Dr. Bhimrao Ramji Ambedkar

Ambedkar Jayanti 2023

Dr. Bhim Rao Ambedkar, a fighter in the cause of Annihilation of Caste, was born in a Mahar family on 14th April, 1891, at Mhow cantonment, where his father served in the Army. But this very man framed the Constitution for the country. His life was one of struggles, as his radical proposals to deal with the Caste System met with overt hostility from the Upper Castes. Not only did the great Doctor fight against all institutional and social odds to keep studying, but spectacularly earned a Doctorate in Economics from Columbia University in 1917. The boy who suffered bitter caste humiliation became the first Minister for Law in free India, and shaped the country’s Constitution. Dr. Ambedkar’s struggle against Brahmanical Patriarchy, his radical proposals for the Hindu Code Bill, and his suggestions for a radical restructuring of property relations, alert us to his challenging of the status-quo. Dr. Ambedkar, perhaps India’s most radical thinker, transformed the social and political landscape in the struggle against British Colonialism, by making the downtrodden politically aware of their own situation. Ambedkar famously said to Dalits something that bears immense importance even today – “Educate, Agitate, and Organise”.. .

Clearly, he laid a great emphasis on education, specially where it was tradionally denied. In fact, he is known to have said once that education was more important than Temple entry for the downtrodden. He saw Education as a potent tool which could equally empower every citizen to build an egalitarian society as also to help break the age-old restrictive shackles of discriminatory social practices. As a college bearing his name we continually strive to to emulate his vision and help empower the future generation build a holistic, inclusive and progressive society of Modern India.

प्राण (स्वांस) जीवन की दिव्य धरोहर

प्राण एक ऐसी दिव्य धरोहर है,जो सभी को मुफ्त में मिली है।

यह एक स्वच्छन्द लहर है जो आती है और जाती है लेकिन कहांँ से आती है और कहांँ जाती है, कोई नहीं जानता।

प्राणों का पता तभी चलता है जब वे रूक जाते है।

मनुष्य को जो प्राणों का प्रसाद मिल रहा है वह सिर्फ जिन्दा रहने के लिए ही नहीं है बल्कि यह ऐसा खजाना है जो व्यक्तित्व के गहरे रहस्यों को खोलता है।

प्राणों के भीतर की शक्ति को जिन्होंने भी पहचाना उन्होंने ही प्राणों के सुमिरण का आविष्कार किया और हृदय में शान्ति के अनुभव से अपना जीवन सफल बनाया।

पुराने समय में लोगों के व्यक्तित्व में ज्यादा जटिलता नहीं थी और न ही उस समय जीवन में इतना तनाव था। लोग सीधे और सरल थे लेकिन आज इस वैज्ञानिक युग के व्यस्त जीवन में व्यक्ति बहुत अधिक तनावग्रस्त व अशान्त है।

इसलिए प्राणों के भीतर सुमिरण का अभ्यास प्राणों के भीतर की शक्ति को पहचानने के लिए किया जाता है।

प्राणों का हमारे व्यक्तित्व से इतना गहरा सम्बन्ध है कि उस पर जरा सी लगी चोट सब तरफ प्रतिध्वनित हो जाती है।

अभ्यास से मन सदगुरुदेव की कृपा से नाम-सुमिरण में लीन हो जाता है तभी व्यक्ति को स्वयंँ का बोध हो जाता है और हृदय में विराजमान शान्ति का अनुभव हो जाता है।

यदि प्रत्येक व्यक्ति अभ्यास के प्रति प्रतिबद्ध होकर स्वयं का बोध कर ले तो प्राणों के आने-जाने का सम्पूर्ण रहस्य खुल जाता है।

प्राणों की यह ऐसी दिव्य धरोहर है कि यदि अभ्यास से प्रत्येक व्यक्ति प्राणों के भीतर की शक्ति की पहचान कर ले तो सम्पूर्ण विश्व शान्ति की खुशबू से महक सकता है।

Hanuman Janmotsav 2023: हनुमान जी की इन 4 राशियों पर रहती है विशेष कृपा, हर संकट से होती है रक्षा

Hanuman Janmotsav 2023: हनुमान जन्मोत्सव इस साल 6 अप्रैल, गुरुवार को है। इस दिन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैंं।

Hanuman Janmotsav 2023: हनुमान जन्मोत्सव इस साल 6 अप्रैल, गुरुवार को है।मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार के दिन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बजरंगबली की विधिवत उपासना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि बजरंगबली की कृपा से जातक को हर संकट से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी की कृपा से भक्तों के सारे कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसी 4 राशियों का जिक्र किया गया है जिन पर बजरंगबली की विशेष कृपा रहती है। जानें इन राशियों के बारे में-

