January 22, 2026 in Bhajan
In the court of the true Satguru, sorrows and pains are dispelled
दरबार में सच्चे सतगुरु के, दुख-दर्द मिटाये जाते हैं।दुनिया के सताये लोग यहां, सीने से लगाये जाते हैं॥ यह महफिल है मस्तानों की, हर शख्स यहां पर मतवाला।भर-भर के जाम इबादत के, यहां सबको पिलाये जाते हैं॥ ऐ जग वालों क्यों डरते हो, इस दर पर शीश झुकाने से।ऐ नादानों यह वह दर है, सर […]






