How hollow is a man’s opinion??

आदमी की राय कितनी खोखली होती है ??

☀️ मान लो, आप धूप में कहीं जा रहे हो, पसीने से तर-बतर, बहुत प्यासे, पर कहीं भी पानी नहीं मिल रहा।

ऐसे में आप एक वृक्ष की छाया में थकान मिटाने के लिए खड़े हो जाते हो!

तभी सामने की एक इमारत की पहली मंजिल की खिड़की खुलती है और आपकी एक व्यक्ति से आँखें मिलती हैं।

आपकी स्थिति देखकर, वह व्यक्ति हाथ के इशारे से आपको पानी के लिए पूछता है।

आपने तत्काल उस व्यक्ति पर एक राय बनाई कि कितना सहृदय व्यक्ति है।

उस व्यक्ति के लिये यह आपकी पहली राय है।

आदमी नीचे आने का इशारा करता है और खिड़की बंद कर देता है।

आप पानी लेने तेज़ कदमों से उसके दरवाज़े पर पहुंचते हो।

लेकिन नीचे का दरवाजा 15 मिनट बाद भी नहीं खुलता है।

अब उस व्यक्ति के बारे में आपकी क्या राय है?

आप उसे अनापसनाप गालियां देते है। बेवकूफ, झूठा, आलसी, कहीं का – कहीं मुझे पागल तो नहीं बना रहा है।

यह आपकी दूसरी राय है।

थोड़ी देर बाद दरवाजा खुलता है और आदमी कहता है कि –

देरी के लिए मुझे खेद है, आपकी हालत देखकर, मैंने आपको पानी के बजाय नींबू पानी देना सबसे अच्छा समझा। इसलिए थोड़ा लंबा समय लगा।

सोचिये उस व्यक्ति के बारे में अब आपकी क्या राय है?

कितना अच्छा आदमी है!

अब जैसे ही आप शर्बत की पहली घूंट पीते हैं, आपको पता चलता है कि इसमें चीनी नहीं है।

अब सोचिये उस व्यक्ति के बारे में क्या राय है?

बेवकूफ, नालायक, कंजूस कहीं का?

आपके चेहरे को खट्टेपन से भरा हुआ देखकर, व्यक्ति धीरे से चीनी का एक पाऊच निकालता है और कहता है कि माफ कीजिये, मुझे पता नहीं था आप कितनी चीनी लेंगे, इसलिए अलग से चीनी ले आया। आप जितनी चाहें, उतनी डाल लें।

अब उसी व्यक्ति के बारे में आपकी क्या राय होगी? 🤔

आप खुद मनन कीजिये कि-
एक सामान्य सी स्थिति में भी, अगर हमारी राय इतनी खोखली है और लगातार बदलती जा रही है, तो क्या हम किसी के भी बारे में राय देने के काबिल हैं या नहीं?

🙏इसलिए किसी के बारे में हड़बड़ी में राय ना बनाइए।

🐿️कौन किस परिस्थिति या स्थिति में क्या एक्शन कर रहा है, ये वो ही बेहतर जानता है।

👉हो सकता है अपनी अपनी स्थिति/परिस्थिति में आप भी ठीक हो और दूसरा भी ठीक हो।👈

🤔वास्तव में, दुनिया में हम सभी को इतना ही समझ में आया है कि अगर कोई व्यक्ति हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहार करता है, तो वह अच्छा है अन्यथा वह बुरा है।

विचारणीय बिंदु है!
स्वयं आत्मावलोकन करें। अपने दिमाग़ की नहीं दिल की सुनें!

स्वयं की आवाज़ सुनें! इससे हमारी अपनी कमियों को दुरुस्त करने का मौका मिलेगा!

Sorrow and happiness – there is a state!

दुःख और सुख – एक अवस्था है!

अक्सर समझा जाता है कि –
सुख पाना हमारी जन्मजात अभिलाषा है!
जबकि कोइ सपने में भी दुःख पाने की कल्पना नहीं करता है!

हमारा हर प्रयास सुख पाने के लिय ही होता है
लेकिन बिन बुलाये मेहमान की तरह हमारे जीवन में दुःख मौजूद रहता है!
यद्यपि
“सुख”‘और “दुःख” परस्पर विरोधी हैं।
एक को दूसरा काटता है।

“सुखी” और “दुःखी” दो विपरीत स्थिति के व्यक्ति हैं!

