राशियों के नाम के अर्थ(Rashi Name With Meaning in Hindi) 

1. मेषमेढा
2. वृष/वृषभबैल
3. मिथुनयुवा दंपत्ति
4. कर्ककैकडा
5.सिंह     शेर
6.कन्या   कुवारी कन्या
7.तुला     तराजू
8.वृश्चिकबिच्छु
9. धनुधनुष, धर्नुधारी
10.मकरमगरमच्छ
11.कुम्भघड़ा, कलश
12. मीन     मछली

12 राशियों के अक्षर | 12 Rashiyon Ke Akshar

क्रमांक राशि का नाम अक्षर
1. मेषचू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ
2.वृष/वृषभ ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
3. मिथुनका, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
4.कर्कही, हू, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो
5. सिंह मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
6.कन्या ढो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
7.तुलार, री, रू, रे, रो, ता, ति, तू, ते
8.वृश्चिक तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू
9. धनुय, यो, भा, भि, भू, ध, फा, ढ, भे
10.मकर भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
11. कुम्भ गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द
12.मीनदी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची

राशियों के नाम (Rashi Name in Hindi) 

12 राशियों के नाम – Name of 12 Zodiac Hindi

  1. मेष राशि (Mesh Rashi)
  2. वृषभ राशि (Vrishabh Rashi)
  3. मिथुन राशि (Mithun Rashi)
  4. कर्क राशि (Kark Rashi)
  5. सिंह राशि (Sinh Rashi)
  6. कन्या राशि (Kanya Rashi)
  7. तुला राशि (Tula Rashi)
  8. वृश्चिक राशि (Vrishchik Rashi)
  9. धेनु राशि (Dhenu Rashi
  10. मकर राशि (Makar Rashi)
  11. कुम्भ राशि (Kumbh Rashi)
  12. मीन राशि (Meen Rashi)

Why is Hanuman Ji called the awakened dev in Kali Yuga?

Jai Shivaparvati! Bhagwan Hanumanji is called ‘the awakened God’ because according to the Mahabharata and Ramayana, ever since the events of Ramayana, Hanumanji has resided in the Earth and will continue to do so as long as the name of Bhagwan Shriram is in the Earth even in the Kaliyuga. It is said that Bhagwan Hanumanji appeared before Goswami Tulsidas who was the writer of the Ramcharitmanas.

Bhagwan Hanumanji being called ‘the awakened God’ doesn’t mean that the other Gods are sleeping.

जय शिवपार्वती! भगवान हनुमानजी को ‘जागृत भगवान’ कहा जाता है क्योंकि महाभारत और रामायण के अनुसार, जब से रामायण की घटना हुई है, तब से हनुमानजी पृथ्वी में निवास करते हैं और तब तक करते रहेंगे जब तक भगवान श्रीराम का नाम पृथ्वी में है। कलियुग। ऐसा कहा जाता है कि भगवान हनुमानजी गोस्वामी तुलसीदास के सामने प्रकट हुए थे जो रामचरितमानस के लेखक थे।

भगवान हनुमानजी को ‘जागृत भगवान’ कहने का मतलब यह नहीं है कि अन्य देवता सो रहे हैं।

गुरु आज्ञाकारी भक्त का स्वभाव

गुरु आज्ञाकारी भक्त का स्वभाव

गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी अर्जुन को समझाते हैं कि आत्मज्ञानी व्यक्ति का सबसे पहला गुण है कि उसमें संसार के सारे ही जीवित प्राणियों के प्रति सच्चा प्रेम और सेवाभाव होना चाहिए।
स्वयं के भीतर सच्चे प्रेम के बीज का रोपण ही दुनिया की सारी समस्याओं और शान्ति का समाधान है। कोई आत्मज्ञान लेकर स्वयं को ज्ञानी मानता है लेकिन, वह कह कुछ रहा है और कर कुछ रहा है, ऐसा करके चाहे जितनी चालाकियांँ कर ले लेकिन, हृदय में विराजमान अविनाशी शक्ति के आगे उसकी एक नहीं चलेगी क्योंकि वो पूर्ण सत्य का निर्देशक है। उसे कभी-कभी कुछ नाट़्य भी करना पड़ता है!

