Category: Stories
-
जीवन की मुस्कान
जीवन की मुस्कान एक फटी धोती और फटी कमीज पहने एक व्यक्ति अपनी 15-16 साल की बेटी के साथ एक बड़े होटल में पहुंचा। उन दोंनो को कुर्सी पर बैठा देख एक वेटर ने उनके सामने दो गिलास साफ ठंडे पानी के रख दिए और पूछा- आपके लिए क्या लाना है? उस व्यक्ति ने कहा-…
-
दो अनमोल हीरे
दो अनमोल हीरे एक सौदागर को बाज़ार में घूमते हुए एक उम्दा नस्ल का ऊंट दिखाई पड़ा! सौदागर और ऊंट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई और आखिर में सौदागर ऊंट खरीद कर घर ले आया! घर पहुंचने पर सौदागर ने अपने नौकर को ऊंट का कजावा ( काठी) निकालने के लिए बुलाया!…
-
माँ लक्ष्मी ने आगे कहा – जिस परिवार में गुरुजनों का सत्कार होता है; दुसरों के साथ जहाँ सभ्यता पूर्वक बात की जाती है और मुख से बोलकर कोई कलह नहीं करता मैं वहीं पर वास करती हूँ!
एक सेठ को स्वप्न में माँ लक्ष्मी ने दर्शन दिये और कहा – सेठ! अब तेरे पुण्य समाप्त हो गये हैं, इसलिए तेरे घर से कुछ ही दिनों में मैं चली जाऊँगी. तुझे मुझसे जो माँगना है, वह माँग ले!🌻 सेठ ने कहा- कल सुबह अपने कुटुम्ब के लोगों से विचार-विमर्श करके जो माँगना होगा…
-
मौन और अभिमान !
मौन और अभिमान ! एक राजा के घर एक राजकुमार ने जन्म लिया। राजकुमार स्वभाव से ही कम बोलते थे। राजकुमार जब युवा हुआ तब भी अपनी उसी आदत के साथ मौन ही रहता था । राजा अपने राजकुमार की चुप्पी से परेशान रहते थे की आखिर ये बोलता क्यों नहीं है | राजा ने…
-
बहेलियां ने तीर छोड़ा, वह लता बल्लरियों की बाधाओं को चीरता, राजकुमार सुकर्णव के मस्तिष्क पर जा लगा। राजकुमार वही धराशाई हो गए।
बहेलियां ने तीर छोड़ा, वह लता बल्लरियों की बाधाओं को चीरता, राजकुमार सुकर्णव के मस्तिष्क पर जा लगा। राजकुमार वही धराशाई हो गए। * समस्त अंतापुर रो पड़ा अपने राजकुमार की याद में!ऐसा कोई प्रजाजन नहीं था जिसने सुकर्णव की अर्थी देख आँसू ना बहाए हों। दाह संस्कार संपन्न हुआ। पुत्र शोक अब प्रतिशोध की…
-
संगत का असर
संगत का असर एक बार एक शिकारी शिकार करने गया, शिकार नहीं मिला! थकान हुई और एक वृक्ष के नीचे आकर सो गया। पवन का वेग अधिक था! तो डालियों के यहाँ-वहाँ हिलने के कारण वृक्ष की छाया कभी कम-ज्यादा हो रही थी! वहीं से एक अति सुन्दर हंस उड़कर जा रहा था! उस हंस…
-
बदलाव – अपने में
बदलाव – अपने में बूढ़े दादा जी को उदास बैठे देख बच्चों ने पूछा, “क्या हुआ दादा जी, आज आप इतने उदास बैठे क्या सोच रहे हैं?” “कुछ नहीं , बस यूँही अपनी ज़िन्दगी के बारे में सोच रहा था!”, दादा जी बोले । “जरा हमें भी अपनी लाइफ के बारे में बताइये न …”…
-
माटी का खिलौना माटी में मिल जायेगा!
माटी का खिलौना माटी में मिल जायेगा! मक्खी एक हाथी के ऊपर बैठ गयी। हाथी को पता न चला मक्खी कब बैठी। मक्खी बहुत भिनभिनाई आवाज की और कहा, भाई! तुझे कोई तकलीफ हो तो बता देना। वजन मालूम पड़े तो खबर कर देना, मैं हट जाऊंगी। लेकिन हाथी को कुछ सुनाई न पड़ा। फिर…
-
खुद का सुधार
खुद का सुधार एक व्यक्ति अपने परिवार, रिश्तेदार, मित्र, मोहल्ला के निवासी, अपनी फैक्ट्री के कार्यकर्ताओं से अति दुःखी होकर समाधान हेतु अपने गुरु के पास पहुंचा और अपनी पीड़ा गुरुदेव को बताते हुए बोला- “मेरे कर्मचारी, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे और मेर आसपास के सभी लोग बेहद स्वार्थी हैं। कोई भी सही नहीं है,…
-
अपना-अपना भाग्य
अपना-अपना भाग्य एक व्यक्ति एक दिन बिना बताए काम पर नहीं गया। मालिक ने सोचा इसकी तन्खाह बढ़ा दी जाये तो यह और लगन से काम करेगा और उसकी तन्खाह बढ़ा दी। अगली बार जब उसको तन्खाह से अधिक पैसे दिये, तो वह कुछ नहीं बोला चुपचाप पैसे रख लिये। कुछ महीनों बाद वह फिर…
