December 20, 2022 in Spiritual
माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रुधे मोय।
इक दिन ऐसा आयेगा, मैं रौंदूँगी तोय।।
हमें परमात्मा ने सर्वश्रेष्ठ मनुष्य शरीर इसलिए दिया है ताकि स्वांँसों के रहते हुए ध्यान-सुमिरण के अभ्यास से स्वयं को जानकर मनुष्य जीवन को सफल बनाया जा सके।मिट्टी कुम्हार से बोली : “मुझे पात्र बना दो।”कुम्हार ने कहा : क्यों?मिट्टी बोली : ताकि मुझमें पानी रह सके और लोग अपनी प्यास बुझा सकें। इससे मेरा […]






