January 12, 2023 in Stories
तुम बचे गये तो चरण दूर। तुम मिट गये तो चरण पास।
मन बेचें सतगुरु के पास तिस सेवक के सब कारज रासअहंकार जिस भेंट के साथ जुड़ा है वह अपवित्र हो जाती है। चाहे दुनियाँ का साम्राज्य भी लेकर जाओ। निरंहकार भाव से तुम खाली हाथ लेकर भी गये तो वह भेंट स्वीकार हो जाती है।महात्मा बुद्ध के जीवन में उल्लेख है। एक सम्राट बुद्ध से […]