पर गहराई से विचार करने पर दूसरी ही बात सामने आती है ।

चिंतक बताते हैं कि-
दुःख और सुख एक दूसरे के पूरक हैं!

“दुःख” नग्न सत्य है!
और “सुख” तो उसको सुसज्जित करने वाला परिधान अलंकार मात्र है।

जैसे –
पुत्र प्राप्ति की मुस्कान के पीछे माता की प्रसव पीड़ा झाँकती है।

आज का गौरवान्वित कंठाभूषण;
कल सुनार की भट्टी में तप रहा था
और हथौड़ों की चोट खा रहा था!

आग पर पकाए बिना स्वादिष्ट भोजन बन सकना कैसे संभव हो सकता है?*

“दुःख” बड़ा भाई है और “सुख” छोटा ।
“दुःख” पहले पैदा हुआ, “सुख” बाद में!

दोनों चिरंतन सहचर हैं,
इनकी एकता को कोइ तोड़ नहीं सकता!

“दुःख” को स्वेच्छापूर्वक वरण किए बिना –
“सुख” का सौभाग्य नहीं पाया जा सकता ।

लेकिन, समय के सद्गुरु समझाते हैं कि –
तुम अपने जीवन में
यदि सुख का अनुभव करना चाहते हो –
तो सुख का अनुभव
दुख की अवस्था में भी किया जा सकता है!

कैसे?
ठीक वैसे ही जैसे कृष्ण ने अर्जुन को कहा कि –
हे अर्जुन, तू युद्ध भी कर और सुमिरन भी कर!

बात गहरी है तो जरा गहराइ से विचार कीजिय!
कयोंकि महसूस तो खुद को ही करना होगा!
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Big message in a handful of pyre ashes

चिता की मुट्ठी भर राख में बहुत बड़ा संदेश

मनुष्य शरीर का चोला परमात्मा की असीम कृपा से बड़े सौभाग्य से मिलता है।
ईश्वर ने मनुष्य का शरीर भी गजब का बनाया है। प्राणों के भीतर इतनी शक्ति है कि जीते-जी इस शरीर में इतनी सम्भावनायें छोड़ी हैं कि भोगने उतर जाओ तो जानवर से भी ज्यादा भोग सकते हो।

यदि चाहो तो इस शरीर का सही उपयोग करके अभ्यास से इसके भीतर हृदय में विराजमान ईश्वर की *परम ज्योति(परम-प्रकाश) का साक्षात्कार कर लिया जायें तो इसी शरीर में पूरे ब्रह्माँड का सम्राट बनने की भी क्षमता है।

असीम सम्भावना वाली यह देह जाते-जाते, खत्म होने के बाद भी जिन्दगी को लेकर गजब के सन्देश दे जाती है।
मरने के बाद मनुष्य के शरीर को जला दिया जाता है, दफना दिया जाता है या बहा दिया जाता है। तीनों ही स्थितियों में इसकी राख, मिट्टी बड़ा सन्देश दे जाती है। चिता की मुठ्ठी भर राख में जो सन्देश है वह उसकी आग में नहीं है। पांँच-छ: फीट का शरीर कुछ मुट्ठी भर राख में बदल जाता है।
हम सभी गहराई से चिन्तन करें कि आखिर में क्या रह जायेगा? जिन्दगी भर जिस बात के लिए सारा तमाशा करते हैं, यदि उसके समापन पर नजर डाल लें तो इस प्राण के भीतर की शक्ति को पहचान कर स्वयंँ को जानने के लिए तीव्र जिज्ञासा पैदा होती है।

वो चन्द मुट्ठी भर राख, वो कब्र की जरा-सी मिट्टी बताती है कि मेरे रूप में तब्दील होने से पहले तुम्हारे पास जो था उसका सदुपयोग कर लेना। वरना यह हश्र तो होना ही है।

प्राणों के भीतर की शक्ति ही ऐसी है, जिसमें उजाला (परम-प्रकाश) और जीवन दोनों हैं।
वरना बाकी सारी आग उजाला (प्रकाश) तो देती है, लेकिन जीवन नहीं देती

इतनी बड़ी तैयारी के साथ यदि ईश्वर ने हमें मनुष्य बनाकर भेजा है तो चूकना नहीं चाहिए।

समय समय पर संतों ने भी यही समझाया कि समझदारी इसी में है कि *ध्यान-सुमिरण के अभ्यास से प्राणों के भीतर की उस अविनाशी शक्ति को पहचान कर स्वयंँ को जाना जाय और शान्ति के अनुभव से मनुष्य जीवन में आनन्द की अनुभूति की जाय!

