spo2 normal range

Normal O2 Saturation level is 95% or higher. In older people, it is closer to 95%, while in younger people, it will be closer to 99%. People with chronic lung conditions like asthma or COPD will have a lower saturation , going as low as 89%.

heart rate normal range

A normal resting heart rate for adults ranges from 60 to 100 beats per minute. Generally, a lower heart rate at rest implies more efficient heart function and better cardiovascular fitness. For example, a well-trained athlete might have a normal resting heart rate closer to 40 beats per minute.

bpm normal range

A normal resting heart rate for adults ranges from 60 to 100 beats per minute. Generally, a lower heart rate at rest implies more efficient heart function and better cardiovascular fitness. For example, a well-trained athlete might have a normal resting heart rate closer to 40 beats per minute.

अमृत से कम नहीं है आंवला लेेकिन फिर भी हो सकते हैं ये 5 नुकसान

और ऐसा ही आंवले के साथ भी है। इसलिए यह ज़रूरी है कि आप इसे खाएं ज़रूर लेकिन सही मात्रा में और हो सके तो किसी डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के बिना खाने से बचें। तो आइए आज हम आपको बताते हैं आंवले के नुकसानों के बारे में:

लिवर को पहुंचा सकता है नुकसान

अगर आप आंवले और अदरक को एक साथ खाते हैं तो इसका खराब असर आपके लिवर पर पड़ सकता है। ज़्यादा आंवला खाने से आपके लिवर में SGPT (serum glutamic pyruvic transaminase) की मात्रा बढ़ जाती है। जिसकी वजह से आपकी पाचन प्रकिया को परेशानी पहुंच सकती है।

एसिडिटी बढ़ाता है

आंवला प्राकृतिक रूप से एसिडिक होता है और इसलिए इसे खाने से पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। खासकर अगर आप इसे खाली पेट खाएंगे तो आपको एसिडिटी की समस्या हो जाएगी।

हो सकता है कब्ज़ 

आंवला फाइबर से भरपूर होता है जिसके अधिक सेवन से कब्ज़ हो सकता है। अधिक आंवला खाने की वजह से मल कठोर हो जाता है। अगर आप रोज़ाना आंवला खाते हैं तो आपको पानी भी ज़्यादा पीना चाहिए ताकि कब्ज़ जैसी दिक्कतें न आंए।  

ब्लड प्रेशर को करता है प्रभावित

हाइपरटेंशन और किडनी की समस्या से जूझ रहे इंसान को आंवला नहीं खाना चाहिए। इससे शरीर का सोडियम स्तर बढ़ जाता है, जिससे किडनी अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाती। जिसकी वजह से शरीर में पानी भरना शुरू हो जाता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी शुरू हो जाती है।

यूरिन में जलन

आंवले में विटामिन-सी होता है और इसे ज़्यादा मात्रा में खाने से आपके मूत्र में जलन हो सकती है। यहां तक कि कई लोगों को अपने मूत्र से दुर्गंध का अनुभव हो सकता है।

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how yakult is made

Yakult is prepared by adding glucose to skimmed milk, and heating the mixture at 90 to 95 °C for about 30 minutes. After letting it cool down to 45 °C, the mixture is inoculated with the lactobacillus and incubated for 6 to 7 days at 37 to 38 °C. After fermentation, water, sugar, gums and lactic acid are added.

What ingredients are in Yakult?

Ingredients Water, Nonfat Milk, Corn Dextrin, Sugar, Glucose, Pectin, Natural Flavors, Reb A (Stevia Extract), Lactobacillus Casei Shirota.

Is Yakult real milk?Is this a milk? 

No, Yakult is not milk, it is a fermented milk drink that contains skim milk powder and sugar with beneficial bacteria Lactobacillus casei strain Shirota that promote a better digestive system.

which bacteria is found in curd

Yogurt is made from the fermentation of the lactose in milk by the rod-shaped bacteria Lactobacillus delbrueckii subsp. bulgaricus to produce lactic acid, which acts on milk protein to give yoghurt its texture and its characteristic acidic taste.

आयुर्वेद ही जीवन है।

अगर आपकी जानकारी में किसी को भी इनमे से कोई भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करे, हम आपका फ्री कंसल्टेशन कराएंगे, और जो भी डिस्काउंट होंपायेगा व्व कराएंगे, लगभग सभी दवाई आयुष प्रीमियम सर्टिफाइड है, जो एलोपैथिक दवाओं से भी तेज असर करती है। हमारे पास हेर बीमारी को ठीक करने के हज़ारों रिजल्ट है।

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नाव की तली में जामुन की लकड़ी क्यों लगाते हैं, जबकि वह तो बहुत कमजोर होती है