लेकिन, चूंकि वह सिर्फ नाट़्य होता है तो कोई कटुता नहीं उपजती। समस्या तब पैदा होती है जब कुछ लोग आत्म ज्ञान के सिद्धान्तों को बढ़ा चढ़ा कर बखान करने लगते हैं और वही लोग उसका फायदा उठाने लगते हैं।

गीता की शुरुआत ही संन्यास की परिभाषा से होती है। ऐसी क्रिया जो स्वार्थ रहित हो। वही बात दूसरे रूप में कही गई है।
भगवान श्रीकृष्ण जी कहते हैं कि जब तक मन की लालसायें शान्त नहीं होती तब तक हमें हमारा कर्म करना ही होगा।

अर्जुन वही प्रश्न पूछता है जो हमारे दिमाग में हैं। वह श्रीकृष्ण से कहता है कि मन की चंँचलता सच्चा प्रेम करने में मुख्य बाधा है। इसमें इतनी उथल-पुथल और न झुकने की प्रवृत्ति है कि इसे काबू करने की बजाय हवा को काबू करना आसान है।

श्रीकृष्ण कहते हैं कि मन को नियमित ध्यान के अभ्यास से,”नाम-सुमिरण के अभ्यास करके मन को काबू किया जा सकता है। यदि नाकाम रहे तो भी आपका बैंक बैलेंस बना रहेगा।

यह भौतिक बैंक बैलेंस नहीं है कि आप चले गए तो किसी और ने उस पर कब्जा कर लिया।

आत्मज्ञानी विद्वान से श्रेष्ठ होता है। विद्वान को बहुत मौखिक ज्ञान हो सकता है पर सम्भव है उसे अपने स्वांँसों के भीतर की शक्ति की पहचान न हो।

श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि तुम योगी बनो और ध्यान के अभ्यास से मन को प्राणों में रमण करने वाली शक्ति के साथ एकाकार करके स्वयंँ को जानो। तभी हृदय में विराजमान ईश्वर के सानिध्य में शान्ति के अनुभव से मनुष्य जीवन सफल होता है।

  • श्री हंस जी महाराज

किराये का घर

जब हम “किराए का मकान” लेते है तो “मकान मालिक” कुछ शर्तें रखता है !

  1. मकान का किराया समय पर देना होगा।
  2. मकान में गंदगी नही फैलाना।
  3. मकान मालिक जब चाहे मकान को खाली करवा सकता है !!

उसी प्रकार परमात्मा (मालिक) ने भी हमें जब ये शरीर दिया था यही शर्ते हमारे लिये देकर भेजा हैः~

  1. किराया है। (भजन -सिमरन)
  2. गन्दगी (बुरे विचार और बुरी भावनाये) नही फैलानी।
  3. जब मर्जी होगी परमात्मा अपनी आत्मा को वापिस बुला लेगा !! मतलब ये है कि ये जीवन हमे बहुत थोड़े समय के लिए मिला है, इसे लड़ाई -झगड़े करके या द्वेष भावना रखकर नही, बल्कि प्रभु जी के नाम का सिमरन करते हुए बिताना चाहिए !

हे मेरे सतगुरुजी ! इतनी कृपा करना कि आपकी आज्ञा में रहे और भजन -सुमिरन करते रहे!!

“ए जन्म मानुखा जो मिलिया।
गुरु किरपा दा प्रशाद समझ।
बे कदरी ना कर स्वासा दी।
जप नाम जीवन दा राज समझ !!

कहते हैं जब भी हम सिमरन करके घर से बाहर निकलते हैं तब गुरु की शक्ति साथ रहती है.!
गलत लोग, गलत शक्तियां आपके सामने कितनी भी कोशिश करें, आपको touch नहीं कर सकती.!
क्योंकि
गुरु का नाम सिमरन रूपी कवच आपके साथ होता है.!

तो क्यों न करें हम

सिमरन!!

.🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏.

Indian Calendar 2023 – Festivals | भारतीय कैलेंडर 2023 – त्यौहार

January 2023	Festivals
1 Sunday	New Year
14 Saturday	Lohri
15 Sunday	Pongal, Uttarayan, Makar Sankranti
23 Monday	Subhas Chandra Bose Jayanti
26 Thursday	Basant Panchmi, Saraswati Puja, Republic Day

February 2023	Festivals
18 Saturday	Mahashivratri

March 2023	Festivals
7 Tuesday	Holika Dahan
8 Wednesday	Holi
22 Wednesday	Chaitra Navratri, Ugadi, Gudi Padwa
23 Thursday	Cheti Chand
30 Thursday	Ram Navami
31 Friday	Chaitra Navratri Parana

April 2023	Festivals
1 Saturday	Bank's Holiday
6 Thursday	Hanuman jayanti
14 Friday	Baisakhi, Ambedkar Jayanti
22 Saturday	Akshaya Tritiya