सचमुच, स्वयं को जानना, स्वयं की आवाज को सुनना, खुद की खामियों को दूर करने का प्रयास करना – हमारे व्यक्तित्व में बदलाव तो लाता ही है – हमारे जीवन में असीम सुख की अनुभूति भी देता है! इसी में जीवन की सार्थकता भी है!

God’s mercy is showering on all of us equally.

परमात्मा की दया हम सब पर एक समान ही बरस रही है,
न किसी पर कम न किसी पर ज्यादा!!

उस परम पिता के लिये हम सभी इंसान एक समान ही हैं।
कहा है न –
(एक नूर ते सभु जगु उपजिया कौन भले को मंदे)

जब खेलते समय सभी बच्चे खेलने में मस्त हो जाते हैं तो उनके मां-बाप उन्हें देखकर मुस्कराते हैं, खुस रहते हैं।

पर अगर कोई बच्चा मां-बाप को देखकर खेलते हुए भी या खेल छोड़कर अपने माता पिता को पुकारे तो मां-बाप भी उससे बात करने के लिये आगे आते हैं!

हालाकि उनकी नजर तो उन सब पर पहले से ही थी, पर देरी तो सिर्फ पुकार की थी।

ऐसे ही जब तक हमारी पुकार न हो तब तक वह परम पिता परमात्मा हमसे बात नहीं करता। बेशक उसकी दया भरी दृष्टि हम पर रहती ही है।

अब प्रश्न ये है कि यह पुकार क्या है और परमात्मा की हमसे बात क्या और कैसे होती है?

यह पुकार है सुमिरन भजन जो अन्दर से होती है और अन्दर में ही होती है! क्योंकि हमारा वह अविनाशी हमारे ही अन्दर बैठा है!

उस अन्दर की आवाज़ को सुनने की विधि जो बताते हैं – उनको ही सच्चा मार्गदर्शक सद्गुरु कहा जाता है!

यह पुकार भी जुबानी नहीं बल्कि आत्मिक होती है – जो सीधे दिल से निकलती है और परमात्मा तक पहुंचती है।

इसे ही समय के सद्गुरु ने स्वयं की आवाज़ कहा है – जो असली आंतरिक पुकार है!
जय सच्चिदानन्द 🙏🏼

मनुष्य एक ऐसा यंत्र है

मनुष्य एक ऐसा यंत्र है –
जिसके रोम-रोम में एक ही याचना है।

वह है –
जीवन में आनंद और संतुष्टि पाने की।
वह सुख-चैन और परम आनंद का अनुभव कर सके।

इस मनुष्य चोले के अंदर एक ऐसी चीज़ रखी हुई है-
जो अनंत है।
सभी जीवों का प्राण है।
सुखमय और आनंददायक है।
उस चीज़ को पहचानो।

जब तक –
तुम उस चीज़ को नहीं पहचानोगे,
इस जीवन को सफल नहीं कर पाओगे।

मैं लोगों से यही कहता हूँ कि –
तुम्हारे जीवन में शांति होनी चाहिए।

खोजो इसको-
जहाँ मिले, वहीं ठीक है।

अगर कहीं न मिले-
तो हम हैं।
हम दे सकते हैं।
हमने लाखों लोगों को दिया है।

Prem Rawat

तीन सेकेण्ड में तुम अपनी जिंदगी बदल सकते हो!

तीन सेकेण्ड में तुम अपनी जिंदगी बदल सकते हो!
तीन सेकेण्ड में। तीन सेकेण्ड में! तीन सेकेण्ड में?
सिर्फ तीन सेकेण्ड में।
करने से पहले सोचो! सिर्फ तीन सेकेण्ड!

क्या करने जा रहे हो?
बस! तीन सेकेण्ड! तीन सेकेण्ड!

