December 27, 2025 in News
चीन में दुनिया की सबसे तेज ट्रेन का ट्रायल सफल बीजिंग, एजेंसी। चीन ने मैगलेव ट्रेन में दुनिया का नया रिकॉर्ड बनाया है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी की टीम ने एक टन वजन वाली टेस्ट ट्रेन को सिर्फ दो सेकंड में 700 किमी/घंटा की रफ्तार तक पहुंचाया। टेस्ट 400 मीटर लंबी लाइन पर किया […]
December 27, 2025 in Spritual
सहज-सरल बन जाएं अहंकार क्या है? अपने आप को इस समष्टि से अलग मानना ही अहंकार है। ‘मैं सबसे अच्छा हूं’ या ‘सबसे बुरा हूं’, दोनों ही अहंकार हैं। अहंकार को तोड़ने की चेष्टा न करो। ऐसा लगता है कि अहंकार है मुझमें, तो रहने दो; बोलो कि अच्छा ठीक है, तुम रह जाओ। अपनी […]
December 27, 2025 in Commentator
बदलावों का महत्वपूर्ण वाहक रहा निजी क्षेत्र भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। देश में शिक्षा का स्तर व्यापक सुधार का संकेत देता है। नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत, रटंत विद्या के बजाय कौशल विकास, लचोली शिक्षा और 5+3+3+4 संरचना (नींव से लेकर माध्यमिक तक) पर […]
December 27, 2025 in Commentator
निजी शिक्षा और स्वास्थ्य से बढ़ी परेशानी भारत आज जब वैश्विक मंचों पर आर्थिक शक्ति, तकनीकी नेतृत्व और कूटनीतिक प्रभाव की बात कर रहा है, उसी समय करोड़ों परिवारों के सामने एक साझा चिंता खड़ी है, बच्चों की शिक्षा कितनी महंगी होगी, बीमारी आने पर इलाज कैसे होगा और कैंसर जैसी भयावह बीमारी से कैसे […]
December 27, 2025 in Commentator
पन्द्रह बरस की चुनौती हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कोटा अधिवेशन में श्री जयचन्द्र विद्यालंकार ने सभापति-पद से जो अभिभाषण किया है, उससे उनकी विद्वत्ता स्पष्ट रूप से झलकती है। वह उनके प्रकांड ऐतिहासिक ज्ञान का परिचायक ही नहीं, उनकी स्पष्टवादिता का भी द्योतक है। हम समझते हैं कि उनकी कुछ बातों से, विशेषकर 1920 से […]
December 25, 2025 in Stories
आज्ञा पालन एक समय की बात है। रेगिस्तान के किनारे स्थित एक गाँव में एक व्यापारी रहता था। वह ऊँटों का व्यापार करता था। वह ऊँटों के बच्चों को खरीदकर उन्हें शक्तिशाली बनाकर बेचा करता था। इससे वह ढेर सारा लाभ कमाता था। व्यापारी ऊँटों को पास के जंगल में घास चरने के लिए भेज […]
December 25, 2025 in Stories
एक वेश्या ने भिक्षु को रोका, निमंत्रण दिया, कि मेरे घर रुक जाओ वर्षाकाल में। उस भिक्षु ने कहा, ‘रुकने में मुझे जरा अड़चन नहीं है,… यह बात अलग ! फिर भविष्यवाणी मुश्किल है।’ उसने कहा, ‘रुकने में मुझे जरा अड़चन नहीं, लेकिन जिस से दीक्षा ली है, उस गुरु से जरा पूछ आऊं। ऐसे […]
December 25, 2025 in Stories
तीन गाँठें एक शांत प्रातःकाल था। सूर्य की हल्की किरणें बोधिवृक्ष की पत्तियों से छनकर नीचे बैठी भिक्षु-सभा पर पड़ रही थीं। भगवान बुद्ध के शिष्य ध्यानमग्न होकर उनके प्रवचन की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैसे ही बुद्ध सभा में पहुँचे, शिष्यों की आँखें आश्चर्य से फैल गईं। आज पहली बार वे अपने हाथ में […]