June 2023	Festivals
20 Tuesday	Jagannath Rath Yatra
29 Thursday	Ashadhi Ekadashi

July 2023	Festivals
3 Monday	Guru Purnima

August 2023	Festivals
15 Tuesday	Independence Day
19 Saturday	Hariyali Teej
21 Monday	Nag Panchami
29 Tuesday	Onam/Thiruvonam
30 Wednesday	Raksha Bandhan

September 2023	Festivals
2 Saturday	Kajari Teej
7 Thursday	Janmashtami
18 Monday	Hartalika Teej
19 Tuesday	Ganesh Chaturthi
28 Thursday	Anant Chaturdashi

October 2023	Festivals
2 Monday	Gandhi Jayanti
15 Sunday	Sharad Navratri
22 Sunday	Durga Puja Ashtami
23 Monday	Durga Maha Navami Puja
24 Tuesday	Dussehra, Sharad Navratri Parana

November 2023	Festivals
1 Wednesday	Karva Chauth
10 Friday	Dhanteras
12 Sunday	Diwali, Narak Chaturdashi
14 Tuesday	Govardhan Puja, Children's Day
15 Wednesday	Bhai Dooj
19 Sunday	Chhath Puja

December 2023	Festivals
25 Monday	Merry Christmas

2023 Holidays and Observances | 2023 छुट्टियाँ और पर्व

2023 Holidays and Observances:
1 Jan	New Year's Day
14 Jan	Makar Sankranti
15 Jan	Pongal
26 Jan	Republic Day
26 Jan	Vasant Panchami
5 Feb	Guru Ravidas Jayanti
5 Feb	Hazarat Ali's Birthday
15 Feb	Maharishi Dayanand Saraswati Jayanti
18 Feb	Maha Shivaratri/Shivaratri
19 Feb	Shivaji Jayanti
7 Mar	Dolyatra
7 Mar	Holika Dahana
8 Mar	Holi
22 Mar	Chaitra Sukhladi
22 Mar	Ugadi
22 Mar	Gudi Padwa
30 Mar	Rama Navami
4 Apr	Mahavir Jayanti
7 Apr	Good Friday
9 Apr	Easter Day
14 Apr	Vaisakhi
14 Apr	Ambedkar Jayanti
15 Apr	Mesadi / Vaisakhadi
21 Apr	Jamat Ul-Vida
22 Apr	Ramzan Id/Eid-ul-Fitar
22 Apr	Ramzan Id/Eid-ul-Fitar
5 May	Buddha Purnima/Vesak
9 May	Birthday of Rabindranath
20 Jun	Rath Yatra 	 	
29 Jun	Bakrid/Eid ul-Adha
29 Jul	Muharram/Ashura
15 Aug	Independence Day
16 Aug	Parsi New Year
20 Aug	Vinayaka Chathurthi
29 Aug	Onam
30 Aug	Raksha Bandhan (Rakhi)
6 Sep	Janmashtami (Smarta)
7 Sep	Janmashtami
19 Sep	Ganesh Chaturthi/Vinayaka Chaturthi
28 Sep	Milad un-Nabi/Id-e-Milad
2 Oct	Mahatma Gandhi Jayanti
15 Oct	First Day of Sharad Navratri
20 Oct	First Day of Durga Puja Festivities
21 Oct	Maha Saptami
22 Oct	Maha Ashtami
23 Oct	Maha Navami
24 Oct	Dussehra
28 Oct	Maharishi Valmiki Jayanti
1 Nov	Karaka Chaturthi (Karva Chauth)
12 Nov	Naraka Chaturdasi
12 Nov	Diwali/Deepavali
13 Nov	Govardhan Puja
15 Nov	Bhai Duj
19 Nov	Chhat Puja (Pratihar Sashthi/Surya Sashthi)
24 Nov	Guru Tegh Bahadur's Martyrdom Day
27 Nov	Guru Nanak Jayanti
24 Dec	Christmas Eve
25 Dec	Christmas

