October 1, 2022 in Spiritual
जब भी वह समय के महापुरुष के चरणों में जाये उसको कभी भी डिमाण्ड और कमांड की इच्छा त्याग देनी चाहिय!
जब तक व्यक्ति के भीतर पाने की इच्छा शेष है, तब तक उसे दरिद्र ही समझना चाहिए।श्री सुदामा जी को गले लगाने के लिए आतुर श्री द्वारिकाधीश इसलिए भागकर नहीं गए कि सुदामा के पास कुछ नहीं है अपितु इसलिए गए कि सुदामा के मन में कुछ भी पाने की इच्छा अब शेष नहीं रह […]






