब रोने लगे!तो लोगो ने कहा: भाई आप क्यों रोते हो? हम आपको दूसरा तोता ला देते हैं! वो साहब बोले: मैं…

  • हमारे संतों ने श्रद्धा को विश्वास से भी ऊपर का दर्जा दिया है। 

    हमारे संतों ने श्रद्धा को विश्वास से भी ऊपर का दर्जा दिया है। विश्वास और अविश्वास दोनों ही तर्क से जीते हैं। इन दोनों का भोजन तर्क है। नास्तिक तर्क देता है कि ईश्वर नहीं है। आस्तिक तर्क देता है कि ईश्वर है। लेकिन दोनों ही तर्क देते हैं और तर्क पर ही भरोसा करते…

  • एक संन्यासी सारी दुनिया की यात्रा करके भारत वापस लौटा था | एक छोटी सी रियासत में मेहमान हुआ |

    एक संन्यासी सारी दुनिया की यात्रा करके भारत वापस लौटा था | एक छोटी सी रियासत में मेहमान हुआ | उस रियासत के राजा ने जाकर संन्यासी को कहा :*स्वामी, एक प्रश्न बीस वर्षो से निरंतर पूछ रहा हूं | कोई उत्तर नहीं मिलता |क्या आप मुझे उत्तर देंगे?* उस संन्यासी ने उस राजा से…

  • लोग लड़ाई-झगड़ा क्यों करते हैं?

    लोग लड़ाई-झगड़ा क्यों करते हैं? एक संत भिक्षा में मिले अन्न से अपना जीवत चला रहे थे। वे रोज अलग-अलग गांवों में जाकर भिक्षा मांगते थे। एक दिन वे गांव के बड़े सेठ के यहां भिक्षा मांगने पहुंचे। सेठ ने संत को थोड़ा अनाज दिया और बोला कि गुरुजी मैं एक प्रश्न पूछना चाहता हूं।…

  • अंत समय के बोल

    🌷 अंत समय के बोल 🌷 एक सज्जन ने तोता पाल रखा था और उस से बहुत स्नेह करते थे,एक दिन एक बिल्ली उस तोते पर झपटी और तोता उठा कर ले गई । वो सज्जन रोने लगे तो लोगो ने कहा: महाश्य आप क्यों रोते हो?हम आपको दूसरा तोता ला देते हैं तब वो…