उसके बाद करो, जो तुमको करना है।
पर तीन सेकेण्ड सोचो!

क्योंकि
गुस्सा भी तुम्हारे साथ है!
और
क्षमा भी तुम्हारे साथ है।

तीन सेकेण्ड में तुम चुन सकते हो —
गुस्सा चाहिए या क्षमा?

क्षमा प्यार लाएगी।
प्यार उजाला लाएगा।
उजाला आनंद लाएगा।
तीन सेकेण्ड में।

लेकिन
तुम करते पहले हो,
सोचते बाद में हो!

इसीलिए
तुम्हारे जीवन में दुःख रहता है।

Prem Rawat

eid mubarak wishes in hindi

Eid Wishes 2023: जब ईद के चांद का दीदार पूरी दुनिया में होता है तो रोजा रखना मुकम्मल होता है। ईद-उल-फितर इस्लाम के सबसे खास त्योहारों में से एक है। यह पर्व लोगों के बीच प्रेम और भाईचारे का प्रतीक रहा है। इस खास मौके पर एक दूसरे को गले मिलकर प्यार दिया जाता है, लेकिन मुलाकात से पहले आप इन खूबसूरत संदेशों और शायरी के जरिए अपनों और चाहने वालों को ईद मुबारक कह सकते हैं।

ऐ चांद उनको मेरा ये पैगाम देना
खुशी का दिन और हंसी की शाम कहना
जब देखें वे तुझे तो
मेरी तरफ से उनको ईद मुबारक कहना

सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल
दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल
चारों तरफ फ़ैलाओ खुशियों के गीत
इसी उम्मीद के साथ तुम्हें मुबारक हो ईद
ईद मुबारक

जिंदगी का हर पल खुशियों से कम न हो,
आप का हर दिन ईद के दिन से कम न हो,
ऐसा ईद का दिन आपको हमेशा नसीब हो,
जिसमें कोई दुख और कोई गम न हो!
ईद मुबारक!

तमन्ना आपकी सब पूरी हो जाए
हो आपका मुकद्दर इतना रोशन कि
आमीन कहने से पहले आपकी दुआ कबूल हो जाए

ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां
ईद मिटा देती है इंसान की दूरियां
ईद है खुदा का एक नायाब तबारक
इसलिए कहते हैं ईद मुबारक..

सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल
दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल
चारों तरफ फैलाओं खुशियों के गीत
इसी उम्मीद के साथ तुम्हें मुबारक हो ईद...

अल्लाह की रहमत सदा आपके परिवार पर बरसे
हर गम आपके परिवार से दूर रहे
मुबारक नाम है अल्लाह का
मुबारक हो ईद तुम्हें...

सोचा किसी अपने से बात करूं
अपने किसी खास को याद करूं
किया जो फैलसा ईद मुबारक कहने को
दिल ने कहा...
क्यूं ना सबसे पहले आपसे शुरुआत करूं...

हर ख्वाहिश हो मंजूर-ए-खुदा
मिले हर कदम पर राजा-ए-खुदा
फनाह हो लब्ज-ए-गम यही है दुआ
बरसती रहे सदा रहमत-ए-खुदा...
ईद मुबारक!

तुझ को मेरी न मुझे तेरी खबर जाएगी
ईद अब के भी दबे पांव गुजर जाएगी!
-जफर इकबाल

हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाए
जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक!
-लियाकत अली आसिम

ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो
और कहियो कि कोई याद किया करता है!
-त्रिपुरारि

जिस तरफ तू है उधर होंगी सभी की नजरें
ईद के चांद का दीदार बहाना ही सही!
-अमजद इस्लाम अमजद

किसी की याद मनाने में ईद गुजरेगी
सो शहर-ए-दिल में बहुत दूर तक उदासी है!
- इसहाक विरदग

उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना
ये भी कि मेरी ईद मुबारक कर दे
- दिलावर अली आजर

देखा हिलाल-ए-ईद तो आया तेरा खयाल
वो आसमां का चांद है तू मेरा चांद है!
-अज्ञात

ईद आई तुम न आए क्या मजा है ईद का
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का!
-अज्ञात

Today’s Horoscope – aaj ka rashifal

  • Meena – Pisces Horoscope Today

    मीन / Pisces (19 फरवरी – 20 मार्च)

