January 22, 2026 in Bhajan
Whenever I turned my gaze upon myself
खुद पे जब-जब निगाहें दौड़ायी,झुक गया सर और आँख भर आयी ॥ जब से हुआ उसका सौदाई,सारा संसार है तमाशाई ॥ जब तक उसका मिलन नहीं होता,खत्म होती नहीं तन्हाई ॥ क्या समझ पायेगा कोई उसको,खत्म है आदमी की दानाई ॥ लोग कहते हैं उसका दीवाना,है बड़े काम की यह रूसवाई ॥ किसे होता है […]






