You filled my heart with devotion, Gurudev, hail you.

भर दिया भक्ति से उर मेरा, गुरुदेव तुम्हारी जय होवे।
दे दिया खोज प्रभु धन मेरा, गुरुदेव तुम्हारी जय होवे ॥

वह दिन वह घड़ी बड़ी शुभ थी, जिस दिन तेरे चरण निहारे थे।
मिटा जन्म-मरण का दुख फेरा, गुरुदेव तुम्हारी जय होवे ॥

अपनी बुद्धि के चक्कर में, हम जिसे खोजते फिरते थे।
अब दृष्टि घुमाकर दिखा दिया, गुरुदेव तुम्हारी जय होवे ॥

दे सुधा प्रेम के प्याले में, मेरे विषय विकारों को मारा।
भव पंक से खींचा कर मेरा, गुरुदेव तुम्हारी जय होवे ॥

हम तुम पर शंका करते थे, तुम प्यार हृदय में भरते थे।
करुणा का हठ करके तारा, गुरुदेव तुम्हारी जय होवे ॥

Our heart is filled with joy for our young Guru Ji.

झमत यंग गुरु जी के, जियरा हमार हो ॥

गुरु जी के किरपा से, भागल अन्हरिया हो।
अंदर में लउके लागल, अब तो अंजोरिया हो।
नाचे ला खुश हो के, जियरा हमार हो ॥

झूमत संग गुरु जी के …

घट ही में बाजे अब त, अनहद बधईया हो।
गुरु जी संभाले हमरी, जिनगी के नईया हो ॥
थिरके मगन होके, जियरा हमार हो ॥

झूमत संग गुरु जी के …

भटकत दुविधा में, हमरी जिनगिया रहे।
झूठी बजरिया में, बंधक जिनगिया रहे ॥
झट से गुरु जी हमके, लिहनी छुड़ाय हो ॥

झूमत संग गुरु जी के …

सबहीं के जायेके बा, सबहीं बटोहिया हो।
सतगुरु बिना ना मिली, जिनगी के रहिया हो ॥
गुरु जी देखवलीं, डगरिया हमार हो ॥

झूमत संग गुरु जी के …

जिंदगी हमार अब त, राऊर धरोहर गुरु जी।
हिया में बसल छवि, राऊर मनोहर गुरु जी ॥
रहे लागल रउरे में, सुरतिया हमार हो ॥

झूमत संग गुरु जी के …

Gurudev, I have no support except you.

गुरुवर मेरा सहारा, तेरे सिवा नहीं है।
आधार एक तू है, कोई दूसरा नहीं है॥

तू बंधु, तू सखा है, तू बाप, तू ही मां है।
तेरे सिवाय कोई, जग में मेरा नहीं है॥

वह कौन वस्तु लाऊं, जिसको तुझे चढ़ाऊं।
जो कुछ है सब है तेरा, कुछ भी मेरा नहीं है ॥

धीमी सुलग रही है, कर तेज आग अपनी ।
मेरे ममत्व का मल, सारा जला नहीं है ॥

O mind, why did you forget, why did you forget Hari’s worship?

भूल गया मन रे, तू हरि भजन क्यों भूल गया।
भूल गया मन रे, तू नाम जपन क्यों भूल गया॥

मानुष चोला रतन अमोला, प्रभु कृपा से पाया।
भूल गया क्यों वायदे अपने, इसमें दाग लगाया ॥

आयु जड़ को काट रहे, दिन-रात के दो कुल्हाड़े।
तेरे देखत काल बली ने, कितने बाग उजाड़े ॥

भूखे प्यासे रहकर जोड़ी, दौलत बना करोड़ी।
लेकिन जब तू जायेगा जग से, साथ चले ना कौड़ी ॥

अरबों-खरबों खर्च करे पर, एक स्वांस ना पाये।
आज वही अनमोल ख़जाना, यूं ही लुटता जाये ॥

I don’t have words, how can I express my request?

शब्द नहीं पास कैसे, विनय सुनाऊं मैं।
पंख नहीं पास कैसे, पास चला आऊं मैं ॥

ऐसा कोई त्याग कहां, योग अनुराग कहां।
आपको बुला लूं प्रभु, ऐसा मेरा भाग्य कहां ॥
मन की व्यथा को किस, भाषा में सुनाऊं मैं ॥

पंख नहीं पास कैसे

मीरा जैसा प्यार नहीं, करूण पुकार नहीं।
आपको रिझाऊं ऐसा, कोई उपकार नहीं ॥
तेरा बन जाऊं ऐसी, समझ कहां पाऊं मैं ।।

पंख नहीं पास कैसे

अपना इशारा दे दो, चरणों में गुजारा दे दो।
द्वार पर भिखारी आया, थोड़ा-सा सहारा दे दो ॥
तुम्हें छोड़ कर गुरुवर, और कहां जाऊं मैं ॥

पंख नहीं पास कैसे

Gurudev, please give me support.