    सामान्य: आपका मानसिक संतुलन और नई सोच आपको सही दिशा में आगे बढ़ाएगी। आपको अपनी सफलता का स्पष्ट खाका दिखाई देगा।

    प्रेम व संबंध: अपने मजबूत मानसिक संतुलन से आप रिश्तों में आने वाली किसी भी उलझन को आसानी से निपटा लेंगे।

    वित्तीय स्थिति: सही दिशा में किए गए प्रयासों का आर्थिक लाभ मिलेगा। अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल वित्तीय मजबूती देगा।

    कार्यक्षेत्र: काम में नया उभार और जबरदस्त एनर्जी देखने को मिलेगी। आप ठीक-ठीक समझ पाएंगे कि आपको किस क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

    स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक संतुलन बहुत मजबूत रहेगा। नई ऊर्जा के साथ आप तरोताजा महसूस करेंगे।

  • Kumbha – Aquarius Horoscope Today

    कुंभ / Aquarius (20 जनवरी – 18 फरवरी)

    सामान्य: अपनी लाइफस्टाइल को अधिक आरामदायक बनाएं। अटके हुए रास्तों से बाहर निकलकर अपनी सकारात्मक सोच का फायदा उठाएं।

    प्रेम व संबंध: विचारों में सकारात्मकता आने से अपनों के साथ संबंध सुधरेंगे। हालांकि, कुछ दिनों तक खुद को पूरी तरह न खोलें।

    वित्तीय स्थिति: प्रोजेक्ट्स में फिर से गति आने से धन प्रवाह में सुधार होगा। दिन के अंत तक स्थिति काफी उज्ज्वल होगी।

    कार्यक्षेत्र: रुका हुआ काम या अटका रास्ता साफ होगा। छोटे-मोटे झटकों के बावजूद काम फोकस्ड तरीके से आगे बढ़ेगा।

    स्वास्थ्य: पूरी तरह रिलैक्स करने के लिए समय निकालें। अपनी ऊर्जा को अनावश्यक रूप से व्यर्थ न गँवाएँ।

  • Makara – Capricorn Horoscope Today

    मकर / Capricorn (22 दिसंबर – 19 जनवरी)

    सामान्य: शांत रहकर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ना ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। दोस्तों के दायरे में आज का दिन बेहद प्यारा रहेगा।

    प्रेम व संबंध: दोस्तों और प्रियजनों के साथ अपनी खुशियां शेयर करेंगे। दूसरों की मदद करने का आपका स्वभाव रिश्तों को गहरा करेगा।

    वित्तीय स्थिति: अपनी ऊर्जा को काम की चीजों में लगाने से भविष्य के लिए अच्छे आर्थिक रास्ते खुलेंगे।

    कार्यक्षेत्र: विरोधी आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। अंदरूनी शांति और संयम के साथ काम करने पर आपको बेस्ट रिजल्ट मिलेंगे।

    स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने से शारीरिक रूप से भी चुस्त रहेंगे।

  • Dhanu – Sagittarius Horoscope Today

    धनु / Sagittarius (23 नवंबर – 21 दिसंबर)

    सामान्य: आपका दिन साफ और हल्का रहेगा। प्राथमिकताएं तय करके आगे बढ़ें और अनुभवी लोगों की सलाह को अनदेखा न करें।

    प्रेम व संबंध: आपका हल्का-फुल्का और साफ मिजाज अपनों को पसंद आएगा। शाम का समय परिवार या प्रियजनों के साथ सुखद रहेगा।

    वित्तीय स्थिति: मेहनत का असर आर्थिक रूप से दिखने लगेगा। शुरुआत कहाँ से करनी है, इसकी योजना बनाकर खर्च नियंत्रित रखें।

    कार्यक्षेत्र: सुबह से ही काम में तेजी और फोकस बनाए रखें। अपनी गलतियों या दूसरों के सुझावों से सीखकर आगे बढ़ें।

    स्वास्थ्य: मानसिक रूप से हल्का और चिंतामुक्त महसूस करेंगे। सकारात्मक सोच से सेहत अच्छी बनी रहेगी।

  • Vrishchika – Scorpio Horoscope Today

    वृश्चिक / Scorpio (24 अक्तूबर – 22 नवंबर)

