Category: Stories

  • मौन और मुस्कान की सफलता

    मौन और मुस्कान की सफलता मैं मौमु सेठ के बारे में बहुत तो नहीं जानता! पर इतना तो जानता ही हूँ कि वह पहले से ही सेठ नहीं था। वह तो एक गरीब आदमी था! झन्नु उसका नाम था।झन्नु हमेशा झन्नाया रहता। बिना बात का झगड़ा करना तो उसके स्वभाव में ही था। किसी ने…

  • तुम बचे गये तो चरण दूर। तुम मिट गये तो चरण पास।

    मन बेचें सतगुरु के पास तिस सेवक के सब कारज रासअहंकार जिस भेंट के साथ जुड़ा है वह अपवित्र हो जाती है। चाहे दुनियाँ का साम्राज्य भी लेकर जाओ। निरंहकार भाव से तुम खाली हाथ लेकर भी गये तो वह भेंट स्वीकार हो जाती है।महात्मा बुद्ध के जीवन में उल्लेख है। एक सम्राट बुद्ध से…

  • हे दीनानाथ ! मैं भी तो खोटा सिक्का हूँ इसलिए मैंने खोटा सिक्का ले लिया!

    एक मालिक का प्यारा भक्त था – जिसका नाम करतार था!वह छोले बेचने का काम करता था! उसकी पत्नी रोज सुबह-सवेरे उठ छोले बनाने में उसकी मदद करती थी!एक बार की बात है कि एक फकीर – जिसके पास खोटे सिक्के थे उसको सारे बाजार में कोई वस्तु नहीं देता हैं तो वह करतार के…

  • ये कौशल आपको कार्यस्थल और आपकी नौकरी की भूमिका में सफल होने में मदद करते हैं।

    ➡️ अपने संचार कौशल में सुधार करें (Communication Skills) ➡️ इमोशनल इंटेलिजेंस पर काम करें (Emotional Intelligence) ➡️अपनी टीमवर्क क्षमताओं को मापें (Teamwork) ➡️ लंबे समय तक काम करने की अपनी इच्छा का प्रदर्शन करें ➡️ अपने कार्यस्थल उत्पादकता में सुधार करें (#productivity) ➡️ अपना आत्मविश्वास बढ़ाएं (Self confidence) ➡️ व्यावसायिक संबंध बनाएं (#Networking) नियोक्ता…

  • ज्ञान की पहचान

    ज्ञान की पहचान !! किसी जंगल में एक संत महात्मा रहते थे! सन्यासियों वाली वेशभूषा थी और बातों में सदाचार का भाव, चेहरे पर इतना तेज था कि कोई भी इंसान उनसे प्रभावित हुए नहीं रह सकता था! एक बार जंगल में शहर का एक व्यक्ति आया और वो जब महात्मा जी की झोपड़ी से…

  • जीवन की मूल संपदा-परिष्कृत व्यक्तित्व

    जीवन की मूल संपदा – परिष्कृत व्यक्तित्व 👉 “व्यक्तित्व” ही मनुष्य की मूल संपदा है । इसकी श्रेष्ठता और निकृष्टता के आधार पर ही किसी व्यक्ति का श्रेष्ठ या निकृष्ट होना निर्भर है।प्रश्न उठता है कि यह “व्यक्तित्व” क्या है ?मनुष्य जो दिखाई देता है, आचरण, रहन-सहन व बोल-चाल व्यवहार का जैसा जो कुछ प्रभाव…

  • भगवान की कृपा

    भगवान की कृपा एक बार की बात है बहुत तेज बारिश हो रही थी। दो मटके(घड़े) बाहर रखे हुए थे। बारिश में दोनों भीग रहे थे। थोड़ी देर के बाद जब बारिश बंद हुई तो एक मटका भर गया और दूसरा खाली रह गया। जो मटका खाली रह गया गया वो वर्षा से कहता है…

  • गुरु आज्ञाकारी भक्त का स्वभाव

    गुरु आज्ञाकारी भक्त का स्वभाव गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी अर्जुन को समझाते हैं कि आत्मज्ञानी व्यक्ति का सबसे पहला गुण है कि उसमें संसार के सारे ही जीवित प्राणियों के प्रति सच्चा प्रेम और सेवाभाव होना चाहिए।स्वयं के भीतर सच्चे प्रेम के बीज का रोपण ही दुनिया की सारी समस्याओं और शान्ति का समाधान…

  • मोह का ताना – बाना

    मोह का ताना – बाना मैं एक सूफी कहानी पढ़ता था। एक युवक ने आकर अपने गुरु को कहा,अब बहुत हो गया, मैं जीवन छोड़ देना चाहता हूं।लेकिन पत्नी है, बच्चा है, घर—द्वार है।गुरु ने कहा, तेरे बिना वे न हो सकेंगे? उसने कहा कि ऐसा तो कुछ नहीं है,सब सुविधा है, मेरे बिना हो…