गुरुदेव मुझको, तू देना सहारा।
कहीं छूट जाये न दामन तुम्हारा ॥

तेरे प्रेम से ये, छुड़ाती है दुनिया।
इशारे से मुझको, बुलाती है दुनिया ॥
नहीं देखूं दुनिया का, झूठा पसारा ॥

सिवा तेरे दिल में, समाये न कोई।
लगी लौ का दीपक, बुझाये न कोई ॥
तुम्हीं मेरे दीपक, तुम्हीं हो उजाला ॥

स्वारथ की दुनिया में, कोई न हमारा।
बता दो प्रभु तुम बिन, कौन है सहारा ॥
तुम्हीं मेरी नैया, तुम्हीं हो किनारा ॥

बराबर न तेरे, कहीं और दूजा।
तुम्हीं देव मेरे, करूं जिसकी पूजा ॥
तुम्हीं पर है सर्वस्व, हमने ये वारा ॥

निराशा सभी, सामने आ खड़ी है।
प्रभु हंस दासी, शरण आ पड़ी है ॥
लगा लो चरण जीव, हूं मैं तुम्हारा ॥

This world is only for four days, life is a game, what is the use of fuss.

दुनिया में चार दिन के, जिंदगी के खेल बा, झमेल कौने काम के।
जाये के अकेल बा, झमेल कौने काम के ॥

महल अटारी सब छुटि जाई पगला। तन से पंछी उड़ि जाई पगला ॥
हम-हम करेल विचार तोहार फेल बा,
झमेल कौना काम के ॥ जाये के अकेल बा

दुनिया में आई के तू दुनिया बसा ले।
बिगड़ल बतिया तूं अब से सुधार ले ॥
ना जाने दियरा में तोहरा केतना तेल बा,
झमेल कौना काम के ॥ जाये के अकेल बा

अपना के सपना तू मन में विचार ले।
घर के न घाट के, न कतहूं के भईले ॥
छूटि जाई गाड़ी तूफान मेल रेल बा,
झमेल कौना काम के ॥ जाये के अकेल बा

जान परतीत प्रीत कर ले तू संत से।
भक्ति के मर्म इहे जान लेहु संत से ॥
मोर तोर बावरा बेकार के दलेल बा,
झमेल कौने काम के ॥ जाये के अकेल बा …

Deep in the caves of my heart, I see you, my lord.

गहरी दिल की गुफाओं में, महाराज तुम्हें देखूं ।
महाराज तुम्हें देखूं, सिरताज तुम्हें देखें ॥

गुलशन के मालिक हो, सृष्टि के पालक हो।
जड़ चेतन क्या दाता, कण-कण में व्यापक हो॥
हर देश दिशाओं में, महाराज तुम्हें देखूं ॥

चांद सूरज सितारों में, कुदरत के नजारों में।
नव आकाश की गंगा हो, सतरंग की फुहारों में ॥
घनघोर घटाओं में, महाराज तुम्हें देखूं ॥

तुम जलचर थलचर में, किरपा के सागर हो।
हर जीव में नूर तेरा, हर थाहें उजागर हो ॥
नदिया, दरियाओं में, महाराज तुम्हें देखूं ॥

एक अर्ज मेरी दाता, चरणों में बसा लेना।
इस भूल भुलइया में, लाल गिरे को उठा लेना ॥
सपनों की लहरों में, महाराज तुम्हें देखूं ॥

Without singing bhajans, the fool has lost his entire life.

भजन बिना नादान, उमर खो दई सारी ॥

भजन किया नहीं, राम नाम का ॥
दास बना रहा, सदा काम का।
रे मूरख अज्ञान, उमर खो दई सारी ॥

कबहूं न संत शरण में आया।
ना कबहूं हरि का गुण गाया ।।
नाम धरा इंसान, उमर खो दई सारी ॥

दासानुदास मुश्किल अटकेगी।
जब यम की तेगा खटकेगी ॥
कर उस दिन का सामान, उमर खो दई सारी ॥

I have seen thousands of courts, but there is no court like yours.

दरबार हजारों देखे हैं, तेरे दर-सा कोई दरबार नहीं।
जिस गुलशन में तेरा नूर न हो, ऐसा तो कोई गुलज़ार नहीं ॥

अरशों पै फरिश्ते रहते हैं, दिन-रात झुके तेरे कदमों पर।
ऐसा तो कोई बशर ही नहीं, तेरे दर का जो ख़िदमतगार नहीं ॥

दुनिया से भला हम क्या मांगें, दुनिया खुद एक भिखारिन है।
मांगेंगे तो अंतर्यामी से, जहां होता कभी इनकार नहीं ॥

वह आँख तो आँख नहीं होती, जिस आँख में शर्मो हया ही नहीं।
वह दिल नहीं पत्थर होता है, जिस दिल में तुम्हारा प्यार नहीं ॥

हसरत है कि वक्ते रूखसत पै, जब दम यह मेरा निकलता हो।
बस एक नजारा काफी है, और कुछ भी मुझे दरकार नहीं ॥