Category: Stories

  • रिटायरमेंट के बाद का दर्द/फ्यूज बल्ब

    रिटायरमेंट के बाद का दर्द/फ्यूज बल्ब शहर जयपुर में बसे मालवीय नगर में एक आईएएस अफसर रहने के लिए आए जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे।‌ ये बड़े वाले रिटायर्ड आईएएस अफसर हैरान-परेशान से रोज शाम को पास के पार्क  में टहलते हुए अन्य लोगों को तिरस्कार भरी नज़रों से देखते और किसी से…

  • परमात्मा को पाने के लिए खुद को समर्पित करो!

    परमात्मा को पाने के लिए खुद को समर्पित करो! एक गाँव में यज्ञ हो रहा था और गाँव का राजा एक बकरे की बलि चढ़ा रहा था। भगवान बुद्ध गाँव से गुज़र रहे थे तो वो वहाँ पहुँच गए और उन्होंने उस राजा को कहा कि, “ये क्या कर रहे हो? इस बकरे को किसलिए…

  • एक कौवा एक वन में रहा करता था,उसे कोई कष्ट नहीं था और वह अपने जीवन से पूरी तरह सन्तुष्ट था!

    एक कौवा एक वन में रहा करता था,उसे कोई कष्ट नहीं था और वह अपने जीवन से पूरी तरह सन्तुष्ट था! एक दिन उड़ते हुए वह एक सरोवर के किनारे पहुँचा! वहाँ उसने एक उजले सफ़ेद हंस को तैरते हुए देखा। उसे देखकर वह सोचने लगा – “यह हंस कितना सौभाग्यशाली है, जो इतना सफेद…

  • सुमति

    सुमति एक बार किसी ने तुलसी दास जी से पूछा — महाराज ! सम्पूर्ण रामायण का सार क्या है ?क्या कोई चौपाई ऐसी है जिसे हम सम्पूर्ण रामायण का सार कह सकते हैं ? तुलसी दास जी ने कहा -हाँ है, और वह है। जहां सुमति तह सम्पत्ति नानाजहां कुमति तहँ विपत्ति आना जहां सुमति…

  • कैकयी को दण्ड

    कैकयी को दण्ड एक दिन संध्या के समय सरयू के तट पर तीनों भाइयों के संग टहलते श्रीराम से महात्मा भरत ने कहा -एक बात पूछूँ, भइया? माता कैकई ने आपको वनवास दिलाने के लिए मंथरा के साथ मिल कर जो षड्यंत्र किया था – क्या वह राजद्रोह नहीं था?उनके षड्यंत्र के कारण एक ओर…

  • बुरे वक्त मे ऊँट पर बैठे आदमी को कुत्ता काट खाता है

    बुरे वक्त मे ऊँट पर बैठे आदमी को कुत्ता काट खाता है कहाँ गिरा ? आदमी की खोपडी पर जिसने अभी अभी गर्मी से बचने के लिये हेलमेट उतारा था . सांप खोपडी पर गिरा और गिरते ही आत्मरक्षा के भाव से भाई को डस लिया . पब्लिक जब तक कुछ समझती तब तक भाई…

  • पिता-पुत्र

    पिता-पुत्र एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया। रेस्टोरेंट में बैठे दूसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे लेकिन उसका पुत्र शांत था। खाने के बाद पुत्र…

  • सच्ची लगन

    सच्ची लगन एक शख्स सुबह सवेरे उठा साफ़ कपड़े पहने और सत्संग घर की तरफ चल दिया ताकि सतसंग का आनंद प्राप्त कर सके। चलते चलते रास्ते में ठोकर खाकर गिर पड़ा, कपड़े कीचड़ से सन गए वापस घर आया। कपड़े बदलकर वापस सत्संग की तरफ रवाना हुआ फिर ठीक उसी जगह ठोकर खा कर…

  • “मैं न होता, तो क्या होता?” – सुंदरकांड का एक प्रेरक प्रसंग है जब

    “मैं न होता, तो क्या होता?” सुंदरकांड का एक प्रेरक प्रसंग है जब “अशोक वाटिका” में जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ातब हनुमान जी को लगा कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सिर काट लेना चाहिये! किन्तु, अगले ही क्षण, उन्होंने देखा कि, “मंदोदरी” ने…

  • जब मन सच्चा हो और इरादे नेक हो तो भगवन को भी आना पड़ता है, अपने भगत के लिये…!

    एक बार सतगुरु जी सत्संग करके आ रहे थे रास्ते में गुरुजी का मन चाय पीने को हुआ उन्होंने अपने ड्राइवर को कहा हमे चाय पीनी है। ”ड्राइवर गाड़ी ५ स्टार होटल के आगे खड़ी कर दी। गुरु जी ने कहा- “नहीं आगे चलो यहाँ नहीं।” फिर ड्राइवर ने गाड़ी किसी होटल के आगे खड़ी…