Yearly Horoscope 2023

मेष राशिफल 2023 

मेष राशि वालों का इस साल मनोबल ऊंचा रहेगा। मन उत्साहित रहेगा जिससे जातक लगातार सक्रिय रहेगा। व्यापारियों के लिए वर्ष लगभग अनुकूल रहेगा। इस वर्ष जातक कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सफल होंगे। व्यापार में लाभ की स्थिति बनी रहेगी, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए यह वर्ष थोड़ा मिलाजुला रहेगा। जातक मानसिक उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ेंगे। महिलाओं के लिए यह साल थोड़ा सावधान रहने वाला है। क्रोध आदि पर नियंत्रण बनाए रखें। लॉटरी शेयर और सट्टे से जुड़े लोगों के लिए यह वर्ष मध्यम फलदायी रहेगा, लेकिन भूमि-भवन आदि के क्रय-विक्रय के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। भाई-बहनों से भी तालमेल औसत रहेगा। प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ने की संभावना है, लेकिन सावधान रहें। संतान पक्ष के लिए अनुकूल स्थिति बनेगी। संतान की उन्नति होगी। कोर्ट कचहरी के मामलों में प्रगति होगी।
लाभ की स्थिति बनी रहेगी

वृषभ वार्षिक राशिफल 2023

वृषभ राशि वालों के लिए यह वर्ष थोड़ा संघर्षपूर्ण रहेगा, लेकिन संघर्ष के साथ उन्नतिशील स्थितियां बनती रहेंगी। मित्रों और सहकर्मियों का निरंतर सहयोग प्राप्त होगा, जिससे व्यक्ति अपनी आय को बढ़ाने में सफल हो सकता है। अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन जातक उन समस्याओं का निदान करने में सफल हो सकते हैं। खाने-पीने में सावधानी बरतें। यदि आप कोई संपत्ति खरीदना चाहते हैं, तो वर्ष के पहले महीनों की तुलना में वर्ष के अंतिम महीनों में जातक के लिए शुभ स्थितियां बन सकती हैं, तभी खरीदने का निर्णय लेना उचित होगा। विद्यार्थियों के लिए समय लगभग अनुकूल है। पढ़ाई में मेहनत करनी पड़ेगी। सामाजिक कार्यों में व्यक्ति का मन लगेगा। तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। कोर्ट कचहरी से जुड़ा कोई विवाद सुलझने की संभावना है। प्रेम संबंधों में कुछ तनाव हो सकता है इसलिए प्रेम संबंधों से दूर ही रहें तो बेहतर होगा अन्यथा आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है। धार्मिक कार्य करने का अवसर मिल सकता है। व्यापारियों के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा। लाभ की स्थितियां बनेंगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह वर्ष विशेष रूप से शुभ है। तरक्की और आर्थिक लाभ की स्थिति बन सकती हैं।
संघर्ष के बाद मिलेगी सफलता

मिथुन वार्षिक राशिफल 2023

मिथुन राशि के जातकों पर ईश्‍वर की कृपा इस साल बनी रहेगी। लोगों पर ज्यादा भरोसा करने से बचें, नहीं तो धोखा मिल सकता है। अनावश्यक धन खर्च करने से बचें, अन्यथा आर्थिक दबाव बन सकता है। पूंजी निवेश की दृष्टि से यह वर्ष बहुत अनुकूल नहीं है, अनावश्यक वाद-विवाद से बचें, वाणी पर संयम रखें। सगे-संबंधियों और भाई-बहनों के तालमेल में कमी आ सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी यह वर्ष थोड़ा संघर्षपूर्ण रहेगा। कड़ी मेहनत के बाद भी पढ़ाई भी पटरी पर आ जाएगी। प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव के साथ आपसी तालमेल बना रहेगा। संतान पक्ष से कुछ तनाव हो सकता है। बच्चों के साथ कई मुद्दों पर बहस हो सकती है। शत्रु पक्ष से भी परेशानी आ सकती है, इसलिए सावधान रहें। पारिवारिक जीवन की स्थितियां सामान्य रहेंगी। लोगों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों के लिए यह साल मिलाजुला रहेगा। बाजार में सोच-समझकर पैसा लगाएं, नहीं तो दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
अनावश्यक धन खर्च करने से बचें

कर्क वार्षिक राशिफल 2023

कर्क राशि वालों के लिए यह साल शुरुआती संघर्ष के बाद फलदायी साबित हो सकता है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। जिससे संपत्ति अर्जित करने के योग बन सकते हैं। किसी बहुप्रतीक्षित वस्तु की खरीदारी की संभावना बन रही है। रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। भाई बहनों का सहयोग प्राप्त होगा। जोश में आकर कोई भी काम करने से बचें। धैर्य में कमी आ सकती है, जातक यदि जमीन, वाहन और मकान का क्रय-विक्रय करना चाहते हैं तो उसके लिए स्थितियां शुभ हैं। राजनीतिक हस्तियों के लिए भी यह समय अनुकूल है। राजनीति में प्रगति का अवसर मिल सकता है। माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, नहीं तो उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय अनुकूल है। पढ़ाई में आपकी रुचि हो सकती है। घूमने-फिरने का अवसर मिलेगा। धार्मिक यात्रा के भी योग बनेंगे। संतान की परेशानी कम होगी। व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष मिलाजुला रहेगा, लेकिन जातक यदि अधिक मेहनत करेंगे तो व्यापार में बड़े लाभ की स्थिति बन सकती है।
रुके हुए कई कार्य होंगे पूरे

