Category: Commentator

  • India’s Foreign Policy

    भारत की विदेश नीति भारतीय संसद ने वर्तमान नाजुक अन्तर्राष्ट्रीय परिस्थिति पर दो दिन तक वाद-विवाद किया। प्रधानमंत्री श्री नेहरू ने इस बहस का सूत्रपात किया। उन्होंने नेपाल की समस्या पर खास तौर से प्रकाश डाला और फ्रांसीसी बस्तियों तथा दक्षिण अफ्रीका के भारतीयों के संबंध में भारत के दृष्टिकोण को दुहराया। स्वभावतः नेहरूजी को…

  • Even today, society desperately needs it.

    आज भी समाज को इसकी बहुत जरूरत हमारे संविधान में पहला संशोधन इसलिए करना पड़ा था, ताकि दमित जातियों को आरक्षण मिल सके और आजाद देश से जमींदारी का उन्मूलन हो सके। उस दौरान मद्रास राज्य बनाम चंपकम दोराईराजन मामले में मद्रास राज्य के आरक्षण के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।…

  • Reservation is no longer a social necessity.

    आरक्षण अब सामाजिक आवश्यकता नहीं आज (6 दिसंबर) चाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है। यह मुफीद मौका है कि हम आरक्षण पर बात करें। आरक्षण की मूल भावना सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करना था। संविधान-निर्माताओं ने इसे ऐसे वर्गों के उत्थान का साधन माना था, जो सदियों के अन्याय और अवसरहीनता…

  • Sri Aurobindo’s Passing

    श्री अरविन्द का निधन जार्ज बर्नार्ड शा और रमण महर्षि के निधन के बाद योगिराज श्री अरविन्द के निधन का समाचार न केवल भारत, बल्कि सारी दुनिया में बड़े दुःख के साथ सुना जायेगा। श्री अरविन्द का विशिष्ट जीवन, विशिष्ट व्यक्तित्व और विशिष्ट कर्तृत्व ही नहीं रहा, बल्कि अपनी राजनीतिक हलचलों से जहां उन्होंने राजनीतिक…

  • Literature in the State House

    राजकीय भवन में साहित्य नई दिल्ली, 4 दिसंबर। कई सौ वर्ष पश्चात आज प्रथम बार देशरत्न बाबू राजेन्द्र प्रसाद की कृपा से भारतीय साहित्य, भारतीय गान और भारतीय नृत्य को राजकीय भवन में उचित स्थान मिला जबकि अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन की ओर से राष्ट्रपति डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद की 66 वीं वर्षगांठ मनाने के…

  • This morally imperative protest

    नैतिक रूप से यह अनिवार्य विरोध मोबाइल हाथ में रहता है, लेकिन उसको गहराई में हमारा जीवन धड़कता है। हमारी आवाजें, हमारी कमजोरियां, हमारी आदतें, हमारे रिश्ते-सब उसी में समाए रहते हैं। सरकार जब यह आदेश देती है कि हर फोन में एक’ अनिवार्य’ सरकारी एप डाला जाए, तो यह सिर्फ तकनीकी हस्तक्षेप नहीं है।…

  • We need an app like Sanchar Sathi

    संचार साथी जैसे एप की हमें दरकार संचार साधी एप की जरूरत हमें कितनी है, इसका पता दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई एक जरूरी जानकारी से चलता है। केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय के तहत काम करने वाला यह विभाग बताता है कि इस साल अक्तूबर महीने में 50 हजार मोबाइल हैंडसेट को रिकवर किया…

  • Editors’ Conference

    सम्पादक सम्मेलन समाचारपत्र सम्पादक सम्मेलन समाचारपत्र जगत की सबसे अधिक प्रभावशाली संस्था है। इसने अपने जीवन के दस वर्षों में अनेक कठिन मंजिलों को पार किया है। इसका जन्म ऐसे समय में हुआ था, जब विदेशी नौकरशाही समाचारपत्रों की स्वतंत्रता के लिए राहु बनी हुई थी। समाचारपत्रों के लिए पहले ही सरकारी कानून काफी कठोर…

  • Mass marriages are rife with irregularities.

    सामूहिक शादी में गड़बड़ियां अधिक यह सही है कि सामूहिक शादी आन के समय की जरूरत है, क्योंकि यह हमारी विवाह संस्था का हिस्सा बन चुकी कई गैर-जरूरी परपरा ओं से हमें बचाती है. लेकिन ऐसे आयोजन अब भी प्रतीकात्मक ही अधिक होते हैं। दुर्भाग्य से मध्य प्रदेश में जो हुआ है, उससे बहुत उम्मीद…

  • A Perfect Attack on the Trend of Show-Off

    दिखावे की प्रवृत्ति पर सटीक चोट सत्ता का उद्देश्य क्या होना चाहिए, इसका सबसे प्रभावी उदाहरण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेश किया है। उन्होंने अपने छोटे बेटे की शादी उज्जैन के सांवराखेड़ी में 21 अन्य नवयुगलों के साथ को। इस सामूहिक विवाह में मुख्यमंत्री के बेटे का आम युगलों की तरह फेरे…