मुझको चरणों में अपने जगह दीजिये ॥
सतगुरु ! मुझको सेवक बना लीजिये ॥
भूला फिरता हूं, जन्मों से मैं आपको।
भूले भटके को, रस्ते लगा दीजिये ॥
ठोकरें माया की, खा चुका हूं बहुत ।
आपकी हूं शरण में, बचा लीजिये ॥
भूल कर भी न तुमको भुलाऊं कभी।
दास पर इतनी ही, बस कृपा कीजिये ॥