1. मेष राशि- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष राशि के जातकों पर बजरंगबली की विशेष कृपा रहती है। मंगलवार के दिन मेष राशि के जातक हनुमान जी की ज्यादा से ज्यादा अराधना करें। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है।

2. सिंह राशि- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी की प्रिय राशियों में सिंह राशि भी शामिल है। सिंह राशि के जातकों पर हनुमान जी की विशेष कृपा रहती है। इस राशि वालों पर हनुमान जी अपनी विशेष कृपा बनाए रखती हैं। मंगलवार व शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने से सिंह राशि के जातकों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है। 

3. वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों पर बजरंगबली की विशेष कृपा रहती है। मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा करने से व्यक्ति को सभी कार्यों में सफलता हासिल होती है। जीवन में कभी पैसों का अभाव नहीं होता है। हनुमान जी की अराधना करने से जातक की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

4. कुंभ राशि- धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुंभ राशि के जातकों पर हनुमान जी की विशेष कृपा रहती है। हनुमान जी की कृपा से कुंभ राशि के जातकों को हर कार्यों में सफलता हासिल होती है। आर्थिक उन्नति होती है। मंगलवार के दिन बजरंगबाण का पाठ करने से कुंभ राशि के जातकों को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 

Happy Hanuman Janmotsav 2023 Wishes: हनुमान जी के जन्मोत्सव पर प्रियजनों को भेजें यह विशेष शुभकामना संदेश

Happy Hanuman Janmotsav 2023 Wishes: हिंन्दु धर्म में हनुमान जन्मोत्सव पर्व का विशेष महत्व है। प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन हनुमान जन्मोत्सव पर्व देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि हनुमान जी को कलयुग के देवता के रूप में पूजा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र में हनुमान जी का जन्मदिन आज यानी 06 अप्रैल 2023, गुरुवार के दिन मनाया जा रहा है। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की उपासना करने से साधक के सभी दुःख दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर हनुमान जी की पूजा करने से ग्रह दोष और गृह शांति का भी आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में हनुमान जी के जन्मोत्सव के दिन अपने सगे-संबंधियों को कुछ विशेष शुभकामना संदेश भेजकर दिन की शुरुआत करें।

हनुमान जन्मोत्सव 2023 शुभकामना संदेश (Hanuman Janmotsav 2023 Wishes in Hindi)

1. लाल देह लाली लसे,

अरु धरि लाल लंगूर ।

वज्र देह दानव दलन,

जय जय जय कपि सूर।।

Happy Hanuman Janmotsav 2023

2. राम बिन अधूरे हैं हनुमान

उनके ह्रदय में बसते श्रीराम

मां अंजनी के तुम हो राजदुलारे

राम-सीता को लगते सबसे प्यारे ।।

Happy Hanuman Jayanti 2023

3. अर्ज मेरी सुनो अंजनी के लाल,

काट दो मेरे घोर दुखों का जाल,

तुम हो मारुती-नन्दन,

दुःख-भंजन निरंजन करूं

मैं आपको दिन रात वन्दन।।

हनुमान जन्मोत्सव 2023 की ढेरों शुभकामनाएं

4. जय हनुमान ज्ञान गुनगु सागर,

जय कपीश तिहु लोक उजागर,

राम दूत अतुलित बल धामा,

अंजानी पुत्र पवन सुत नामा।।

जय श्री राम जय हनुमान!!