    सामान्य: किसी जटिल मामले को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करें। आज का दिन आपके लिए काफी अनुकूल और आदर्श साबित होगा।

    प्रेम व संबंध: रिश्तों में जादू जैसी चमक रहेगी। मनचाहे व्यक्ति के साथ मुलाकात या डेट के योग बन रहे हैं, जिससे आप हल्का महसूस करेंगे।

    वित्तीय स्थिति: समझदारी से लिए गए फैसले वित्तीय स्थिति को सुलझाने में मदद करेंगे। परिस्थितियों में सुधार होगा।

    कार्यक्षेत्र: आपका अच्छा मूड और बेहतर तालमेल सहकर्मियों के साथ काम को आसान बनाएगा। सभी स्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी।

    स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से मसल्स और बॉडी एनर्जी वापस आएगी। आप खुद को काफी हल्का और फिट महसूस करेंगे।

  • Tula – Libra Horoscope Today

    तुला / Libra (23 सितंबर – 23 अक्तूबर)

    सामान्य: आज आपको नए और ज्ञानी लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। आपका आत्मविश्वास और गति आपको हर हाल में आगे रखेगी।

    प्रेम व संबंध: आपकी संवेदनशील और सकारात्मक ऊर्जा लोगों को आपकी ओर आकर्षित करेगी। रिश्तों में नया भरोसा कायम होगा।

    वित्तीय स्थिति: प्रयासों को नाप-तौल कर करने से आर्थिक नुकसान से बचाव होगा और मेहनत का सकारात्मक नतीजा मिलेगा।

    कार्यक्षेत्र: आपके अंदर की डायनामिकनेस प्रोजेक्ट्स को उम्मीद से तेज गति देगी। आपकी लगन और भरोसा हार नहीं मानने देगा।

    स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर बहुत अच्छा रहेगा। आप शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को चुस्त-दुरुस्त महसूस करेंगे।

  • Kanya – Virgo Horoscope Today

    कन्या / Virgo (23 अगस्त – 22 सितंबर)

    सामान्य: आपकी मिलनसारी और चंचल मिजाज लोगों को आकर्षित करेगा। दिन के अंत में खुद को तरोताजा करने के लिए ब्रेक लेना न भूलें।

    प्रेम व संबंध: दोस्तों और प्रियजनों के साथ बिताया समय यादगार रहेगा। छोटी-छोटी खुशियों का आनंद लें, शाम रोशन रहेगी।

    वित्तीय स्थिति: योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर दिन आपके अनुकूल चलेगा और वित्तीय अनिश्चितता दूर होगी।

    कार्यक्षेत्र: सामाजिक नेटवर्किंग और सहयोग से लाभ मिलेगा। अपने दिमाग को तरोताजा रखने के लिए काम के बीच में ब्रेक लें।

    स्वास्थ्य: दिन के अंत में थोड़ी थकावट हो सकती है। ताजी हवा, ऑक्सीजन और पर्याप्त विश्राम से स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

  • Simha – Leo Horoscope Today

    सिंह / Leo (23 जुलाई – 22 अगस्त)

    सामान्य: सोचने के बजाय अब सीधे कदम उठाने का समय है। गलतफहमियों को दूर कर खुद को और दूसरों को सुकून देने का प्रयास करें।

    प्रेम व संबंध: मौज-मस्ती के माहौल में आपका पक्ष मजबूत रहेगा। सही सलाह और सीधी बातचीत से रिश्तों के तनाव खत्म होंगे।

    वित्तीय स्थिति: करियर में मिलने वाले नए मौके आपके आर्थिक पक्ष को भी मजबूत और फायदेमंद स्थिति में लाएंगे।

    कार्यक्षेत्र: अपनी छुपी हुई ताकतों का इस्तेमाल करें। रफ्तार धीमी किए बिना सही दिशा में आगे बढ़ना आपको बड़ी सफलता दिलाएगा।

    स्वास्थ्य: मानसिक तनाव दूर होगा। आराम और मनोरंजन के लिए समय निकालकर अपनी ऊर्जा को संतुलित रखें।

  • Karka – Cancer Horoscope Today

    कर्क / Cancer (22 जून – 22 जुलाई)