सिंह वार्षिक राशिफल 2023

सिंह राशि वालों की किस्‍मत का सितारा इस वर्ष बुलंद है और इस साल आपके लिए कई लाभकारी स्थितियां बन रही हैं। अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। परिवारिक सहयोग एवं सुख बढ़ेगा। स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में आने वाली परेशानियं कम होगीं। लोगों का निरंतर सहयोग बना रहेगा। रुका धन मिलेगा। आर्थिक क्षेत्र में लाभ की स्थिति बनी रहेगी। घरेलू सुख-साधनों में वृद्धि होगी। अनावश्यक तर्क-वितर्क से बचें यदि कोई संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो यह वर्ष अनुकूल रहेगा। माता-पिता के साथ कोई यात्रा या धार्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष अनुकूल है। पढ़ाई-लिखाई में मन लगेगा। किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के योग हैं। जीवनसाथी के साथ घूमने-फिरने का अवसर मिल सकता है। नौकरी वालों के लिए यह वर्ष अनुकूल है। लाभकारी स्थितियां बनेगीं। व्यापार की दृष्टि से भी समय अनुकूल है। व्यापार में पैसा लगाना लाभप्रद रहेगा।
किस्‍मत का सितारा इस साल बुलंद

कन्या वार्षिक राशिफल 2023

कन्या राशि वालों की किस्‍मत के सितारे बता रहे हैं कि इस वर्ष जातक की प्रगति थोड़ी धीमी गति से होगी लेकिन जातक के कई महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण होंगे। स्वास्थ्य के मामले में सावधानी बनाए रखें। स्वास्थ्य संबंधित परेशानी आ सकती है। आर्थिक मामलों में यह वर्ष सामान्य एवं संघर्षशील रहेगा। अधिक खर्च से बचें। भूमि एवं भवन खरीदने के योग हैं। माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, नहीं तो बड़ी परेशानी का योग बन सकता है। नौकरीपेशा वालों को लिए यह वर्ष मिलाजुला रहेगा। व्यापारियों के लिए यह वर्ष संघर्ष के साथ आगे बढ़ने वाला है। बाजार एवं शेयर मार्केट में सोच-समझकर ही पैसा लगाएं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कोर्ट कचहरी के कार्यों में धीमी गति से प्रगति का योग बन रहा है। प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए यह वर्ष थोड़ा अनुकूल हो सकता है। बोनस मिल सकता है। परिवार में मतभेद सुधरेंगे और सहयोग बढ़ेगा।
आर्थिक मामलों में अधिक खर्च से बचें

तुला वार्षिक राशिफल 2023

तुला राशि वाले इस साल कोई भी नया कार्य करें तो उसमें सोच-समझकर ही कोई फैसला करें। कोई बड़ा कार्य भी संपन्न हो सकता है। छोटी-मोटी यात्रा का भी योग है। किसी पर सोच-समझकर ही विश्वास करें नहीं तो तनाव का सामना करना पड़ सकता है। वाद-विवाद से बचें वाणी पर संयम रखें। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा जिससे जातक उन्नति करने में सफल होंगे। जमीन-जायदाद के क्रय-विक्रय से लाभकारी स्थितियां बन सकती हैं। माता-पिता से लगाव बनाए रखें, नहीं तो मतभेद या भ्रम की स्थिति बन सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष थोड़ा संघर्षमय रहेगा। पढ़ाई-लिखाई में रुचि कम लगेगी। संतान पक्ष से भी सहयोग मिलाजुला रहेगा। वैवाहिक जीवन में सामान्य स्थिति बनी रहेगी। कोर्ट कचहरी के कार्यों में थोड़ा तनाव की स्थिति रहेगी। विरोधियों से सहमति या मित्रता हो सकती है। व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष सामान्य रहेगा।
कोई बड़ा कार्य संपन्न हो सकता है