नाव की तली में जामुन की लकड़ी क्यों लगाते हैं, जबकि वह तो बहुत कमजोर होती है -.
क्या आप जानते हैं भारत की विभिन्न नदियों में यात्रियों को एक किनारे से दूसरे किनारे पर ले जाने वाली नाव की तली में जामुन की लकड़ी लगाई जाती है। सवाल यह है कि जो जामुन पेट के रोगियों के लिए एक घरेलू आयुर्वेदिक औषधि है, जिसकी लकड़ी से दांतो को कीटाणु रहित और मजबूत बनाने वाली दातुन बनती है, उसी जामुन की लकड़ी को नाव की निचली सतह पर क्यों लगाया जाता है। वह भी तब जबकि जामुन की लकड़ी बहुत कमजोर होती है। मोटी से मोटी लकड़ी को हाथ से तोड़ा जा सकता है।

नदियों का पानी पीने योग्य कैसे बना रहता है –
बहुत कम लोग जानते हैं कि जामुन की लकड़ी एक चमत्कारी लकड़ी है। यह पानी के अंदर रहते हुए सड़कर खराब नहीं होती बल्कि इसमें एक चमत्कारी गुण होता है। यदि इसे पानी में डूबा दिया जाए तो यह पानी का शुद्धिकरण करती है और पानी में कचरा जमा होने से रोकती है। कितना आश्चर्यजनक है कि हम जिन पूर्वजों को अनपढ़ मानते हैं उन्होंने नदियों को स्वच्छ बनाए रखने और नाव को मजबूत बनाए रखने का कितना असरकारी समाधान निकाला।

बावड़ी की तलहटी में 700 साल बाद भी जामुन की लकड़ी खराब नहीं हुई –
जामुन की लकड़ी के चमत्कारी परिणामों का प्रमाण हाल ही में मिला है। देश की राजधानी दिल्ली में स्थित निजामुद्दीन की बावड़ी की जब सफाई की गई तो उसकी तलहटी में जामुन की लकड़ी का एक स्ट्रक्चर मिला है। भारतीय पुरातत्व विभाग के प्रमुख श्री केएन श्रीवास्तव ने बताया कि जामुन की लकड़ी के स्ट्रक्चर के ऊपर पूरी बावड़ी बनाई गई थी। शायद इसीलिए 700 साल बाद तक इस बावड़ी का पानी मीठा है और किसी भी प्रकार के कचरे और गंदगी के कारण बावड़ी के वाटर सोर्स बंद नहीं हुए। जबकि 700 साल तक इसकी किसी ने सफाई नहीं की थी।
आपके घर में जामुन की लकड़ी का उपयोग –
यदि आप अपनी छत पर पानी की टंकी में जामुन की लकड़ी डाल देते हैं तो आप के पानी में कभी काई नहीं जमेगी। 700 साल तक पानी का शुद्धिकरण होता रहेगा। आपके पानी में एक्स्ट्रा मिनरल्स मिलेंगे और उसका टीडीएस बैलेंस रहेगा। यानी कि जामुन हमारे खून को साफ करने के साथ-साथ नदी के पानी को भी साफ करता है और प्रकृति को भी साफ रखता है।

कृपया हमेशा याद रखिए कि – *दुनियाभर के तमाम राजे रजवाड़े और वर्तमान में अरबपति रईस जो अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंता करते हैं। जामुन की लकड़ी के बने गिलास में पानी पीते है

हम गाड़ी की सर्विस तो करवाते है लेकिन क्या हमने अपनी शरीर की सर्विस करवाई कभी?

हम गाड़ी की सर्विस तो करवाते है लेकिन क्या हमने अपनी शरीर की सर्विस करवाई कभी?

  1. लिवर की सफाई के लिए :

20 ग्राम काली किशमिस और 1 ग्लास पानी लेकर मिक्सर मे ज्युस बनाकर सुबह खाली पेट 15 दिनों तक सेवन करने से लिवर की सफाई होती है |

  1. किडनी की सफाई के लिए :

हरा धनिया 40 ग्राम +1 ग्लास पानी मिक्स करके मिक्सर मे पिस करके सुबह खाली पेट लिजिए यह 10 दिनों तक करने से किडनी की सफ़ाई होती है और हमारी किडनी स्वस्थ रहती है।

  1. हार्ट की सफाई के लिए :

60 ग्राम अलसी को मिक्सर मे पीस लिजिए फिर सुबह शाम खालीपेट 10-10 ग्राम की मात्रा मे सेवन से हमारा हार्ट (हृदय) स्वस्थ रहता है यह उपाय 1 महिने तक करनां है।

  1. दिमाग की सफाई के लिए :

बादाम 8 और अखरोट 2 नग लेकर रात को 1 ग्लास पानी मे भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें। यह पूरे 2 महिनों तक करने से दिमाग को पूरी तरह से जहरमुक्त किया जा सकता है।

  1. फेंफडो की सफाई के लिए :

2 चम्मच शहद + 1 चम्मच नींबू का रस + 1 चम्मच अदरक का रस सभी चीजो को मिक्स करके सुबह खाली पेट सेवन करने से बिड़ी, सिगरेट, गुटखा या तंबाकु से जो नुकसान हमारे फेंफडो को हुआ है उन्हे सुधार होगा और हमारे फेंफडे पुरी तरह से स्वस्थ हो जाते है। यह प्रयोग करीब 20 दिनों तक करना है।