Happy Hanuman Jayanti 2023

5. चरण शरण में आये के,

धरु तिहारो ध्यान,

संकट सेरक्षा करो,

हे महावीर हनुमान।

हनुमान जन्मोत्सव 2023 की हार्दिक शुभकामनाएं

हनुमान जन्मोत्सव मंत्र

6. अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।।

सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ।।

Happy Hanuman Janmotsav 2023

7. आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर।

त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात ।।

हनुमान जन्मोत्सव 2023 पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

ekadashi 2023 list in hindi

  • 02 जनवरी 2023, सोमवार : पौष माह की पुत्रदा एकादशी. इसे वैकुंठ एकादशी भी कहते हैं.
  • 18 जनवरी 2023, बुधवार : षटतिला एकादशी पड़ेगी. इस दिन तिल के उपयोग और तिल के दान का काफी महत्व है.
  • 01 फरवरी 2023, बुधवार : जया एकादशी का दिन है. ये हिंदू कैलेंडर की आखिरी माह की एकादशी है.
  • 16 फरवरी 2023, गुरुवार : विजया एकादशी पड़ रही है.
  • 03 मार्च 2023, शुक्रवार : आमलकी एकादशी 
  • 18 मार्च 2023, शनिवार : पापमोचिनी एकादशी, इस दिन व्रत करने से पूर्व जन्मों के पाप धुल जाने की बात कही गई है.
  • 01 अप्रैल 2023, शनिवार : कामदा एकादशी
  • 16 अप्रैल 2023, रविवार : वरूथिनी एकादशी
  • 01 मई 2023, सोमवार : मोहिनी एकादशी, मोह माया से छुटकारा दिलाने वाली एकादशी के नाम पर इसे ख्याति प्राप्त है.
  • 15 मई 2023, सोमवार : अपरा एकादशी
  • 31 मई 2023, बुधवार : निर्जला एकादशी, साल की सबसे बड़ी एकादशी के तौर पर निर्जला एकादशी को जाना जाता है. इस दिन निर्जल व्रत का प्रावधान है.
  • 14 जून 2023, बुधवार : योगिनी एकादशी
  • 29 जून 2023, गुरुवार : देवशयनी एकादशी, इस दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा की गोद में शयन के लिए चले जाते हैं.
  • 13 जुलाई 2023, गुरुवार : कामिका एकादशी. जीवन से काम, क्रोध और सांसारिक भय हटाने वाली एकादशी कही जाती है कामिका एकादशी.
  • 29 जुलाई 2023, शनिवार : पद्मिनी एकादशी
  • 12 अगस्त 2023, शनिवार : परम एकादशी
  • 27 अगस्त 2023, रविवार : श्रावण पुत्रदा एकादशी. संतान प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत किया जाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. soatechnology.net इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

  • 10 सितंबर 2023, रविवार : अजा एकादशी
  • 25 सितंबर 2023, सोमवार : परिवर्तिनी एकादशी
  • 10 अक्टूबर 2023, मंगलवार : इंदिरा एकादशी.
  • 25 अक्टूबर 2023, बुधवार : पापांकुशा एकादशी. इसे पापहरिणी एकादशी कहा गया है. ये पितरों के भी दोष तार देती है. 
  • 09 नवंबर 2023, गुरुवार : रमा एकादशी, इस दिन व्रत और दान करने से भगवान विष्णु पितरों को स्वर्ग में स्थान देते हैं.
  • 23 नवंबर 2023, गुरुवार : देवउठनी, देवोत्थान एकादशी. इस दिन भगवान विष्णु चार माह बाद शयन से जागते हैं और मांगलिक काम शुरू हो जाते हैं.
  • 8 दिसंबर 2023, शुक्रवार : उत्पन्ना एकादशी
  • 22 दिसंबर 2023, शुक्रवार : मोक्षदा एकादशी. इस दिन व्रत करने से परिवार के पूर्वजों और पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है.

Rama Navami is a Hindu festival that celebrates the birthday of Rama : Ram Navami 2023

Rama Navami is a Hindu festival that celebrates the birthday of Rama, the seventh avatar of the deity Vishnu. The festival celebrates the descent of Vishnu as the Rama avatar, through his birth to King Dasharatha and Queen Kausalya in Ayodhya, Kosala

Is Ram Navami a public holiday?

Ram Navami is a state holiday that honours Lord Rama’s birth anniversary. In accordance with the Reserve Bank of India’s (RBI) official bank holiday list, public and private sector banks will be closed on March 30 2023 due to Ram Navami in several states.

Why do we do Ram Navami?

Ram Navami is celebrated to mark the birth of Lord Ram to King Dasharath and Queen Kausalya in Ayodhya in Treta Yuga. A spring festival, it is celebrated on the ninth day of Chaitra month – the first month in the Hindu lunar calendar.

Can we buy on Navami?

According to scriptures Ashtami and Navami dates are considered good for shopping and more importantly these days are considered auspicious to make all kinds of new beginnings without observing the auspicious time.

Is Ram Navami good for marriage?

In south India, people believe that Rama Navami is also the day on which Lord Rama married Goddess Sita and therefore many marriage ceremonies are held on this day. People of south India observe the festival of Bhadrachalam on this day and celebrate the marriage anniversary of Rama and Sita.

रमजान

माह-ए-रमजान मुस्लिम समुदाय का बहुत पाक और महत्वपूर्ण महीना होता है। इस महीने में 30वें दिन चांद का दीदार कर ईद का त्योहार मनाया जाता है। रमजान की शुरुआत से लेकर ईद के त्योहार तक लोगों में हर दिन उत्साह देखने को मिलता है। रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं।

रमजान में लोग सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रोजा यानी उपवास रखते हैं. रोजा शुरु करने से पहले सेहरी ( Sehri) की जाती है और रोजा खोलने के लिए इफ्तार (Iftar) किया जाता है. चांद दिखने के अगले दिन से रमजान का रोजा शुरू हो जाता है. 22 मार्च को चांद दिखने के बाद 23 मार्च से रमजान का रोजा रखा जाएगा.

रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। इस महीने में मुस्लमान अल्लाह की इबादत (उपासना) ज्यादा करता है। अपने परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए उपासना के साथ, कुरआन परायण, दान धर्म करता है। यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है।

रमजान का क्या है मतलब? अगर हम रमजान के शाब्दिक अर्थ की बात करें तो रमजान अरबी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है ‘जलाने के‘ यानि इस महीने में लोगों के तमाम गुनाह जल जाते हैं। इसलिए रमजान के पूरे महीने तमाम मुस्लिम लोग रोज़ा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं।

रमजान के रोजे को इस्लाम का चैथा स्तंभ भी कहा जाता है. यह इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने में आता है.

भोजन और पेय जिनमें कैलोरी होती है

सख्ती से बोलते हुए, कितनी भी कैलोरी एक उपवास तोड़ देगी। यदि कोई व्यक्ति सख्त उपवास कार्यक्रम का पालन करता है, तो उसे कैलोरी युक्त किसी भी भोजन या पेय से बचना चाहिए। एक संशोधित उपवास आहार का पालन करने वाले अक्सर उपवास के दौरान अपनी दैनिक कैलोरी की जरूरत का 25% तक खा सकते हैं।

इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना रमजान मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र समय में से एक है। इस महीने के दौरान, मुसलमान भोर से सूर्यास्त तक एक सख्त दैनिक उपवास रखते हैं। दिन के उजाले के दौरान उन्हें खाने या पीने की अनुमति नहीं है, यहां तक ​​कि पानी भी नहीं।

रोजा खोलने को क्या कहते हैं?

इफ्तार: दिनभर बिना खाए-पिए रोजा रहने के बाद शाम को नमाज पढ़ने के बाद खजूर खाकर रोजा खोला जाता है। यह शाम को सूरज ढलने पर मगरिब की अजान होने पर खोला जाता है। इसी को इफ्तार नाम से जाना जाता है।

इस्लाम में रमजान क्यों मनाया जाता है?

इस्लामिक आस्था में, यह माना जाता है कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान, पैगंबर मुहम्मद को इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरान दी गई थी, और भगवान के संदेशों और शिक्षाओं को फैलाने के लिए एक पैगंबर के रूप में प्रकट हुए थे। रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है।

तुम्हारे जीवन में शांति होनी चाहिए

मेरे संदेश का संबंध –
आपके धर्म से नहीं है।
आपके परिवार से नहीं है!
आपके बिजनेस से नहीं है!
आपके विश्वासों से नहीं है!
इस संदेश का संबंध –
आपसे है और सिर्फ आपसे है!

जो आप हैं, जैसे आप हैं –

इस पृथ्वी पर
ऐसा न कभी कोई था
और न कभी कोई होगा।

आप जिस प्रकार रोते हैं – वह आपका रोना है।

जब आप हंसते हैं –
तो जिस प्रकार आप हंसते हैं –
वह आपका हंसना है।

ये जो सिग्नेचर आ रहा है,
यह फिर कभी नहीं होगा।
आप जैसे बहुत हैं,
पर आप जैसा कोई नहीं है।

मैं लोगों से यही कहता हूँ कि तुम्हारे जीवन में शांति होनी चाहिए।
खोजो – इसको, जहाँ मिले, वहीं ठीक है। अगर कहीं न मिले, तो हम हैं। हम दे सकते हैं।

हमने लाखों लोगों को दिया है। इस सारे संसार में इतना धन नहीं है कि उसे देकर इस ज्ञान का एक छोटा सा हिस्सा भी कोई खरीद सके!
इसलिए हम उसे मुफ्त में देते हैं !

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ॐ गंग गणपतये नमः

🌹ॐ गंग गणपतये नमः🌹
आप को पवित्र पर्व चैत्र नवरात्रि व हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2080 की हार्दिक शुभकामनाएं।

हर्षोल्लास का यह पर्व आपके जीवन का हर क्षण आंनद, उत्साह और प्रभु कृपा से भर दे, ऐसी मेरी प्रार्थना है।

जय माता दी 🙏

Swayam Ki Awaaz : Shore Bhari Iss Duniya Mein Shanti Kaise Paaye

by Prem Rawat (Author)

स्वयं की आवाज़: शोर भारी इस दुनिया में शांति कैसे पाए

About the Author

For more than 50 years, Prem Rawat has spoken to hundreds of millions of people in over 100 countries to spread his message of peace. Born in India, Prem gave his first public address at the age of four, and at thirteen, began speaking around the world. He is the bestselling author of Peace Is Possible and is also a pilot, photographer, composer, and father to four children and grandfather of four grandchildren.


Product details

  • Publisher ‏ : ‎ HarperHindi (12 April 2023)
  • Language ‏ : ‎ English
  • Paperback ‏ : ‎ 240 pages
  • ISBN-10 ‏ : ‎ 9356296715
  • ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9356296718
  • Item Weight ‏ : ‎ 505 g