वृश्चिक वार्षिक राशिफल 2023

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह पूरा साल ही लगभग अनुकूल रहेगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों का अंत होगा। यह वर्ष लगभग सभी मामलों में लाभकारी एवं उन्नतिशील स्थिति बनाए रखने वाला हो सकता है। स्वास्थ्य संबंधित सावधानी रखें। इस राशि वालों के लिए यह वर्ष लाभकारी रहेगा। आय के नवीन स्रोत बनेंगे। भिन्न-भिन्न स्रोतों से आय की स्थिति बनी रहेगी। बड़े लाभ की स्थिति बन सकती है। धार्मिक कार्यों में भी रुचि बढ़ेगी। नौकरी के क्षेत्र में भी अनुकूल स्थितियां बनेंगी। आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय के दृष्टि से वर्ष अनुकूल है। लाभकारी स्थितियां बनेगीं। नए व्यवसाय की शुरुआत भी लाभप्रद रहेगी।
आय के नवीन स्रोत बनेंगे

धनु वार्षिक राशिफल 2023

धनु राशि वालों के लिए यह साल अधिक अनुकूल नहीं है। इस वर्ष अनावश्यक भागदौड़ एवं कार्यों में अनावश्यक देरी हो सकती है। बने हुए कार्य रुक सकते हैं या उनमें विलंब की स्थिति बन सकती है। अनावश्यक मानसिक कष्ट एवं तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चोट-चपेट से सावधान रहें। विरोधियों से अनावश्यक तर्क-वितर्क न करें नहीं तो तनाव का सामना करना पड़ सकता है। अनावश्यक भागदौड़ एवं खर्चे की अधिकता के कारण थोड़ी परेशानी रहेगी। पारिवारिक सुख-शांति बनाए रखने का प्रयास करें। वर्ष का मध्य थोड़ा संघर्ष वाला रहेगा। भागदौड़ एवं खर्च की अधिकता रहेगी, लेकिन वर्ष के मध्य के बाद आय के साधनों में वृद्धि होगी। भाई बहनों एवं परिजनों की उन्नति का योग है। खाने-पीने में सावधानी रखें। घरेलू खान-पान में ज्यादा रुचि लें बाहरी खान-पान से बचें। भूमि मकान एवं वाहन खरीदने एवं बेचने में थोड़ा परेशानी के योग हैं। सूझ-बूझ से काम लें। वाहन आदि सावधानीपूर्वक चलाएं। व्यापारियों के लिए यह वर्ष विस्तार देने वाला होगा। नौकरी में लाभ की स्थितियां बन सकती हैं। शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीच दीपक जलाएं, जिससे आर्थिक परेशानियां कम होंगी। कई महत्वपूर्ण कार्य पटरी पर आएंगे।
विरोधियों से अनावश्यक तर्क-वितर्क न करें

मकर वार्षिक राशिफल 2023

मकर राशि के जातकों को इस साल कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां हो सकती हैं। नौकरी में स्थान परिवर्तन या ट्रांसफर की संभावना बन रही है। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी तकलीफ भी हो सकती है, इसलिए सेहत का ध्यान रखें। व्यक्ति अपने व्यवहार से सामाजिक सम्मान में वृद्धि प्राप्त करने में सफल हो सकता है। माता पिता का सहयोग व स्नेह प्राप्त होगा। प्रेम प्रसंग के क्षेत्र में थोड़ा संयम बनाए रखें, नहीं तो आपको मानसिक उलझन का सामना करना पड़ सकता है। संतान पक्ष के साथ भी भावनात्मक तालमेल बनाए रखें। दांपत्य जीवन में कुछ वैचारिक मतभेद होने की संभावना है, इसलिए पति-पत्नी को समझदारी से काम लेना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए यह समय मिलाजुला रहेगा। मेहनत ही पढ़ाई में सफलता का योग बना सकती है। व्यापारियों के लिए यह समय समझदारी से व्यापार करने का है। टालमटोल करने से कारोबार को नुकसान हो सकता है।
ट्रांसफर की संभावना बन रही है

