Category: Stories
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मुमकिन नहीं कि वक़्त हमेशा मेहरबान रहे
एक लड़का एक गांव के एक छोटे से घर में रहता था, उसके माँ-बाप इस दुनिया मे नहीं थे इसलिए वह मज़बूरी में नजदीक के ही एक दुकान पर काम भी करता था. अक्सर उसे काम की वजह से उसे बाहर भी जाना पड़ता था . एक दिन वो लड़का अपने घर में बेहतर रौशनी…
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हीरों का हार
हीरों का हार पुराने समय में किसी शहर में एक जौहरी रहता था, उसकी असमय मृत्यु हो गई। उसके परिवार में पत्नी और उसका एक बेटा था। जौहरी की मृत्यु के बाद उनके परिवार में पैसों की कमी आ गई। एक दिन मां ने अपने बेटे को हीरों का हार दिया और कहा कि “इसे…
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आशक्ति और अनाशक्ति भाव
🌸आशक्ति और अनाशक्ति भाव🌸 भारतीय परंपरा में मनुष्य जीवन जीने की व्यवस्था दी गई है। इसमें केवल अर्थोपार्जन, काम- सेवन या सिर्फ दुनियादारी की ही व्यवस्था नहीं है बल्कि पूरे जीवन की व्यवस्था की गई है। जीवन का एक भाग शिक्षा के लिए, दूसरा भाग धनोपार्जन, परिवार के पालन-पोषण एवं बच्चों की परवरिश लिए, जीवन…
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आपके जीवन डोर कहां बंधी है?
🌸आपके जीवन डोर कहां बंधी है?🌸 एक पूर्णिमा की रात में एक छोटे-से गांव में, कुछ जवान लड़कों ने शराबखाने में जाकर शराब पी ली और जब वे शराब के नशे में मदमस्त हो गये और शराब-घर से बाहर निकले तो चांद की बरसती चांदनी में उन्हें यह खयाल आया कि नदी पर जायें और…
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संस्कार की रसीद
संस्कार की रसीदनरोत्तम सेठ ने आज कहीं व्यस्त होने के कारण ईंट भट्टे पर फिर अपने बेटे को ही भेजा था । बेटे का मन क़भी भी भट्टा पर नही लगता जिसके कारण वह अक्सर ग्राहकों से उलझ जाता था । जबकि नरोत्तम सेठ चाहते थे कि अब वह अपना अधिक से अधिक समय भट्टा…
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सच्ची प्रार्थना
सच्ची प्रार्थना〰️🌼🌼〰️शिष्य ने गुरु से पूछा – हम प्रार्थना करते हैं, तो होंठ हिलते हैं पर आपके होंठ नहीं हिलते?आप पत्थर की मूर्ति की तरह खडे़ हो जाते हैं! आप अपने अंदर कहते हैं? क्योंकि, अगर आप अन्दर से भी कुछ कहेंगे! तो होंठो पर थोड़ा कंपन आ ही जाता है! चेहरे पर बोलने का…
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सच्चा ज्ञानी
!! सच्चा ज्ञानी !! एक बार गुरुकुल में तीन शिष्यों की विदाई का अवसर आया तो आचार्य बहुश्रुत ने कहा कि सुबह मेरी कुटिया में आना। तुम्हारी अंतिम परीक्षा होगी। आचार्य बहुश्रुत ने रात्रि में कुटिया के मार्ग पर कांटे बिखेर दिए। सुबह तीनों शिष्य अपने-अपने घर से गुरु के निवास की ओर चल पड़े।…
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एक बार एक जिज्ञासु व्यक्ति ने एक संत से प्रश्न किया, “महाराज, रंग रूप, बनावट प्रकृति में एक जैसे होते हुए भी कुछ लोग अत्यधिक उन्नति करते हैं। जबकि कुछ लोग पतन के गर्त में डूब जाते हैं।
एक बार एक जिज्ञासु व्यक्ति ने एक संत से प्रश्न किया, “महाराज, रंग रूप, बनावट प्रकृति में एक जैसे होते हुए भी कुछ लोग अत्यधिक उन्नति करते हैं। जबकि कुछ लोग पतन के गर्त में डूब जाते हैं। संत ने उत्तर दिया, “तुम कल सुबह मुझे तालाब के किनारे मिलना। तब मैं तुम्हे इस प्रश्न…
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कर्मो का हिसाब
कर्मो का हिसाब एक भिखारी रोज एक दरवाजें पर जाता और भीख के लिए आवाज लगाता, और जब घर मालिक बाहर आता तो उसे गंदीगंदी गालिया और ताने देता, मर जाओ, काम क्यूं नही करतें, जीवन भर भीख मांगतें रहोगे, कभी कभी गुस्सें में उसे धकेल भी देता, पर भिखारी बस इतना ही कहता, ईश्वर…
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गेंहू के दाने
💐💐गेंहू के दाने💐💐 एक समय की बात है जब राजस्थान के एक छोटे से गाँव नयासर में अमरसेन नामक व्यक्ति रहता था। अमरसेन बड़ा होशियार था, उसके चार पुत्र थे जिनके विवाह हो चुके थे और सब अपना जीवन जैसे-तैसे निर्वाह कर रहे थे परन्तु समय के साथ-साथ अब अमरसेन वृद्ध हो चला था! पत्नी…
