Category: Stories

  • मनुष्य का ध्यान

    मनुष्य का ध्यान समय और स्थानजनवरी की एक सर्द सुबह थी, और यह घटना थी अमेरिका के वाशिंगटन डीसी का मेट्रो स्टेशन की! एक आदमी वहां करीब घंटा भर तक वायलिन बजाता रहा… इस दौरान लगभग 2000 लोग वहां से गुज़रे – उनमें से अधिकतर लोग अपने काम से जा रहे थे। जब उस व्यक्ति…

  • अजनबी हमसफ़र

    अजनबी हमसफ़र वो ट्रेन के रिजर्वेशन के डब्बे में बाथरूम के तरफ वाली एक्स्ट्रा सीट पर बैठी थी,…☺️😢😢उसके चेहरे से पता चल रहा था कि थोड़ी सी घबराहट है उसके दिल में कि कहीं टीसी ने आकर पकड़ लिया तो।कुछ देर तक तो पीछे पलट-पलट कर टीसी के आने का इंतज़ार करती रही। शायद सोच…

  • क्या है जीवन का लक्ष्य ?

    क्या है जीवन का लक्ष्य ? कितना विचित्र है यह संसार!यहाँ राजा सोचता है कि फकीर मजे में है और फकीर सोचता है राजा मजे में है। दोनों की मनोस्थिति ऐसी है कि सच देख नहीं पा रहे हैं! क्या ऐसा संभव है कि आप जहाँ है – वहीं आनंदमय हो जाएँ।न फकीरी में पड़ें,…

  • दिल के करीब आ जाओ !

    दिल के करीब आ जाओ ! एक सन्यासी अपने शिष्यों के साथ गंगा नदी के तट पर नहाने पहुंछे! वहां एक ही परिवार के कुछ लोग अचानक आपस में बात करते-करते एक दूसरे पर क्रोधित हो उठे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे! संयासी यह देख तुरंत पलटेऔर अपने शिष्यों से पूछा ; ”क्रोध में लोग…

  • मोह – सकल वय्धीन कर मूला!

    मोह – सकल वय्धीन कर मूला!श्रीमद्भगवत गीता में भगवान अर्जुन से कहते हैं, काम महाशत्रु है। क्रोध के लिए भी कहा गया है क्रोध करने वाला क्रोधाग्नि में दूसरे से पहले स्वयं को जलाता है। इन दो बड़े विकारों के साथ-साथ मोह भी कम नहीं है। मोह प्रत्यक्ष में तो बहुत मीठा लगता है किंतु…

  • विजय कैसे प्राप्त करें

    विजय कैसे प्राप्त करें एक समय बात है एक तालाब में बहुत सारे मेंढक रहते थे। सरोवर के बीचों बीच एक बहुत पुराना का खम्भा भी लगा हुआ था। खम्भा बहुत ऊँचा था और उसकी सतह भी चिकनी थी। एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया की क्यों ना एक प्रतियोगिता करवाई जाये। इसमें भाग…

  • समस्या का समाधान❔

    समस्या का समाधान❔ एक व्यक्ति अपने परिवार, रिश्तेदार, मित्र, मोहल्ला के निवासी, अपनी फैक्ट्री के कार्यकर्ताओं से अति दुःखी होकर समाधान हेतु अपने गुरु के पास पहुंचा और अपनी पीड़ा गुरुदेव को बताते हुए बोला- “मेरे कर्मचारी, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे और मेर आसपास के सभी लोग बेहद स्वार्थी हैं। कोई भी सही नहीं है,…

  • अष्टावक्र का ज्ञान

    अष्टावक्र का ज्ञान ऋषि को अपने शिष्य कहोड़ की प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी पुत्री सुजाता का विवाह कहोड़ से कर दिया। सुजाता के गर्भ ठहरने के बाद ऋषि कहोड़ सुजाता को वेदपाठ सुनाते थे। तभी सुजाता के गर्भ से बालक बोला- ‘पिताजी! आप गलत पाठ कर रहे हैं। इस पर कहोड़ को क्रोध…

  • अपनी क्षमता पहचानो

    अपनी क्षमता पहचानो एक गाँव में एक आलसी आदमी रहता था! वह कुछ काम-धाम नहीं करता था। बस दिन भर निठल्ला बैठकर सोचता रहता था कि किसी तरह कुछ खाने को मिल जाये। एक दिन वह यूं ही घूमते-घूमते आम के एक बाग़ में पहुँच गया। वहाँ रसीले आमों से लदे कई पेड़ थे। रसीले आम देख…

  • गुरु आज्ञा

    गुरु आज्ञा बहुत समय पहले की बात है एक विख्यात ऋषि गुरुकुल में बालकों को शिक्षा प्रदान किया करते थे! उनके गुरुकुल में बड़े-बड़े राजा-महाराजाओं के पुत्रों से लेकर साधारण परिवार के लड़के भी पढ़ा करते थे। वर्षों से शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों की शिक्षा आज पूर्ण हो रही थी और सभी बड़े उत्साह…