    सामान्य: आज का दिन आपके लिए सरप्राइज से भरा रहेगा। आपकी निस्वार्थ प्रकृति और तेज उत्साह आपके आसपास के माहौल को सकारात्मक बनाए रखेगा।

    प्रेम व संबंध: आपका स्नेह भरा व्यवहार लोगों को प्रभावित करेगा। अपनों के साथ रोमांचक और यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा।

    वित्तीय स्थिति: रुकी हुई योजनाएं अचानक गति पकड़ सकती हैं, जिससे आने वाले समय में आर्थिक मजबूती के संकेत हैं।

    कार्यक्षेत्र: आपकी किसी साहसी पहल से अटका हुआ प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। सहकर्मी और वरिष्ठ आपकी देखभाल और सहयोग करेंगे।

    स्वास्थ्य: ऊर्जा और उत्साह का स्तर ऊंचा रहेगा। खुशमिजाज माहौल आपकी सेहत को भी तरोताजा रखेगा।

  • Mithuna – Gemini Horoscope Today

    मिथुन / Gemini (21 मई – 21 जून)

    सामान्य: आज अपनी रूटीन और चिंताओं से थोड़ा हटकर सोचने की जरूरत है। अपनी दैनिक आदतों में छोटा बदलाव भी ऊर्जा बढ़ा देगा।

    प्रेम व संबंध: सबके साथ खुलकर दिल की बात कहें। अपनी चाहतों और जिम्मेदारियों में संतुलन बनाने से रिश्तों में तालमेल बढ़ेगा।

    वित्तीय स्थिति: बिना वजह जिद या जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। वित्तीय स्थिरता बनी रहेगी।

    कार्यक्षेत्र: किसी भी ब्रांच या भटकाव में फंसने से बचें। धीरे-धीरे और टिके-टिके कदमों से आगे बढ़ना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

    स्वास्थ्य: तनाव और मानसिक थकान से दूर रहें। दैनिक आदतों को सुधारने से सेहत और ऊर्जा में सुधार होगा।

  • Vrishabha – Taurus Horoscope Today

    वृष / Taurus (20 अप्रैल – 20 मई)

    सामान्य: शंकाओं से बचने के लिए सीधा संवाद जरूरी है। आपको किसी दोस्त या योजना से सुखद खबर मिलेगी जो आपके दिन में नया उत्साह भर देगी।

    प्रेम व संबंध: रिश्तों में पारदर्शिता रखें। सही और समझदारी भरे रवैये से आगे बढ़ेंगे तो संबंध अधिक मजबूत होंगे।

    वित्तीय स्थिति: आपकी मेहनत का फल मिलने का समय आ गया है। कुशल लोगों की राय आपकी वित्तीय रणनीतियों को बेहतर बनाएगी।

    कार्यक्षेत्र: काम में आपकी लगन और प्रदर्शन की सराहना होगी। वरिष्ठ या अनुभवी लोगों का समर्थन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

    स्वास्थ्य: ऊर्जा का नया बहाव महसूस करेंगे। दिनभर स्वास्थ्य उत्तम और स्वाभाविक रूप से सक्रिय रहेगा।

  • Mesha – Aries Horoscope Today

    मेष / Aries (21 मार्च – 19 अप्रैल)

    सामान्य: आज का दिन आपकी तीव्र गतिविधियों और मौलिक विचारों को आगे बढ़ाने का है। संयम और कूटनीति से बात रखने पर आपको बड़ा सुकून मिलेगा।

    प्रेम व संबंध: अपनी बात नरमी और स्पष्टता से कहें। आपके स्नेह और कम्युनिकेशन से रिश्तों में मिठास और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी।

    वित्तीय स्थिति: नए विचारों और योजनाओं पर काम करने का सही समय है। आपकी हिम्मत और प्रयास आगे जाकर अच्छे वित्तीय लाभ दिलाएंगे।

    कार्यक्षेत्र: आप ऊर्जा और नए प्लान्स से भरे रहेंगे। अपनी बात खुलकर रखें, लेकिन ओवरलोड होने से पहले थोड़ा आराम जरूर लें।

    स्वास्थ्य: गतिविधियों की तेजी के कारण थकान हो सकती है। दिन के बीच में ब्रेक लेना और मानसिक सुकून बनाए रखना जरूरी है।