कुंभ वार्षिक राशिफल 2023

कुंभ राशि के जातकों को इस वर्ष मानसिक कष्ठ एवं अनावश्यक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। भौतिक सुख-साधनों में अनावश्यक खर्च का योग बन सकता है। सावधानी बनाए रखें। भौतिक सुख-साधनों पर अधिक खर्च से बचें। घरेलू समस्याओं का समाधान करने में जातक सफल हो सकता है। धैर्य एवं सूझ-बूझ से काम लें। जमीन-जायदाद एवं वाहन के क्रय-विक्रय में सोच-समझकर आगे बढ़े। संतान पक्ष से थोड़ा मतभेद हो सकता है। न्यायालय के मामलों में खर्च बढ़ सकता है। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी थोड़ा उदासीन हो सकते हैं। सावधानी बनाए रखें। विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष थोड़ा अच्छा रहेगा। पढ़ाई-लिखाई में जिज्ञासा बढ़ेगी। कोई बड़ी सफलता भी मिल सकती है। व्यापार में लाभकारी स्थितियां बनेंगी लेकिन नौकरी वालों पर थोड़ा दबाव बन सकता है। पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है इसलिए सावधानी बनाए रखें।
भौतिक सुख-साधनों पर अधिक खर्च से बचें

मीन वार्षिक राशिफल 2023

मीन राशि वालों के लिए वर्ष अनुकूल रहेगा। लाभ की कई स्थितियां बन सकती हैं। रुका हुआ धन मिलने से लाभ की स्थिति बन सकती है। घर परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा। घर में मांगलिक कार्य भी हो सकते हैं। देश-विदेश में घूमने का अवसर मिल सकता है। विदेश से भी लाभकारी स्थितियां बन सकती हैं। जातक यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे तो आर्थिक उन्नति के साथ बड़े लाभ की स्थिति भी बन सकती है। संगीत कला के प्रति रुझान बढ़ेगा। भाई-बहनों के साथ सौहार्द बढ़ेगा। नवीन संपत्ति के क्रय-विक्रय के लिए यह वर्ष अच्छा रहेगा। सामाजिक गतिविधियों में भी जातक का मान-सम्मान बढ़ेगा। विरोधियों का दबाव कम होगा या विरोधी परास्त होंगे। दांपत्‍य जीवन में खुशी का वातावरण बनेगा। स्वास्थ्य भी अनुकूल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए अनुकूल समय है। पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र में भी विशेष उन्नति के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन आदि का लाभ मिल सकता है। व्यापार से जुडे़ लोगों के लिए भी यह वर्ष अनुकूल रहेगा। बाजार में पैसा लगाना लाभप्रद रहेगा।
विदेश में घूमने का अवसर मिल सकता है

विषय विकार या असली आनन्द!

कल मुझे अपने केन्द्र की वरिष्ठ गुरूबहन श्रीमती स्वर्ण कांता जी के परलोक गमन की विदाई के पलों का साक्षी बनने का मौका मिला!
सब लोग अपने अपने तरीके से उनको विदाई दे रहे थे! कई लोगों ने वर्चुअल संदेशों के माध्यम से अपने श्रद्धा सुमन व्यक्त कर रहे थे!

उनसे मेरी कभी ज्यादा वार्ता नहीं हुईं लेकिन उनकी महाराजी के प्रति अंतिम पलों तक की ललक ने मुझे झकझोरा!

मैं देखता था कि उनका जर्जर शरीर उनका साथ नहीं देता तो भी अपने पतिदेव और बच्चों को केन्द्र में होने वाले बड़े कार्यक्रमों में ले लाने के लिए बाध्य करती थी!
लगता यही था कि यद्यपि उनका शरीर अति वृद्ध हो चुका था लेकिन अपने सद्गुरु के लिए उनके ह्रदय का प्यार हमेशा जवान था!

कल से में उनकी अंतिम पलों तक की भक्ति, आस्था को महसूस कर रहा था और उसी सोच में अपने मन को समझाता रहा कि क्या मेरा लगाव भी अंतिम पलों तक ऐसे ही बना रह पायेगा? गाते तो सभी हैं कि भक्ति करता छुटे म्हारे प्राण… पर क्या यह बरदान सबको मिल पाता होगा?
दिल और दिमाग के इसी द्वंद में अपने ही मन को खरी खोटी सुनाने का मन हुआ और बैठ गया लिखने – जिसे आपके साथ शेयर कर रहा हूं!

मुझे व्यक्तिगत रुप आशा ही नहीं विस्वास है कि जब वे जीते जी, अंतिम स्वांस तक महाराज जी के साथ अटूट रिस्ता बनाने में सफल रहीं तो जिन्दगी के बाद भी उन्हीं की चरणों में जरुर होंगी!
मैं उनके परिजनों के लिए महाराजी से प्रार्थना करता हूं कि – वे माता जी विछोह को सहने की हिम्मत दें और पूरे परिवार को अपने चरणों में लगाए रखें!
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
दिवंगत आत्मा की याद में समर्पित यह लेख आप सबके साथ शेयर कर रहा हूं!
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ऐसा कौन है?

