Category: Entertainment

  • अज्ञानता और लोभ का परिणाम

    एक कुम्हार को मिट्टी खोदते हुए अचानक एक हीरा मिल गया। उसने उसे अपने गधे के गले में बांध दिया। एक दिन एक बनिए की नजर गधे के गले में बंधे उस हीरे पर पड़ गई। उसने कुम्हार से उसका मूल्य पूछा। कुम्हार ने कहा, सवा सेर गुड़। बनिए ने कुम्हार को सवा सेर गुड़…

  • नैतिकता का पाठ

    जब कर्ण के रथ का पहिया जमीन में फंस गया तो वह रथ से उतरकर उसे ठीक करने लगे! वह उस समय बिना हथियार के थे! भगवान कृष्ण ने तुरंत अर्जुन को बाण से कर्ण को मारने का आदेश दिया।अर्जुन ने भगवान के आदेश को मान कर कर्ण को निशाना बनाया और एक के बाद…

  • घास-बांस की प्रेरणास्पद कहानी जो देती है सबसे बड़ी सीख

    घास-बांस की प्रेरणास्पद कहानी जो देती है सबसे बड़ी सीख… ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो एक बिजनेसमैन था लेकिन उसका बिजनेस डूब गया और वो पूरी तरह हताश हो गया। वह अपने जीवन से बुरी तरह थक चुका था। एक दिन परेशान होकर वो जंगल में गया और काफी देर वहां अकेला…

  • असली आराधना

    असली आराधनाएक बार श्री गुरु नानक देव जी के पास एक नवाब और काजी आये ! उन्होंने आकर गुरु जी से कहा – आप कहते है ना कि ना कोई हिन्दू और ना मुसलमान ; सब कुदरत के बन्दे हैं!अगर आप यही मानते है कि ईश्वर एक ही है तो आज आप हमारे साथ चल…

  • देशभक्ति

    देशभक्ति प्रताप चित्तौड़ के राणा उदय सिंह का बेटा था।प्रताप राणा के बेटे थे उन्हें गाने बजाने का बहुत शौक था। यूँ तो वो सदैव देश भक्ति गीत की लय में रहते थे, लेकिन फिर भी लोग उन्हें कहते थे। तुम एक राजपूत घराने के भविष्य के राणा हो।यह क्या शौक लिए हुए हो।गाना बजाना…

  • बिनु सतसंग विवेक नहिं होई

    सतसंग और विवेक ऐसी शक्ति है, जिसके बिना मानव सत्य-असत्य, अच्छे-बुरे का आकलन करने में असमर्थ रहता है। इसके अभाव में मानव और पशु की सीमा-रेखा धुंधला जाती है। निद्रा, भोजन, भोग, भय के स्तर पर ज्ञान और विवेक के कारण ही मानव सबसे अलग नजर आता है। आत्मज्ञान नहीं, विवेक नहीं, तो मानव भी…

  • अपनापन

    अपनापन डा. मीनाक्षी दो साल बाद लंदन से भारत लौटी हैं। वहाँ हर तरीके से सब कुछ बढ़िया होते हुए भी वो चैन से नही थी। विदेशी भूमि को उनका परिवार कभी अपना नहीं पाया। अब पटना लौट कर चैन की सांस आई है। दीपावली की कुछ शॉपिंग करने अपने प्रिय पटना मार्केट आई थीं।…

  • परिवार और दोस्त

    परिवार और दोस्त जंगली भैंसों का एक झुण्ड जंगल में घूम रहा था।तभी एक बछड़े ने पूछा, पिता जी, क्या इस जंगल में ऐसी कोई चीज है जिससे डरने की ज़रुरत है? बस शेरों से सावधान रहना हा, भैंसा बोला। हाँ , मैंने भी सुना है कि शेर बड़े खतरनाक होते हैं। अगर कभी मुझे…

  • Subhash Chandra Bose Jayanti – Parakram Day

    Subhash Chandra Bose Jayanti – Parakram Day

    Bravery Day, also known as Parakram Diwas, is now a recognised national day in India and is observed on January 23. In 2021, just before Netaji Subhas Chandra Bose’s 125th birthday, the Indian government unveiled it. Referred as Netaji, he fought for independence throughout his life, within the country and from abroad. Owing to the legendary…

  • बुजुर्गों का मन

    💐💐बुजुर्गों का मन💐💐 नहीं बहू !! बूंदे यहां नहीं आ रही। तुम्हारे बाबूजी को बहुत पसंद थी बारिश। घंटो बैठे रहते थे खिड़की पर हम दोनों। साथ में चलता था पकोड़े और चाय का दौर। सच क्या दिन थे वो भी अब तो ना उनका साथ रहा ना पकोड़े झेलने वाला जिस्म! मिथलेश जी ठंडी…