Category: Bhajan

  • In the court of the true Satguru, sorrows and pains are dispelled

    दरबार में सच्चे सतगुरु के, दुख-दर्द मिटाये जाते हैं।दुनिया के सताये लोग यहां, सीने से लगाये जाते हैं॥ यह महफिल है मस्तानों की, हर शख्स यहां पर मतवाला।भर-भर के जाम इबादत के, यहां सबको पिलाये जाते हैं॥ ऐ जग वालों क्यों डरते हो, इस दर पर शीश झुकाने से।ऐ नादानों यह वह दर है, सर…

  • May my entire life be spent, chanting Your name,

    मेरा जीवन सारा बीते, तेरा नाम जपते-जपते,तेरा नाम जपते-जपते ॥ कोई बाधा न आने पाये, तेरी राह में चलते-चलते,तेरी राह में चलते-चलते ॥ भवसागर में मेरी नइया, जिसका न कोई खिवैया।मैं भवसागर तरि जाऊं, तेरा नाम जपते-जपते ॥ जिस हाल में तू रक्खे, खुश होके मैं गुजारूं।मेरी स्वांसा पूरी होवे, तेरा नाम जपते-जपते ॥ तेरी…

  • Show me your grace, O ocean of compassion

    कीजै कृपा मुझ पर कृपा निधि ॥ मिट्टी कुम्हार की मैं बन जाऊं, रूंद-रूंद कर चाक चढ़ावे। मैं न मैं रह जाऊं… चाक चढ़ावे कुंभ बनावे, प्रेम धूप में उसे सुखावे।ऐसी शक्ति दे दे मुझको, आवें की आँच सह पाऊं ॥ मैं न मैं रह जाऊं … आनंद नीर से कुंभ भर देवे, फिर-फिर तोड़े…

  • Father, mother, helper, master, friend, You alone are our Lord.

    पितु-मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो।जिनके कछु और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो ॥ भूले हैं हरि हम तुमको तो, तुम हमरी सुधि न बिसारे हो।महाराज महा महिमा तुम्हरी, समझे बिरले बुद्धिवारे हो ॥उपकारन को कछु अंत नहीं, छिन ही छिन जो विस्तारे हो। सुख शांति निकेतन प्रेम निधे,…

  • O man, consider how long the world’s pleasures will last

    मानव सोचो जग के सुख का विस्तार रहेगा कितने दिन ।ये प्यार रहेगा कितने दिन, सत्कार रहेगा कितने दिन ॥ मानव सोचो जग के सुख का … चाहे पितु हो या माता हो, पति पत्नी हो सुत भ्राता हो,जिनको अपना कहते उन पर, अधिकार रहेगा कितने दिन ॥ मानव सोचो जग के सुख का ……

  • O merciful Lord, protector of those who seek refuge, You are our only hope

    शरणागत पाल कृपाल हरि, हमको एक आस तुम्हारी है।तुम्हरे सम दूसर और नहीं, कोउ दीनन को हितकारी है। सुधि लेत सदा सब जीवन की, कैसी करूणा उर धारी है।प्रतिपाल करे बिन ही बदले, अस कौन पिता महतारी है ॥ जब नाथ दया कर देखत हो, छुट जात व्यथा संसारी है।बिसराय तुम्हें जो सुख चाहे, वो…

  • I offer my salutations to You, O Creator of the universe

    करूं वंदना मैं तेरी, जग के रचाने वाले।ज्योति स्वरूप तुम हो, तम के हटाने वाले ॥ पट घट के खोल दीन्हें, गुरु ज्ञान हमको देकर।करें ध्यान हम तुम्हारा, दुख से छुड़ाने वाले ॥ सृष्टि सुघर सजीली, सिरजी है कैसी तुमने।सारे पदार्थ जग में, मन को लुभाने वाले ॥ आकाश भूमि भूधर, नक्षत्र शशि दिवाकर।ये सब…

  • O Lord, friend of the helpless, hear my plea.

    हे दीनबंधु स्वामी, सुन लो पुकार मेरी।जीवन न बीत जाये, अब तो कृपा हो तेरी ॥ मैं हूं सदैव निर्बल, कैसे लगूं ठिकाने।नौका पड़ी भंवर में, तुफानों ने आन घेरी ॥ कब से भटक रहा हूं, एक सोच में पड़ा हूं।कैसे किनारा पाऊं, जब हो दया न तेरी ॥ दुख दर्द की घटाएं, चारों तरफ…

  • Namami, Namami, Satguru Namami. Guruvar Namami, Satguru Namami.

    नमामि, नमामि, सतगुरू नमामि । गुरूवर नमामि, सतगुरू नमामि ॥ जय जय जय गुरुदेव नमामि ।जय जय जय, मेरे घट के स्वामी ॥तुम ही हो बुद्धि के दाता।तुम ही हो प्रभु भाग्य विधाता ॥ जय गुरुदेव नमामि तुमको, जय गुरुदेव नमामि ॥सर्वकला सम्पूर्ण हो दाता, तुम हो अंतर्यामी।जय गुरुदेव नमामि तुमको, जय गुरुदेव नमामि ॥…

  • O revered Guru, greetings to you a hundred times! Please accept our

    हे गुरुवर सौ-सौ बार, आपका अभिनन्दन। सादर कीजै स्वीकार, आपका अभिनन्दन ॥ स्वागत-स्वागतम, स्वागतम, शुभ स्वागतम ॥ नयनों में स्वागत के शुभ दीप जले हैं।राहों पे पहुनाई के फूल खिले हैं।सज गई है वंदनवार, आपका अभिनन्दन ॥ आँखों में लिए प्रतीक्षा, मन में आदर।हम कब से पंथ निहार, रहे थे श्रीवर।खिल उठे हार उपहार, आपका…