Category: Stories
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जीव का आखिरी सत्य
जीव का आखिरी सत्यजब किसी भी व्यक्ति की स्वांसों की माला टूट जाती है तो उसका अस्तिव ही समाप्त हो जाता है! आश्चर्य की बात है कि इस परम सत्य से हमारा कई बार सामना भी हुआ है! और हमने शव यात्रा में जाते समय राम नाम सत्य है का उद्धोष भी किया है! इतना…
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अपनी ही गठरी टटोलें!
अपनी ही गठरी टटोलें! 🌹🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸एक राह पर चलते-चलतेदो व्यक्तियों की मुलाकात हुई।दोनों का गंतव्य स्थान एक था,तो दोनों यात्रा में साथ हो चले। सात दिन बाद दोनों के अलगथलक होने का समय आया तोएक ने कहा- “भाई साहब!एक सप्ताह तक दोनों साथ रहे,क्या आपने मुझे पहचाना?”दूसरे ने कहा:- “नहीं,मैंने तो नहीं पहचाना।”*पहला यात्री बोला😘“महोदय, मैं…
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भगवान की कृपा
भगवान की कृपा भगवत कृपा तो निरंतर बह रही है परंतु उसको पाने का पात्र बनने के लिए समर्पण आवश्यक होता है।परमात्मा के प्रति समर्पण दृढ़ निश्चय और अनुशासन का प्रतीक है। इस से मनुष्य स्वत: ही भगवत कृपा का पात्र बन जाता है।कहा भी है –सोई सेवक प्रीतम मम सोई, मम अनुशासन माने जोई!…
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सबसे बड़ा पुण्य
सबसे बड़ा पुण्य एक राजा बहुत बड़ा प्रजापालक था, हमेशा प्रजा के हित में प्रयत्नशील रहता था. वह इतना कर्मठ था कि अपना सुख, ऐशो-आराम सब छोड़कर सारा समय जन-कल्याण में ही लगा देता था. यहाँ तक कि जो मोक्ष का साधन है अर्थात भगवत-भजन, उसके लिए भी वह समय नहीं निकाल पाता था। एक…
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क्रोध पर नियंत्रण
क्रोध पर नियंत्रण एक बार एक राजा घने जंगल में भटक जाता है जहाँ उसको बहुत ही प्यास लगती है। इधर उधर हर जगह तलाश करने पर भी उसे कहीं पानी नही मिलता। प्यास से उसका गला सुखा जा रहा था तभी उसकी नजर एक वृक्ष पर पड़ी; जहाँ एक डाली से टप टप करती…
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मानस रोग – काम, क्रोध, मद और लोभ!
मानस रोग – काम, क्रोध, मद और लोभ! सांसारिक ज्ञान हमें बचपन से ही हमारे सांसारिक गुरुजनों ने दिया!जैसे उन्होंने हमें सागर, महासागर के बारे में विस्तार से ज्ञान दिया और उनके द्वारा मिलने वाले लाभ हानी की जानकारियां भी मिली!लेकिन हम जब बड़े हुए तो हमको संतों महात्माओं के द्वारा भवसागर के होने और…
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वास्तविक मूल्य
वास्तविक मूल्य एक सेठ बड़ा साधु सेवी था। जो भी सन्त-महात्मा नगर में आते वह उन्हें अपने घर बुला कर उनकी सेवा करता। एक बार एक महात्मा जी सेठ के घर आये। सेठानी महात्मा जी को भोजन कराने लगी। सेठ जी उस समय किसी काम से बाज़ार चले गये। भोजन करते करते महात्मा जी ने…
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जगह का महत्व
जगह का महत्व पिता ने बेटे से कहा, “तुमने बहुत अच्छे नंबरों से ग्रेजुएशन पूरी की है। अब क्यूंकि तुम नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रहे हो , मैं तुमको यह कार उपहार स्वरुप भेंट करना चाहता हूँ, यह कार मैंने कई साल पहले हासिल की थी, यह बहुत पुरानी है। इसे कार डीलर…
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एक साधु से किसी व्यक्ति ने कहा कि उसके विचारों का प्रवाह उसे बहुत परेशान कर रहा है।
एक साधु से किसी व्यक्ति ने कहा कि उसके विचारों का प्रवाह उसे बहुत परेशान कर रहा है। उस साधु ने उसे निदान और चिकित्सा के लिए अपने एक मित्र साधु के पास भेजा और उससे कहा, जाओ और उसकी समग्र जीवन-चर्या ध्यान से देखो। उससे ही तुम्हें मार्ग मिलने को है।.वह व्यक्ति गया। जिस…
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बेईमानी का पैसा शरीर के एक एक अंग फाड़कर निकलता है।
बेईमानी का पैसा शरीर के एक एक अंग फाड़कर निकलता है। रमेश चंद्र शर्मा जो पंजाब के ‘खन्ना’ नामक शहर में एक मेडिकल स्टोर चलाते थे,उन्होंने अपने जीवन का एक पृष्ठ खोल कर सुनाया जो पाठकों की आँखें भी खोल सकता है और शायद उस पाप से,जिस में वह भागीदार बना, उससे भी बचा सकता…
