Category: Entertainment
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अज्ञानता
एक जौहरी के निधन के बाद उसका परिवार संकट में पड़ गया। खाने के भी लाले पड़ गए।एक दिन उसकी पत्नी ने अपने बेटे को नीलम का एक हार देकर कहा- ‘बेटा, इसे अपने चाचा की दुकान पर ले जाओ। उनसे कहना किइसे बेचकर कुछ रुपये दे दें। बेटा वह हार लेकर चाचा जी के…
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जीवन का आनंद
एक बार एक सम्राट एक साधु से बहुत प्रभावित हो गए। सम्राट रोज रात को अपने घोड़े पर सवार होकर राज्य का चक्कर लगाने निकलते थे, उस समय रोज उस साधु को देखते थे।वह साधु एक वृक्ष के नीचे अपनी मस्ती में बैठे, कभी बाँसुरी बजाते, कभी नाचते, कभी गीत गुनगुनाते और कभी चुपचाप बैठ…
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मृत्यु एक सत्य हैं
एक राधेश्याम नामक युवक था! स्वभाव का बड़ा ही शांत एवम सुविचारों वाला व्यक्ति था! उसका छोटा सा परिवार था जिसमे उसके माता- पिता, पत्नी एवम दो बच्चे थे! सभी से वो बेहद प्यार करता था! इसके अलावा वो कृष्ण भक्त था और सभी पर दया भाव रखता था! जरूरतमंद की सेवा करता था! किसी…
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सबसे-बड़ा-मूर्ख
एक बहुत धनी व्यापारी था। उसने बहुत धन सम्पत्ति इकट्ठा कर रखी थी। उसका एक नौकर था सम्भु। जो अपने वेतन का एक बड़ा हिस्सा गरीबों की मदद में खर्च कर देता था। व्यापारी रोज उसे धन बचाने की शिक्षा देता। लेकिन सम्भु पर कोई असर नहीं होता था। इससे तंग आकर एक दिन व्यापारी…
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राम से बड़ा राम का ‘नाम’
रामदरबार में हनुमानजी महाराज श्री रामजी की सेवा में इतने तन्मय हो गए कि गुरू वशिष्ठ k आने का उनको ध्यान ही नहीं रहा. .. सबने उठ कर उनका अभिवादन किया लेकिन हनुमानजी नहीं कर पाए. .. वशिष्ठ जी ने श्री रामजी से कहा कि राम गुरु का भरे दरबार में अभिवादन नहीं कर अपमान…
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भाइयों का सम्बंध
एक दिन संध्या के समय सरयू के तट पर तीनों भाइयों संग टहलते श्रीराम से महात्मा भरत ने कहा, “एक बात पूंछूँ भइया?” “माता कैकई ने आपको वनवास दिलाने के लिए मंथरा के साथ मिल कर जो षड्यंत्र किया था, क्या वह राजद्रोह नहीं था? उनके षड्यंत्र के कारण एक ओर राज्य के भावी महाराज…
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पुण्य और कर्तव्य
एक बार की बात है। एक बहुत ही पुण्यशाली व्यक्ति अपने परिवार सहित तीर्थ यात्रा के लिए निकला। कई कोस दूर जाने के बाद पूरे परिवार को प्यास लगने लगी, ज्येष्ठ का महीना था, आस पास कहीं पानी नहीं दिखाई पड़ रहा था। उसके बच्चे प्यास से व्याकुल होने लगे। समझ नहीं आ रहा था…
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रिश्तें बड़े अनमोल होते हैं – थोड़े से ऐश्वर्य धन या सम्पदा के चक्कर मे कहीं किसी अनमोल रिश्तें को न खो देना!
सेठ घनश्याम के दो पुत्रों में जायदाद और ज़मीन का बँटवारा चल रहा था और एक चार बेड रूम के घर को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। एक दिन दोनों भाई मरने मारने पर उतारू हो चले तो पिता जी बहुत जोर से हँसे। पिताजी को हँसता देखकर दोनो भाई लड़ाई को भूल गये…
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ईश्वर जैसा नि:स्वार्थ और दयालु कोई नहीं है। ऐसा नि:स्वार्थ और दयालु न कभी हुआ, न होगा।
एक व्यक्ति रेल की लाइन में टिकट खरीदने के लिए लगा हुआ था। जब उसका नंबर आया तो क्लर्क ने कहा कि “तीन रुपए खुले दो, तो टिकट मिलेगा।”यात्री के पास तीन रुपए खुले नहीं थे। उसने अपने पास वाले यात्री से पूछा, “क्या आपके पास तीन रुपय खुले हैं. अगर आप मुझे दे दें,…
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दुनिया में बुराईयां क्यों है ?
एक दिन कॉलेज में प्रोफेसर ने विद्यर्थियों से पूछा कि इस संसार में बुराई का अस्तित्व है या नहीं? सभी ने कहा, “हां! “ प्रोफेसर ने कहा कि इसका मतलब बुराई थी ही,और है ही और रहेगी भी। प्रोफेसर ने इतना कहा तो एक विद्यार्थी उठ खड़ा हुआ और उसने कहा कि इतनी जल्दी इस…