Dr. Babasaheb Ambedkar

Unlike a drop of water which loses its identity when it joins the ocean, man does not lose his being in the society in which he lives. Man’s life is independent. He is born not for the development of the society alone, but for the development of his self 

THE LEADER OF THE SILENT

Dr. B. R. Ambedkar was popularly known as Babasaheb Ambedkar and everyone knows that he was one of the architects of the Indian Constitution. He was a very well-known political leader, eminent jurist, Buddhist activist, philosopher, anthropologist, historian, orator, writer, economist, scholar and editor, too. Dr. Ambedkar fought to eradicate the social evils like untouchability and for the rights of the dalits and other socially backward classes throughout his life. Dr. Ambedkar was appointed as India’s first Law Minister in the Cabinet of Jawaharlal Nehru. He was posthumously awarded the Bharat Ratna, India’s highest civilian honour in 1990.

Early Life

Bhimrao Ambedkar was born on 14 April 1891 in Madhya Pradesh. He was the fourteenth child of his parents. Ambedkar’s father Ramji was a Subedar in the Indian Army and posted at Mhow cantonment, MP. Ambedkar had to face severe discriminations from every corner of the society as his parents hailed from the Hindu Mahar caste. Mahar cast was viewed as “untouchable” by the upper class.

The discrimination and humiliation haunted Ambedkar even at the Army school, run by British government. Discrimination followed wherever he went. In 1908, Ambedkar went to study at the Elphinstone College, Mumbai. Ambedkar obtained a scholarship of twenty five rupees a month from the Gayakwad ruler of Baroda, Sayaji Rao III.

He graduated in Political Science and Economics from the Bombay University in 1912. Ambedkar went to USA for higher studies.

Fight For Justice

After coming back from US, Ambedkar was appointed as the Defence secretary to the King of Baroda. He had to face the humiliation for being an ‘Untouchable’ even at Baroda. To continue his further studies, in 1920 he went to England at his own expenses.

He was awarded honour of D.Sc. by the London University. On 8 June, 1927, he was awarded a Doctorate by the University of Columbia.

After returning to India, Bhimrao Ambedkar observed that cast discrimination was almost fragmenting the Nation so he decided to fight against it. Ambedkar favoured the concept of providing reservations for Dalits and other religious communities.Ambedkar, in wake of reaching to the people and making them understand the drawbacks of the prevailing social evils, launched a newspaper called “Mooknayaka” (leader of the silent). Once after hearing his speech at a rally, Shahu IV, an influential ruler of Kolhapur dined with the leader. This incident had created a huge uproar in the socio-political arena of the country.

Recognition

Ambedkar strongly believed that education should be provided to all sections of the society. B. R. Ambedkar Open University was established by an act of Andhra Pradesh State legislature on 26th August 1982. Well known director Jabbar Patel directed a movie on Ambedkar’s life and teachings in English which was later dubbed in Hindi and other Indian languages.

Since 1954-55 Ambedkar was suffering from serious health problems including diabetes and weak eyesight. On 6 December, 1956 he died at his home in Delhi. Dr. Ambedkar’s name remains a sign of victory of the down-trodden and long-exploited.

Dr. Bhimrao Ramji Ambedkar Jayanti

Ambedkar Jayanti is also known as Bhim Jayanti and is celebrated as a public holiday across India since 2015. On his 132nd birth anniversary this Friday, here are some inspiring quotes by him as we commemorate the memory of Dr Babasaheb Bhimrao Ramji Ambedkar to boost our motivation:

  1. “I measure the progress of a community by the degree of progress which women have achieved.”
  2. “I like the religion that teaches liberty, equality, and fraternity.”
  3. “Be educated, be organized, and be agitated.”
  4. “Cultivation of mind should be the ultimate aim of human existence.”
  5. “A great man is different from an eminent one in that he is ready to be the servant of the society.”
  6. “Freedom of mind is the real freedom.”
  7. “I am proud of my country, India, for having a constitution that enshrines principles of democracy, socialism, and secularism.”
  8. “Law and order are the medicine of the body politic, and when the body politic gets sick, medicine must be administered.”
  9. “Life should be great, rather than long.”
  10. “History shows that where ethics and economics come in conflict, victory is always with economics. Vested interests have never been known to have willingly divested themselves unless there was sufficient force to compel them.”