जो अपने जीवन में काम, क्रोध, लोभ ने रंग-बिरंगी परिधानों से सम्मोहित ना हुआ हो?
जिसने माया मोह के बेड़ियाँ ना पहनी हो?
जो तृष्णा की आग में ना जला हो?
जो दिन रात माया महा ठगनी के इशारों पर नाचा न हो?
जो विषय विकारों के नकली भोगों को भोगने के लिए लालायित ना रहा हो?
जो अपनी कमियों को दूर करने के बजाय दूसरों के दोषों को समेटने में माहिर ना बना हो?
जो संसार की हर चीज़ जानकारी लेने के चक्कर में अपने आप को जानना ही भूल गया हो?

वास्तव में-
यही मृगतृष्णा मनुष्य को असली आनन्द से दूर ले गई है और निराश होकर उसे इस संसार से विदा होना पड़ता है और इस संसार से लोगों को इस हालात में संसार से विदा होते भी देखता भी है!

जीवन में सतगुरु आते हैं और डंके की चोट पर कहते हैं कि –
तुम खाली हाथ आये जरूर थे पर खाली हाथ नहीं जाओगे!

लेकिन फिर अनसुनी कर दिया जाता है – उनका यह गूढ़ सन्देश!

परिणामस्वरूप विरह वेदना के वे अल्प पल फिर इसी गफलत में निकल जाते हैं!

ऐसा अपने आप को समझाने वाला कौन है?
जो इन विषय रसों से अपने को बाहर करे और अपने मनीराम को बार बार समझाए कि – हजार बार चखे हुए को चखने के लिए तड़पना, देखे हुए को देखना, सुने हुए को सुनना, चबाए हुए को चबाना – कहाँ की बुद्धिमानी है?

विचार करें,
ये मन कभी भरने वाला है क्या?

हाजमा खराब हो गया,
इन्द्रियाँ शिथिल हो गईं,
उठने-बैठने में जोड़ जवाब दे गए,
आँखों पर चश्मा चढ़ गया,
गालों पर झुर्रियाँ पड़ गईं,
बाल सफेद होकर झड़ने लगे,
अपनी ही पुरानी तस्वीर
पहचान में आती नहीं,
नींद आती नहीं,
शूगर-बीपी-थायरॉइड अलग से,
वो काले भैंसे वाला
आज नहीं तो कल,
दरवाजा खटखटाए बिना ही – धड़धड़ाता हुआ छाती पर चढ़ने को तैयार खड़ा है –

पर यह विडंबना…
हाए …! हाए….!
जीभ का स्वाद तक तो नहीं छोड़ा जाता, अन्य भोगों की कौन कहे?

इधर-उधर की चर्चाएँ बहुत होती हैं।
बड़ी-बड़ी ज्ञान-विज्ञान की बातें होती हैं।
सुबह से रात तक प्रश्नों और उत्तरों की अनगिनत यात्रायें चलती रहती है।

पर
हैरानी यह है कि
न किसी के प्रश्न में प्राण हैं,
और न उत्तर में अनुभव।

परिणाम वही,
ढाक के तीन पात।

जीवन में झाँक कर देखें तो परिवर्तन बाल भर का भी नहीं।

खाली हाथ आशावान होकर आए थे!
और निराश होकर खाली हाथ विदा होने को मजबूर होना पड़ा!

कारण –
जीवन की आपाधापी में विषयों की ललक ने असली आनन्द से दूर कर दिया!

महापुरुषों के इशारों को
जानबूझकर नजरंदाज कर दिया!

किसी से साधन की बात पूछो तो
बगलें झाँकने लगते हैं।

साधन
तो बस इतना ही करते हैं कि
गिरते पड़ते खानापूर्ति हो जाए।

जैसे कोई पानी के बुलबुलों को पकड़कर, सागर में डूबने से बचना चाह रहे हैं ।

बस, सत्संग के नाम पर लोग एक दूसरे की-
तारीफ़ कर देंगे,
कसीदे घड़ देंगे,
दिन से रात तक
खूब जुबानी दण्डवत् चलेंगे,
साधन ठन ठन गोपाल।

🌸🌸🌸
समय के सद्गुरु बार बार आगाह करते हैं कि –
तुम्हारे नाम का बक्सा (पत्थर) तेज़ी से तुम्हारी ओर आ रहा है!
तुमने अगर अभ्यास नहीं किया तो तुम खतरे में हो!