Category: Commentator

  • The Growing Problem of Private Education and Healthcare

    निजी शिक्षा और स्वास्थ्य से बढ़ी परेशानी भारत आज जब वैश्विक मंचों पर आर्थिक शक्ति, तकनीकी नेतृत्व और कूटनीतिक प्रभाव की बात कर रहा है, उसी समय करोड़ों परिवारों के सामने एक साझा चिंता खड़ी है, बच्चों की शिक्षा कितनी महंगी होगी, बीमारी आने पर इलाज कैसे होगा और कैंसर जैसी भयावह बीमारी से कैसे…

  • The Fifteen-Year Challenge

    पन्द्रह बरस की चुनौती हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कोटा अधिवेशन में श्री जयचन्द्र विद्यालंकार ने सभापति-पद से जो अभिभाषण किया है, उससे उनकी विद्वत्ता स्पष्ट रूप से झलकती है। वह उनके प्रकांड ऐतिहासिक ज्ञान का परिचायक ही नहीं, उनकी स्पष्टवादिता का भी द्योतक है। हम समझते हैं कि उनकी कुछ बातों से, विशेषकर 1920 से…

  • The Significance of This Day is Being Proven

    सिद्ध हो रही इस दिन की सार्थकता यह सही है कि साल 2014 से सुशासन दिवस मनाने की शुरुआत हुई है, लेकिन मेरा मानना है कि जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार आई है, तब से सुशासन की दिशा में लगातार काम हो रहा है। बीते 11 साल से सरकार…

  • The Purpose of Good Governance Day Remains Unfulfilled

    पूरा न हुआ सुशासन दिवस का मकसद साल 2014 से ही हर वर्ष 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है। यह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। आए हो निभाने को जब किरदार जमीं पर, कुछ ऐसा कर चलो कि जमाना मिसाल दे… मगर अफसोस, आज विरले…

  • Lessons to Learn

    सीख की बातें श्री सर्वपल्ली राधाकृष्णन और चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य इस युग के ऐसे भारतीय हैं, जो महामेधावी ही नहीं हैं, बल्कि जिनकी आयु संसार के अनुभवों से पक चुकी है। अतः इनके द्वारा कही बातों पर ध्यान न जाना अच्छा नहीं कहा जा सकता। बात भी ये ऐसी कहते हैं, जिसमें व्यापक दृष्टिकोण और उपदेश…

  • The Aravalli Controversy is Completely Baseless

    अरावली का विवाद पूरी तरह निरर्थक इन दिनों अरावली पहाड़ियों को लेकर खूब बहस चल रही है। इसे एक विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि असलियत में यह कोई विवाद है ही नहीं। यह सिर्फ दुष्प्रचार है और हर बार की तरह इस बार भी इसे फैलाने वाले वही लोग हैं,…

  • New Definition Raises Concerns

    नई परिभाषा से पैदा होतीं आशंकाएं अरावली पहाड़ियों की परिभाषा को लेकर खड़ा हुआ विवाद सिर्फ तकनीकी या कानूनी नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा यह कहे जाने के बावजूद कि अरावली क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है और उसके महज 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही…

  • Session Concludes

    सत्र का समापन संसद का वर्तमान अधिवेशन करीब एक मास की बैठक के बाद स्थगित हो गया और अब आगामी वर्ष 5 फरवरी से पुनः प्रारम्भ होगा। अंतिम दिन जन-प्रतिनिधित्व विधेयक (2) पर थोड़ी देर ही बहस हुई और उसे प्रवर समिति के सुपुर्द कर दिया गया। यह विधेयक आगामी आम चुनाव के लिए बहुत…

  • Nepal and India

    नेपाल और भारत नेपाल में अभी शांति नहीं हुई है। नेपाल कांग्रेस का संघर्ष जारी ही नहीं है, बल्कि उसकी ओर से अधिक स्थानों पर कब्जे के दावे भी किये जा रहे हैं। उधर राणाशाही के जो प्रतिनिधि दिल्ली आकर गये थे, उनकी यात्रा के परिणाम से लोग बेखबर हैं। ऐसे समय गुरुवार (21 दिसम्बर)…

  • The Purpose of Farmers’ Day Remains Unfulfilled

    किसान दिवस का मकसद अब तक अधूरा सरकारें किसानों की हमदर्द बनने के दावे तो करती हैं, पर जान-बूझकर राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए उनके मुद्दों को हवा देने का काम करती रहती हैं। अगर किसान अपने हक के लिए यूं ही सड़कों पर उतरते रहेंगे, तो खेती-बाड़ी में सुधार करने या पैदावार बढ़ाने पर…