Category: Stories
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glory of satsang
सतसंग की महिमा अशान्ति, परेशानियाँ तब शुरू हो जाती हैं । जब मनुष्य के जीवन में सतसंग नहीं होता। मनुष्य का जीवन आगे बढ़ता चला जा रहा है। लेकिन मनुष्य इस बारे में नहीं सोचता कि जीवन को कैसे जीना चाहिए!मनुष्य ने धन कमा लिया, मकान बना लिया, शादी घर परिवार बच्चे सब हो गये,…
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Find the way in yourself!
खुद में रा़स्ता ढूढ़े! एक बार स्वामी विवेकानन्द के आश्रम में एक व्यक्ति आया जो देखने में बहुत दुःखी लग रहा था। वह व्यक्ति आते ही स्वामी जी के चरणों में गिर पड़ा और बोला कि महाराज मैं अपने जीवन से बहुत दुःखी हूँ! मैं अपने दैनिक जीवन में बहुत मेहनत करता हूँ – काफी…
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We don’t want money, we want peace!
धन नही चैन चाहिए! एक गरीब आदमी था।वो हर रोज नजदीक के मंदिर में जाकर वहां साफ-सफाई करता और फिर अपने काम पर चला जाता था। अक्सर वो अपने भगवान से कहता कि मुझे आशीर्वाद दीजिए तो मेरे पास ढेर सारा धन-दौलत आ जाए। एक दिन ठाकुर जी ने बाल रूप में प्रगट हो उस…
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Don’t keep unaccountable desires..Take care of what you have got first.
बे हिसाब इच्छाएं न पालिए..जो मिला है पहले उसे सम्भालिए। एक सिद्ध महात्मा के दर्शन करने पहुंचे एक गरीब दम्पत्ति ने देखा कि कूडे के ढेर पर सोने का चिराग पड़ा हुआ है। दंपत्ति ने महात्मा से पूछा तो महात्मा ने बताया कि ये तीन इच्छायें पूरी करने वाला बेकार चिराग है। बहुत खतरनाक भी…
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How far do the sinful deeds go?
पाप कर्म कहांँ-कहांँ तक जाते हैं ? एक बार एक ऋषि ने सोचा कि लोग गंगा में पाप धोने जाते हैं,तो इसका मतलब हुआ कि सारे पाप गंगा में समा गए और गंगा भी पापी हो गयी। अब यह जानने के लिए ऋषि ने तपस्या की और समझाना चाहा कि ये पाप कहाँ जाते हैं?…
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Realize your potential
अपनी क्षमता पहचानो एक गाँव में एक आलसी आदमी रहता था! वह कुछ काम-धाम नहीं करता था। बस दिन भर निठल्ला बैठकर सोचता रहता था कि किसी तरह कुछ खाने को मिल जाये। एक दिन वह यूं ही घूमते-घूमते आम के एक बाग़ में पहुँच गया। वहाँ रसीले आमों से लदे कई पेड़ थे। रसीले आम देख…
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positive attitude
सकरात्मक दृष्टिकोण एक गरीब आदमी बड़ी मेहनत से एक-एक रूपया जोड़ कर मकान बनवाता है। उस मकान को बनवाने के लिए वह पिछले 20 वर्षों से एक-एक पैसा बचत करता है, ताकि उसका परिवार छोटे से झोपड़े से निकलकर पक्के मकान में सुखी से रह सके। आखिरकार एक दिन मकान बन कर तैयार हो जाता…
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समय के सद्गुरु में पूर्ण समर्पण से भटकाव खत्म होता है!
समय के सद्गुरु में पूर्ण समर्पण से भटकाव खत्म होता है! एक बगीचा था। नाना प्रकार के पुष्प उसमें खिले हुए थे और एक भौंरा एक पुष्प से दूसरे पुष्प पर बैठता था। परंतु एक चंपा का जो विशाल वृक्ष था- उस चंपा के बड़े फूल में बड़ी सुंदरता और खूशबू होती है, लेकिन वह…
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When we keep saying, we don’t have time for devotion then what is the result.
जब हम कहते रहते हैं, हमारे पास भक्ति के लिए समय नहीं है तो परिणाम क्या होता है। एक बहुत बड़ा सौदागर नौका लेकर दूर-दूर देशों में करोड़ों रुपये कमाने जाता था।उसके मित्रों ने उससे कहा कि तुम नौका में घूमते हो। पुराने जमाने की नौका है। समुद्र में तूफ़ान आते हैं, खतरे बहुत होते…
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human life is great
मनुष्य जीवन महान है चौरासी लाख योनियों में मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणी है- जिसका व्यक्तित्व निर्माण प्रकृति से ज्यादा उसकी स्वयंँ की प्रवृत्ति पर निर्भर होता है। मनुष्य अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मनुष्य और अन्य चौरासी लाख योनियों में प्राणियों के बीच…
