Category: Stories

  • बुरी आदत

    बुरी आदत एक अमीर आदमी अपने बेटे की किसी बुरी आदत से बहुत परेशान था. वह जब भी बेटे से आदत छोड़ने को कहते तो एक ही जवाब मिलता , ” अभी मैं इतना छोटा हूँ..धीरे-धीरे ये आदत छोड़ दूंगा !” पर वह कभी भी आदत छोड़ने का प्रयास नहीं करता। उन्ही दिनों एक महात्मा…

  • दीनबन्धु और मालती के यहाँ दो पुत्र और एक पुत्रवधु थी। एक दिन बड़ा पुत्र साँप के काटने से मर गया।

    दीनबन्धु और मालती के यहाँ दो पुत्र और एक पुत्रवधु थी। एक दिन बड़ा पुत्र साँप के काटने से मर गया।तभी एक संत आ पहुँचे। उन्होंने प्रबल भूख लगने की बात की! परिजनों ने संत की इच्छा का आदर करते हुए लाश को चादर में लपेटकर, स्नानादि कर, संत के लिय भोजन बना कर उसे…

  • एक छोटा बच्चा था! वह बहुत ही नेक और बुद्धिमान था।

    एक छोटा बच्चा था! वह बहुत ही नेक और बुद्धिमान था।एक दिन वो मंदिर में गया। मंदिर के अन्दर सभी भक्त भगवान के मंत्र बोल रहे थे। कुछ भक्त स्तुति गान भी कर रहे थे। कुछ भक्त संस्कृत के काफी कठिन श्लोक भी बोल रहे थे। बच्चे ने कुछ देर यह सब देखा और उसके…

  • राजा का जन्मदिन

    *राजा का जन्मदिन* एक बार एक राजा सुबह घूमने निकला तो उसने तय किया कि *वह आज अपने जन्म दिन पर रास्ते में मिलने वाले पहले व्यक्ति को पूरी तरह खुश व संतुष्ट करेगा।*.उसे एक भिखारी मिला। भिखारी ने राजा से भीख मांगी *तो राजा ने भिखारी की तरफ एक तांबे का सिक्का उछाल दिया।*…

  • जीने की राह……..!

    *💫जीने की राह……..!🌷* *✍️….ऐसा कोई व्यक्ति संसार में आज तक उत्पन्न नहीं हुआ, जिसने संसार में जन्म तो लिया हो और दुख न भोगा हो। अर्थात जो भी व्यक्ति संसार में जन्म लेता है, शरीर धारण करता है, उसे अनेक प्रकार के दुख भोगने ही पड़ते हैं। दुखों से पूरी तरह छूटने का तो केवल…

  • ईश्वर सबके कर्मों को देखता है!

    *ईश्वर सबके कर्मों को देखता है!* दातादीन अपने लड़के गोपाल को नित्य शाम को सोने से पहले कहानियाँ सुनाया करता था।एक दिन उसने गोपाल से कहा— *‘बेटा! एक बात कभी मत भूलना कि भगवान् सब कहीं हैं।’* गोपाल ने इधर-उधर देखकर पूछा— *‘पिताजी! भगवान् सब कहीं हैं? वह मुझे तो कहीं दीखते नहीं।’* दातादीन ने…

  • योग्यता की परख

    *योग्यता की परख******** युवक अंकमाल भगवान बुद्ध के सामने उपस्थित हुआ और बोला- “भगवन्! मेरी इच्छा है कि मैं संसार की कुछ सेवा करूं, आप मुझे जहाँ भी भेजना चाहें भेज दें ताकि मैं लोगों को धर्म का रास्ता दिखाऊँ?” बुद्ध हँसे और बोले- “तात! संसार को कुछ देने के पहले अपने पास कुछ होना…

  • एक राजा था। उसका मन्त्री भगवान् का भक्त था।

    एक राजा था। उसका मन्त्री भगवान् का भक्त था। कोई भी बात होती तो वह यही कहता कि *भगवान् की बड़ी कृपा हो गयी!*एक दिन राजा के बेटे की मृत्यु हो गयी। मृत्यु का समाचार सुनते ही मन्त्री बोल उठा – *भगवान् की बड़ी कृपा हो गयी!* यह बात राजा को बुरी तो लगी, पर…

  • हीरे की पहचान

    *💐💐हीरे की पहचान💐💐* एक राजा का दरबार लगा हुआ था,क्योंकि सर्दी का दिन था इसलियेराजा का दरवार खुले मे लगा हुआ था.पूरी आम सभा सुबह की धूप मे बैठी थी ..महाराज के सिंहासन के सामने…एक शाही मेज थी…और उस पर कुछ कीमती चीजें रखी थीं.पंडित लोग, मंत्री और दीवान आदिसभी दरबार मे बैठे थेऔर राजा…

  • मंदिर का पुजारी

    *मंदिर का पुजारी* एक बार की बात है कि एक समृद्ध व्यापारी , जो सदैव अपने गुरू से परामर्श करके कुछ न कुछ सुकर्म किया करता था, गुरु से बोला-“गुरुदेव, धनार्जन हेतु मैं अपना गाँव पीछे ज़रूर छोड़ आया हूँ, पर हर समय मुझे लगता रहता है कि वहाँ पर एक ऐसा देवालय बनाया जाये…